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यूपी की बेटियों के लिए अच्छी खबर! नर्सरी से ग्रेजुएशन तक पढ़ाई का खर्च उठाएगी योगी सरकार, ऐसे करना होगा आवेदन

CM Yogi: बेटियों को सही अवसर और समय पर सहयोग मिले, तो वे परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकती हैं. यही कारण है कि यह योजना बेटियों के सम्मान, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की एक मजबूत नींव तैयार कर रही है.

Image Source: Social Media
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Kanya Sumangala Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार ने बेटियों की शिक्षा, परवरिश और सुरक्षित भविष्य को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना शुरू की है. इस योजना का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बेटी सिर्फ पैसे की कमी के कारण अपनी पढ़ाई अधूरी न छोड़े. अक्सर देखा जाता है कि कई परिवार आर्थिक मजबूरी में बेटियों की पढ़ाई पर खर्च नहीं कर पाते. इन्हीं समस्याओं को दूर करने के लिए सरकार बेटी को जन्म से लेकर कॉलेज या डिप्लोमा तक कुल 25,000 रुपये की सहायता देती है. यह राशि एक साथ नहीं आती, बल्कि छह अलग-अलग चरणों में मिलती है. इससे हर उम्र और पढ़ाई के हर पड़ाव पर परिवार को आर्थिक मदद मिलती रहती है.

हर चरण पर मिलने वाली राशि


इस योजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें बेटी की ज़िंदगी के हर ज़रूरी पड़ाव पर आर्थिक सहायता मिलती है. वन स्टॉप वन सेंटर की मनोसामाजिक परामर्शदाता चारु चौधरी के अनुसार, राशि इस तरह दी जाती है:

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1. जन्म के समय – 5,000 रुपये
बेटी के जन्म लेते ही परिवार को 5,000 रुपये दिए जाते हैं, ताकि शुरुआती खर्च और देखभाल में आसानी हो.
2. टीकाकरण पूरा होने पर – 2,000 रुपये
जब बेटी एक साल की उम्र तक अपने सभी जरूरी टीके लगवा लेती है, तो उसे 2,000 रुपये और दिए जाते हैं, जिससे स्वास्थ्य और पोषण पर ध्यान दिया जा सके. 
3. कक्षा 1 में प्रवेश पर – 3,000 रुपये
स्कूल की शुरुआत में फीस, किताबें और अन्य जरूरतों के लिए 3,000 रुपये दिए जाते हैं. 
4. कक्षा 6 में प्रवेश पर – 3,000 रुपये
मिडिल स्कूल में आने पर दोबारा 3,000 रुपये मिलते हैं, जिससे पढ़ाई के खर्च को आसानी से संभाला जा सके.
5. कक्षा 9 में प्रवेश पर – 5,000 रुपये
हाई स्कूल में कदम रखते ही 5,000 रुपये और मिलते हैं, क्योंकि इस उम्र में पढ़ाई के खर्च बढ़ जाते हैं.
6. ग्रेजुएशन या डिप्लोमा में प्रवेश पर – 7,000 रुपये
अगर बेटी 10वीं या 12वीं पास कर डिप्लोमा या ग्रेजुएशन में दाखिला लेती है, तो अंतिम चरण में 7,000 रुपये की सहायता दी जाती है. 
इन सभी चरणों को मिलाकर बेटी को कुल 25,000 रुपये की मदद मिलती है, जिससे उसकी पढ़ाई बिना किसी रुकावट के आगे बढ़ती रहती है.

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कौन उठा सकता है योजना का लाभ?

सरकार चाहती है कि इस योजना का फायदा सिर्फ उन्हीं परिवारों को मिले, जिन्हें वास्तव में मदद की जरूरत है. इसलिए कुछ शर्तें तय की गई हैं:


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  • परिवार की वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम होनी चाहिए.
  • 
एक परिवार में अधिकतम दो बेटियों को लाभ मिलेग.
यदि परिवार में तीन बेटियाँ हों और दो जुड़वा हों, तब तीनों को लाभ दिया जाएगा.
आवेदन करने के लिए
  • परिवार ऑनलाइन फॉर्म भर सकता है. अगर किसी के पास मोबाइल या इंटरनेट की सुविधा नहीं है, तो वह कॉमन सर्विस सेंटर (CSC), महिला कल्याण विभाग या जिले के प्रोबेशन ऑफिस की मदद से आसानी से आवेदन कर सकता है.

योजना से बेटियों को मिलेगा मजबूत भविष्य

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कन्या सुमंगला योजना आज हजारों बेटियों की जिंदगी बदल रही है. पहले जहां कई लड़कियों की पढ़ाई पैसों की वजह से रुक जाती थी, अब वही लड़कियाँ आत्मविश्वास के साथ पढ़-लिखकर आगे बढ़ रही हैं. यह योजना सिर्फ आर्थिक मदद नहीं, बल्कि समाज को एक मजबूत संदेश देती है- बेटियाँ बोझ नहीं, बल्कि देश का भविष्य और ताकत हैं.
यदि बेटियों को सही अवसर और समय पर सहयोग मिले, तो वे परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकती हैं. यही कारण है कि यह योजना बेटियों के सम्मान, शिक्षा और उज्ज्वल भविष्य की एक मजबूत नींव तैयार कर रही है.

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