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मुर्गा, मेंढक और PDA का फुल फॉर्म... यूपी विधानसभा में सीएम योगी ने सपा पर साधा निशाना, शायराना लहजे में विपक्षी नेताओं को दिया जवाब
यूपी विधानसभा के मानसून सत्र के आखिरी दिन सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘विजन डॉक्यूमेंट’ पर चर्चा के दौरान विपक्ष को घेरा और सपा पर हमला बोला. अखिलेश यादव के PDA को “परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी” बताया और कहा कि कुछ लोग कुएं के मेंढक की तरह सिर्फ अपने परिवार तक सीमित हैं.
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उत्तर प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज आखिरी दिन खासा चर्चाओं और तंज से भरा रहा. सदन में सरकार के ‘विजन डॉक्यूमेंट’ पर चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने एक तरफ सभी पक्ष और विपक्ष के नेताओं को धन्यवाद दिया, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी और उसके मुखिया अखिलेश यादव पर तीखा जुबानी हमला बोला.
दरअसल, सीएम योगी ने अपने संबोधन की शुरुआत 24 घंटे में 187 वक्ताओं द्वारा दिए गए विचारों का ज़िक्र करते हुए की. उन्होंने कहा कि इस बहस में सभी दलों ने हिस्सा लिया और अलग-अलग मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण रखे. लेकिन सत्र के अंत में माहौल तब गरमा गया, जब उन्होंने अखिलेश यादव के सियासी फॉर्मूले PDA की नई परिभाषा पेश की.
PDA मतलब परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी
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सदन में बोलते हुए सीएम योगी ने सपा को निशाने पर लिया. इस दौरान उन्होंने कहा कि कुछ लोग कुएं के मेंढक की तरह हैं, जिन्हें दुनिया की बदलती तस्वीर नज़र नहीं आती. उनका ध्यान सिर्फ अपने परिवार तक सीमित है. योगी ने कहा, “ये PDA की बात करते हैं, लेकिन इनके लिए PDA का मतलब है परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी.” उन्होंने तंज कसा कि पूरी दुनिया आगे बढ़ रही है, लेकिन ये लोग परिवार के दायरे से बाहर निकलने को तैयार नहीं हैं.
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सपा सरकार पर अराजकता और भ्रष्टाचार के आरोप
योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2017 से पहले की सपा सरकार पर अराजकता और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि तब प्रदेश में कानून-व्यवस्था की हालत खराब थी. किसी भी नौकरी में बिना रिश्वत के काम नहीं होता था. जबकि आज, डबल इंजन की सरकार बिना भेदभाव और तुष्टीकरण के सभी को योजनाओं का लाभ दे रही है. उन्होंने कहा कि अब नौकरी में रिश्वत नहीं लगती और सभी वर्गों तक योजनाओं का लाभ पहुंच रहा है.
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CM योगी का शायराना अंदाज
सदन में अपनी बातों को रखते हुए सूबे के मुखिया का एक अलग अंदाज भी देखने को मिला. सीएम योगी ने नेता प्रतिपक्ष और सपा नेता माता प्रसाद पांडेय पर भी निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पांडेय जी उम्र में बड़े और अनुभव में समृद्ध हैं, और जब अपनी विवेक से बोलते हैं तो अच्छा बोलते हैं. लेकिन बोलते-बोलते बात मुर्गे तक पहुंच जाती है…” फिर सीएम योगी ने एक शेर के माध्यम से तंज कसा.
"बड़ा हसीन है उनकी जबान का जादू,
लगा के आग बहारों की बात करते हैं.
जिन्होंने रात में बेखौफ बस्तियां लूटीं,
वही नसीब के मारों की बात करते हैं."
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विकास के आंकड़ों से विपक्ष पर पलटवार
सीएम योगी ने कहा कि 2016-17 तक यूपी की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ थी, जो अब इस वित्तीय वर्ष के अंत तक 35 लाख करोड़ तक पहुंचने जा रही है. यूपी अब बीमारू नहीं, बल्कि रेवेन्यू सरप्लस स्टेट के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है. उन्होंने कहा कि आजादी के समय यूपी की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत के बराबर थी, लेकिन 2017 में यह राष्ट्रीय औसत का मात्र एक तिहाई रह गई थी. सीएम ने कहा कि 1947 से 2017 तक, कुछ कालखंडों को छोड़ दें तो यूपी की स्थिति गंभीर रही. उद्योग बंद हो रहे थे, नदियों और श्रमबल की मौजूदगी के बावजूद विकास की रफ्तार धीमी थी. 2016-17 में यूपी की नेशनल जीडीपी में हिस्सेदारी घटकर 8 फीसदी रह गई थी, जबकि 1950-60 के दशक में यह 14 फीसदी थी. निर्यात का हाल भी खराब था, उस समय यूपी सिर्फ 84 हजार करोड़ का निर्यात करता था.
भारत की अर्थव्यवस्था में योगदान पर जोर
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सीएम योगी ने कहा कि आज भारत विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है. लेकिन उन्होंने विपक्ष को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा, “आपने छठी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को 11वें पायदान तक पहुंचा दिया था. हमने पिछले 11 साल में भारत को 11वें से चौथे स्थान तक पहुंचाया है.” अपने भाषण के दौरान सीएम ने कहा कि अब सरकार सभी को योजनाओं का लाभ दे रही है, चाहे वो किसी भी वर्ग, जाति या धर्म का हो. पहले तुष्टीकरण की राजनीति होती थी, लेकिन अब सबके संतुष्टीकरण पर जोर दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यही बदलाव यूपी को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जा रहा है.
विपक्ष का पलटवार भी जारी
सीएम के इन बयानों पर विपक्ष की तरफ से भी पलटवार हुआ. सपा नेताओं का कहना है कि सरकार अपने काम के बजाय विपक्ष पर हमले करने में ज्यादा वक्त बर्बाद कर रही है. लेकिन योगी आदित्यनाथ का कहना है कि सच्चाई को बयानों से नहीं, बल्कि आंकड़ों से परखा जाए.
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बताते चलें कि आज का आखिरी दिन इस बात का गवाह बना कि यूपी विधानसभा का मानसून सत्र राजनीतिक हमलों और विकास के दावों से भरा रहा. एक तरफ सरकार ने अपने विजन और उपलब्धियों को गिनाया, तो दूसरी तरफ विपक्ष ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए. लेकिन PDA की नई परिभाषा ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ ने न सिर्फ सदन का माहौल गरमाया, बल्कि सियासी चर्चाओं को भी नई दिशा दे दी.