Advertisement
पाकिस्तान की यारी तुर्की-अजरबैजान को पड़ी भारी , भारतीय ट्रैवल कंपनियों ने लिया बड़ा फैसला
ईजमाईट्रिप, कॉक्स एंड किंग्स और ट्रैवोमिंट ने तुर्किये और अजरबैजान के लिए बुकिंग पर पूरी तरह रोक लगाने की घोषणा की है, जो राष्ट्रीय भावना के अनुरूप है.
Advertisement
भारत-पाकिस्तान के बीच मौजूदा संघर्ष में पाकिस्तान का समर्थन करने के लिए प्रमुख ट्रैवल कंपनियों ने तुर्किये और अजरबैजान को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इन दोनों देशों के लिए सभी पैकेज निलंबित कर दिए हैं.
पाकिस्तान का समर्थन करना तुर्किये और अजरबैजान को पड़ा भारी
Advertisement
Advertisement
दोनों ही देश भारत-पाकिस्तान के इस संघर्ष में पाकिस्तान को सार्वजनिक रूप से समर्थन दे रहे हैं.
Advertisement
ईजमाईट्रिप, कॉक्स एंड किंग्स और ट्रैवोमिंट ने तुर्किये और अजरबैजान के लिए बुकिंग पर पूरी तरह रोक लगाने की घोषणा की है, जो राष्ट्रीय भावना के अनुरूप है.
यह निर्णय एक व्यापक उद्योग बदलाव को दर्शाता है, जहां व्यवसाय अपने अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव और राष्ट्रीय हितों पर उनके प्रभाव के बारे में तेजी से सचेत हो रहे हैं.
Advertisement
Cox & Kings ने लिया बड़ा फैसला
Advertisement
कॉक्स एंड किंग्स के निदेशक करण अग्रवाल ने कहा, "हाल के घटनाक्रमों के मद्देनजर हमने अजरबैजान, उज्बेकिस्तान और तुर्किये के लिए सभी नए यात्रा प्रस्तावों को रोकने का फैसला किया है. यह निर्णय हमारे और हमारे देश के लोगों के लिए महत्वपूर्ण सिद्धांतों को बनाए रखने की हमारी प्रतिबद्धता से प्रेरित है."
उन्होंने भारतीय यात्रियों को सलाह दी कि जब तक स्थिति स्पष्ट न हो जाए, वे इन गंतव्यों से बचें.
Advertisement
ईजमाईट्रिप के संस्थापक और अध्यक्ष निशांत पिट्टी ने इन अनिश्चित समय में यात्रियों की सुरक्षा के महत्व पर जोर दिया.
Advertisement
उन्होंने कहा, "हाल के घटनाक्रमों से हम बहुत चिंतित हैं. ईजमाईट्रिप में यात्रियों की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है. हम अपने सभी ग्राहकों को सलाह देते हैं कि वे अत्यधिक सावधानी बरतें और संवेदनशील क्षेत्रों की यात्रा की योजना बनाने से पहले आधिकारिक सलाह की जानकारी लेते रहें."
इसके तुरंत बाद ट्रैवोमिंट भी इस अभियान में शामिल हो गया.
Advertisement
सीईओ आलोक के. सिंह ने कंपनी के रुख की पुष्टि करते हुए कहा, "पाकिस्तान और तुर्किये तथा अजरबैजान जैसे देशों के साथ बढ़ते तनाव के कारण, हमने ट्रैवोमिंट में एक दृढ़ और जिम्मेदाराना रुख अपनाया है. हमने तुर्किये और अजरबैजान का बहिष्कार करने के भारतीयों के आह्वान का समर्थन करने का फैसला किया है."
Advertisement
यह कार्रवाई तब हुई जब तुर्किये और अजरबैजान दोनों ने आतंकी ठिकानों पर भारत के जवाबी हमलों के बाद पाकिस्तान के साथ एकजुटता व्यक्त की.
अजरबैजान की सरकार ने भारत की सैन्य कार्रवाई की निंदा करते हुए एक बयान जारी किया, जिसमें नागरिकों के हताहत होने पर चिंता व्यक्त की गई और कूटनीतिक समाधान का आग्रह किया गया.
Advertisement
यह भी पढ़ें
इसी तरह, तुर्किये के विदेश मंत्रालय ने भारत के हवाई हमले को उकसाने वाला कदम बताया और युद्ध के जोखिम की चेतावनी दी. भारत ने पाया है कि तुर्किये निर्मित एसिसगार्ड सोंगर ड्रोन पाकिस्तान द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे हैं.