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पहले पहलगाम के गुनहगारों को ठोका, अब सहूलतकार को दबोचा... J&K में सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी, एक आतंकी को किया गिरफ्तार
जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पहलगाम आतंकी हमले में आतंकियों को सहायता देने वाले लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य को गिरफ्तार किया है. वो पेशे से टीचर है. इस आतंकी हमले में 26 निर्दोष लोगों की मौत हुई थी. गिरफ्तारी श्रीनगर पुलिस ने की है और आरोपी मोहम्मद कटारिया को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
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पहलगाम आतंकी हमले के गुनहगारों को खोज रही भारतीय सेना और सुरक्षाबलों को बड़ी कामयाबी हासिल हुई है. इस घटना के करीब 5 महीने बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पाकिस्तानी आतंकियों और इस जघन्य हत्याकांड को अजाम देने वाले आतंकियों को पनाह देने और मदद करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. J&K पुलिस की गिरफ्त में आए सहूलतकारों की पहचान दक्षिण कश्मीर के मो. यूसुफ कटारिया के रूप में हुई है. 26 वर्षीय यूसुफ कटारिया जम्मू-कश्मीर में टीचर है. उसके बारे में कहा जाता है कि वो लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ है. घाटी की श्रीनगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है. कटारिया को अदालत में पेश किया गया, जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
ऑपरेशन महादेव से मिले थे इनपुट
जम्मू-कश्मीर पुलिस के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार जुलाई में चिनार कोर द्वारा ऑपरेशन महादेव के दौरान मारे गए लश्कर आतंकवादियों से बरामद उपकरणों और हथियारों की जांच के आधार पर पुलिस का शक मोहम्मद कटारिया तक पहुंचा. आपको बता दें कि ऑपरेशन महादेव में सुरक्षाबलों ने तीन पाकिस्तानी आतंकवादियों को मार गिराया गया था, जो पहलगाम हमले के लिए जिम्मेदार थे.
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क्या था ऑपरेशन महादेव?
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आपको बता दें कि बीते जुलाई 28 तारीख को जम्मू-कश्मीर के लिडवास इलाके में सोमवार को सुरक्षाबलों को आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली थी। सेना के जवानों ने 'ऑपरेशन महादेव' के तहत तीन आतंकियों को मार गिराया। यह मुठभेड़ लिडवास में हुई, जहां सेना ने आतंकियों की घेराबंदी कर उन्हें मार गिराया था। चिनार कॉर्प्स ने इस ऑपरेशन का नेतृत्व किया था.
खुफिया सूचना के आधार पर लिडवास इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया था। इस दौरान सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई, जो कई घंटों तक चली।
फिर जाकर मुठभेड़ में तीन आतंकियों को मार गिराने में सुरक्षाबलों को सफलता मिली।
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'ऑपरेशन महादेव' को हाल के समय में घाटी में आतंकवाद के खिलाफ एक बड़ी रणनीतिक सफलता माना गया। यह ऑपरेशन इस बात का संकेत है कि सेना और अन्य सुरक्षाबल आतंकवाद को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरी मुस्तैदी और सटीक रणनीति के साथ जुटे हुए हैं।
निर्दोष लोगों की जान ली गई थी, बदला लिया गया
22 अप्रैल को पहलगाम के बैसरन मैदान में पाकिस्तान समर्थित लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों द्वारा किए गए आतंकवादी हमले, जिसमें 26 लोग मारे गए थे, के बाद से आतंकवाद-रोधी अभियान आतंकवादियों के नापाक मंसूबों को विफल करने के लिए अत्याधुनिक तकनीक और मानव खुफिया जानकारी का उपयोग कर रहे हैं।
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पहलगाम में हुए जघन्य आतंकवादी हमले ने पूरे देश को आक्रोशित कर दिया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहलगाम हमले का बदला लेने के लिए सशस्त्र बलों को खुली छूट दे दी। भारतीय सशस्त्र बलों ने पाकिस्तान के भीतर आतंकी ढांचे पर लक्षित हमले किए और नौ आतंकी ठिकानों को नष्ट कर दिया।