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गोवा नाइटक्लब अग्निकांड: ईडी की बड़ी कार्रवाई, मालिकों समेत 8–9 ठिकानों पर छापेमारी

ईडी की यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल पर केंद्रित है. एजेंसी का आरोप है कि क्लब अवैध रूप से चल रहा था और इसके प्रमोटरों ने इसमें गड़बड़ी की थी. छापेमारी दिल्ली, गोवा और हरियाणा के गुरुग्राम में कुल 8-9 जगहों पर हो रही है.

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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार सुबह से गोवा के अरपोरा में स्थित 'बर्च बाय रोमियो लेन' नाइटक्लब के मालिकों-सौरभ लूथरा, गौरव लूथरा और अजय गुप्ता के घरों और दफ्तरों पर छापेमारी शुरू की है.

यह कार्रवाई पिछले साल 6 दिसंबर 2025 को हुए उस भयानक आग हादसे के बाद की जा रही है, जिसमें नाइटक्लब में एक डांस पार्टी के दौरान आग लगने से 25 लोगों की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हुए थे.

8–9 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी

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ईडी की यह जांच मनी लॉन्ड्रिंग के एंगल पर केंद्रित है. एजेंसी का आरोप है कि क्लब अवैध रूप से चल रहा था और इसके प्रमोटरों ने इसमें गड़बड़ी की थी. छापेमारी दिल्ली, गोवा और हरियाणा के गुरुग्राम में कुल 8-9 जगहों पर हो रही है. इनमें दिल्ली के आउट्राम लेन (किंग्सवे कैंप), गुरुग्राम के तत्वम विला जैसे ठिकाने शामिल हैं. गोवा में भी कई जगहों पर सर्च ऑपरेशन चल रहा है.

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अवैध संचालन और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच

इसके अलावा, ईडी की टीमें तत्कालीन सरपंच रोशन रेडकर और पंचायत सचिव रघुवीर बागकर के घरों पर भी पहुंची हैं. इन पर क्लब को अवैध ट्रेड लाइसेंस और एनओसी जारी करने में मदद करने का आरोप है. साथ ही सुरिंदर कुमार खोसला के ठिकानों पर भी छापे मारे जा रहे हैं. जांच में यह देखा जा रहा है कि क्लब जिस खजान जमीन (नमक की जमीन या साल्ट पैन) पर बना था, उसका अवैध रूप से बदलाव कैसे किया गया और इससे जुड़ा मनी लॉन्ड्रिंग का मामला क्या है.

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खजान जमीन पर अवैध निर्माण की जांच

यह हादसा गोवा के अरपोरा गांव में 'बर्च बाय रोमियो लेन' नामक नाइटक्लब में हुआ था. आग लगने के बाद क्लब के संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी, अवैध निर्माण और फर्जी अनुमतियों के कई सवाल उठे थे. लूथरा भाइयों और अन्य आरोपियों पर पहले से ही पुलिस जांच चल रही है और कुछ लोग हिरासत में भी हैं. ईडी अब प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, ताकि अवैध कमाई और उसके स्रोतों का पता लगाया जा सके.

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यह छापेमारी उस दुखद घटना के बाद न्याय की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है, जिसमें इतनी बड़ी संख्या में निर्दोष लोगों की जान चली गई थी. जांच अभी जारी है और आगे क्या खुलासे होते हैं, इस पर सभी की नजर टिकी हुई है.

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