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पूर्व पीएम Manmohan Singh ने PM Modi पर उठाए सवाल, दिया ये बड़ा बयान

एक तरफ पीएम मोदी हैं जो कुछ वक़्त पहले तक मनमोहन सिंह की तारीफ कर रहे थे, दूसरी तरफ मनमोहन सिंह ने सिखों के सामने उन्हीं की शिकायत करना शुरु कर दिया।

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Narendra Modi : देश के प्रधानमंत्री Narendra Modi  चुनावी हुंकार भरने के बाद अब 45 घंटों के ध्यान के लिए तमिलनाडु के विवेकानंद रॉक मेमोरियल में हैं। देश-दुनिया-राजनीति से कोसो दूर अब पीएम पूरी तरह से ख़ुद में लीन हैं, तो उन्हें घेरने का, उनपर कटाक्ष करने का इससे अच्छा मौक़ा कांग्रेसियों के पास और क्या हो सकता है ? तभी तो कल तक जिन मनमोहन की तारीफ़ करते पीएम मोदी थक नहीं रहे थे उन्हीं मनमोहन सिंह ने पीएम को नफरती और असंसदीय बता डाला है। पीएम पद की गरिमा को कमजोर करने का आरोप तक लगा दिया है।


अभी कुछ वक़्त पहले की ही तो बात है जब पुरानी संसद में आख़िरी भाषण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्व प्रधानमंत्री की तारीफ़ में कसीदे पढ़े थे।और लीजिए चुनावों को लेकर सामने आए Exit polls में INDIA गठबंधन की ख़राब हालत को देखते हुए अब कांग्रेस ने मनमोहन सिंह को ना चाहते हुए भी मैदान में उतार दिया है। अब इसे मजबूरी कहिए या फिर कांग्रेस की सच्चाई कि 91 साल के मनमोहन सिंह जिनकी तबीयत भी बहुत नासाज़ रहती है, उन्हें आगे आकर देश की जनता के सामने नरेंद्र मोदी की बुराई करनी पड़ रही है। उन्हें पीएम मोदी को असंसदीय भाषा का इस्तेमाल करने के साथ साथ नफरती बता डाला।मनमोहन सिंह का नरेंद्र मोदी पर ये बयान हर किसी को चौंका रहा है।



लोकसभा चुनाव के सातवें और आख़िरी चरण के मतदान से ठीक पहले पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पीएम मोदी को लेकर बहुत बड़ी बड़ी और विवादास्पद बातें कही हैं।मनमोहन सिंह ने पंजाब की जनता को ख़त लिखते हुए नरेंद्र मोदी के लिए क्या कुछ कहा है जरा सुनिए।

"पीएम मोदी एक विशेष समुदाय को टार्गेट करते हैं और नफरती और असंसदीय भाषण देते हैं। मोदी ने प्रधानमंत्री पद की गरिमा को कमजोर किया है। किसानों की राष्ट्रीय आय औसत मासिक आय सिर्फ़ 27 रूपये प्रति दिन है, जबकि किसान औसत क़र्ज़ 27000 रूपये है। ईंधन और उर्वरक की उच्च लागत, कम से कम 35 कृषि संबंधित उपकरणों पर जीएसटी और कृषि निर्यात और आयात को लेकर मनमाने ढंग से लिए गए फ़ैसलों ने हमारे किसान परिवारों की बचत को ख़त्म कर दिया है और उन्हें समाज के हाशिए पर धकेल दिया है। पिछले 10 साल में देश की अर्थव्यवस्था में अकल्पनीय उथल पथल देखी गई "। 

नोटबंदी की आपदा, जीएसटी और कोविड 19 के दौरान कुप्रबंधन के परिणामस्वरूप एक दयनीय स्थिति पैदा हुई। लगभग 750 किसान जिनमें ज्यादातार पंजाब के थे, दिल्ली की सीमाओं पर महीनों इंतज़ार कर रहे और फिर मर गए। पीएम ने संसद में आंदोलनजीवी और परजीवी कहकर मौखिक रूप से हमारे किसानों पर हमला किया। 10 सालों में बीजेपी सरकार ने पंजाब, पंजाबियों और पंजाबियान को बदनाम करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है "।

ये बयान मनमोहन का ऐसे वक़्त में आया है जब चुनावों के बीच पीएम मोदी ने देश की संपत्ति को लेकर मनमोहन के पुराने बयान का ज़िक्र किया था। पीएम ने कहा था कि वो आपसे लेकर आपकी संपत्ति उनको बांटेंगे जिनके ज़्यादा बच्चे हैं।


बहरहाल, पीएम मोदी के ख़िलाफ़ मनमोहन के इस बयान को अब आप किस तरह से देखते हैं 
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