Advertisement

Loading Ad...

भारत में हर 16 मिनट में होता है लड़कियों का रेप, आकड़ें देख आप भी हो जायेंगे हैरान

भारत में बलात्कार की समस्या बहुत गंभीर है, आये दिन कोई न कोई केस रेप और रेप मर्डर से जुड़े सामने आते हैं जो दिल को झकझोर कर के रख देते हैं, इसके आकड़ें जानकार आप भी हैरान हो जायेंगे कि भारत में हर दिन कितनी महिलाएं रेप का शिकार होती हैं।

Loading Ad...
भारत में आये दिन रेप केस के मामले सामने आते हैं जो महिलाओं के खिलाफ होने वाले सबसे भयावह अपराधों में से एक है। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर  कई बार चर्चा की जाती है लेकिन कभी इसका समाधान नहीं निकल पाया, लेकिन आपको जानकर हैरानी होइ कि कई ख़बरों के मुताबिक भारत में हर 16 मिनट में एक लड़की का बलात्कार होता है। और ये आंकड़ा आये दिन बढ़ता जा रहा है। हर दिन नए - नए रेप के ऐसे केस सामने आ रहे हैं जिसे सुनकर होश उड़ जाते हैं। 



भारत में बलात्कार के आंकड़े -

एक रिपोर्ट के अनुसार साल 2022 में 31000 से ज्यादा बलात्कार के मामले दर्ज किए गए थे। इसका मतलब है कि हर दिन कई लड़कियों और महिलाओं के साथ बलात्कार होता है और उन्हें जान से मार भी दिया जाता है, इस घिनोने कारनामे का शिकार 4 महीने की एक छोटी बच्ची से लेकर 90 साल की बूढ़ी महिलाएं होती हैं, महिलाएं ना घर में खुद को सुरक्षित महसूस कर पाती हैं ना ही खुद को घर से बाहर सुरक्षित महसूस कर पाती हैं, जिसमें ज्यादातर घटनाएँ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र राज्यों समेत दिल्ली में होती हैं।  

बलात्कार के पीछे के कारण -

बलात्कार के बढ़ते मामलों के वैसे तो कई कारण हैं जिसमें सामाजिक मानसिकता और महिलाओं को पुरुषों से कम समझा जाना, शिक्षा और जागरूकता की कमी, और सबसे बड़ी चीज इन घटनाओं को बढ़ावा मिलता है न्यायिक प्रक्रिया में देरी और अपराधियों को समय से सजा नहीं मिल पाना। वहीँ कई केस ऐसे भी होते हैं जिसमें सरकारी अफसर, पुलिस जैसे अन्य लोग अपराधियों का साथ देते हैं। 

सरकार द्वारा उठाए गए कदम -

बलात्कार की घटनाओं में वृद्धि को रोकने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं, भारत में हुए निर्भया कांड के बाद सरकार ने साल 2013 में क्रिमिनल लॉ अमेंडमेंट एक्ट पारित किया था जिसमें बलात्कार के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। इसके तहत फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया गया ताकि बलात्कार के मामलों की सुनवाई तेजी से हो सके। इसके अलावा, बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की रोकथाम के लिए प्रोटेक्शन ऑफ़ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ओफ्फेंसेस एक्ट भी लागू किया गया है। 

भारत में बलात्कार की समस्या बहुत गंभीर है हालांकि अभी भी इसकी रोकधाम के लिए सरकार और कार्य कर रही है, लेकिन ये सिर्फ कानून की कार्रवाई पर निर्भर नहीं होना चाहिए बल्कि समाज के सभी लोगों को मिलकर अपनी सोच बदलनी होगी ताकि  इस घिनौने अपराध को जड़ से समाप्त किया जा सके। ताकि हर लड़की और महिला खुद को स्वतंत्रत और सुरक्षित महसूस कर सके। 
Loading Ad...

यह भी पढ़ें

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...