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हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, सरकार ने बढ़ाई सैलरी

Haryana: नए नियम लागू होने के बाद सीनियर कर्मचारियों का वेतन बढ़ाकर उन्हें उनके जूनियर के बराबर किया जाएगा. इससे हजारों कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा और लंबे समय से चल रही उनकी शिकायतें भी दूर होंगी.

Image Source: Social Media
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CM Nayab Singh Saini: हरियाणा में नौकरी कर रहे सरकारी कर्मचारियों के लिए राज्य सरकार की ओर से एक बहुत बड़ा और राहत देने वाला फैसला आया है. वित्त विभाग के चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने नए आदेश जारी किए हैं, जिनके तहत उन सीनियर कर्मचारियों को फायदा मिलेगा, जिनका वेतन अब तक उनके जूनियर कर्मचारियों से कम था. कई विभागों में ऐसा देखा गया था कि किसी कारणों से जूनियर कर्मचारी को ज्यादा सैलरी मिल रही होती थी, जबकि वर्षों से सेवा दे रहे सीनियर कर्मचारी को कम वेतन मिल रहा था. अब सरकार ने इस असमानता को दूर करने का फैसला ले लिया है. नए नियम लागू होने के बाद सीनियर कर्मचारियों का वेतन बढ़ाकर उन्हें उनके जूनियर के बराबर किया जाएगा. इससे हजारों कर्मचारियों को सीधा वित्तीय लाभ मिलेगा और लंबे समय से चल रही उनकी शिकायतें भी दूर होंगी.


हर जूनियर का वेतन तुलना का आधार नहीं बनेगा


सरकार ने एक महत्वपूर्ण बात भी साफ कर दी है हर जूनियर कर्मचारी के ज्यादा वेतन को आधार बनाकर सीनियर का वेतन नहीं बढ़ाया जाएगा. अगर किसी जूनियर को किसी व्यक्तिगत कारण, विशेष परिस्थितियों, या व्यक्तिगत लाभ के चलते ज्यादा वेतन मिल रहा है, तो इस स्थिति में उसके सीनियर को फायदा नहीं दिया जाएगा.
सरकार का कहना है कि बढ़ोतरी केवल उन मामलों में मिलेगी, जहां यह वेतन असमानता वास्तव में नियमों और संरचना के कारण बनी हो, न कि किसी विशेष व्यक्तिगत भुगतान या अतिरिक्त लाभ की वजह से.

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ACP और स्टेपिंग-अप नीति से मिलेगा वेतन बढ़ोतरी का लाभ


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हरियाणा सरकार ने यह भी घोषणा की है कि अब सीनियर कर्मचारियों का वेतन एश्योर्ड करियर प्रमोशन (ACP) और स्टेपिंग-अप के आधार पर तय किया जाएगा. ACP के तहत समय-समय पर कर्मचारी को प्रमोशन जैसा वेतन लाभ मिलता है, जबकि स्टेपिंग-अप के तहत यह सुनिश्चित किया जाता है कि सीनियर का वेतन कभी भी जूनियर से कम न रहे.
लेकिन इसके लिए कर्मचारियों को ACP नियम–2016 के अंतर्गत पात्र होना आवश्यक है. इसका मतलब है कि केवल वही सीनियर कर्मचारी इस वेतन बढ़ोतरी के हकदार होंगे, जिन्होंने अपनी सेवा अवधि, पद की शर्तें, और सभी आवश्यक नियम पूरे किए हों.
इस फैसले के लागू होने से कर्मचारियों के वेतन में आने वाली असमानता खत्म होगी, और वर्षों से इंतजार कर रहे कर्मचारियों को राहत मिलेगी.


वित्तीय शक्तियों का पुनर्वितरण भी करेगा प्रक्रिया को आसान

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सरकार ने एक और बड़ा कदम उठाते हुए यह भी कहा है कि जल्द ही सभी विभागों में वित्तीय शक्तियों को फिर से री-डेलीगेट किया जाएगा. इसका मतलब है कि वेतन, प्रमोशन, वित्तीय मंजूरी, और भुगतान से जुड़े फैसले लेने के अधिकार अब अधिक स्पष्ट और सुव्यवस्थित तरीके से अधिकारियों को दिए जाएंगे.
यह बदलाव इसलिए जरूरी माना जा रहा है, ताकि पहले की तरह किसी भी फाइल या वेतन संशोधन के लिए महीनों इंतजार न करना पड़े. निर्णय तेजी से हों, कर्मचारियों का प्रमोशन और उनका वेतन समय पर तय हो सके, और पूरे प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता बनी रहे.

सालों से चल रही शिकायतें

अब होंगी दूर
सरकार का यह फैसला उन सीनियर कर्मचारियों के लिए बेहद राहत देने वाला है, जो लंबे समय से इस असमान वेतन संरचना के कारण परेशान थे. उन्हें बार-बार यह लगता था कि वर्षों की मेहनत और अनुभव के बावजूद उनका वेतन जूनियर कर्मचारियों से कम है.
अब नए आदेशों से यह समस्या खत्म हो जाएगी और सभी कर्मचारियों का वेतन उनके अनुभव, सेवा और नियमों के हिसाब से ही तय होगा. इससे न केवल कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि पूरे विभागों में कामकाज भी बेहतर होगा.

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