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"फायरिंग नहीं मर्डर है, अफसरों पर बड़ी कार्रवाई होनी चाहिए", संभल हिंसा पर बोले असदुद्दीन ओवैसी

संभल हिंसा पर राजनीति तेज हो गई है। विपक्षी दलों ने यूपी सरकार के अफसरों पर हत्या का आरोप लगाया है। विपक्षी दल के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने कहा है कि "यह फायरिंग नहीं मर्डर है" !

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संभल में शाही जामा मस्जिद सर्वे को लेकर शुरू हुई आगजनी और हिंसा के बाद राजनीति तेज हो गई है। इस हिंसा में अब तक 4 लोगों की मौत और कई अन्य घायल हुए। संभल हिंसा पर पक्ष और विपक्ष अब आपस में भिड़ रहे हैं। जहां सत्ता में मौजूद योगी सरकार हालात को काबू करने में लगी है। तो दूसरी तरफ विपक्ष लगातार सरकार को घेरने में लगा हुआ है। विपक्षी दल सरकार के मंशे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। कई नेताओं ने पुलिस पर जानबूझकर हत्या करने का आरोप लगाया है। इस बीच एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने पुलिस अधिकारियों पर हत्या का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। बता दें कि इस हिंसा में 4 मुस्लिम युवकों की मौत हुई है। 

"ये फायरिंग नहीं मर्डर है" अफसरों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए 


एआईएमआईएम के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, "हिंसा के कई वीडियो पब्लिक डोमेन में हैं। वहां जो हिंसा हुई है। जिसमें 3 मुसलमानों की मौत हुई है। जिसकी वजह से उनकी मौत हुई है। हम इस बात को खारिज करते हैं। यह फायरिंग नहीं मर्डर है"। जब से बाबरी मस्जिद और राम मंदिर का जजमेंट आया है। तभी इस फैसले के बाद एक के बाद एक ऐसे ही मामले सामने आ रहे हैं। ASI के कानून में नहीं है कि वह किसी धार्मिक जगह का नेचर चेंज नहीं कर सकते। किस बुनियाद पर ये कर रहे हैं और किस बुनियाद पर आप अपनी भावनाओं को दूसरों पर थोपेंगे। कानून कोई चीज है भी या नहीं। 

संभल में जुल्म हो रहा है जिस दिन सर्वे होता है उस दिन हत्या हो जाती है? 


ओवैसी ने कहा, "जिस दिन कोर्ट में सुनवाई होती है। उसी दिन ऑर्डर और उसी दिन सर्वे हो जाता है। साल 1948 बाबरी मस्जिद के दौरान भी ऐसा ही हुआ था। यह फायरिंग नहीं मर्डर है, इसमें जो लोग भी शामिल है उन्हें सस्पेंड किया जाना चाहिए। हाईकोर्ट के सीटिंग जज द्वारा कमेटी बनाई जानी चाहिए। यह गलत है। संभल में जुल्म हो रहा है।" 

संभल हिंसा में 4 की मौत कई अन्य घायल 


संभल की शाही जामा मस्जिद सर्वे के दौरान शुरू हुए बवाल के बाद अब तक 4 लोगों को मौत और कई अन्य घायल हुए हैं। इनमें कई सुरक्षाकर्मी भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई शुरू कर दी है। इनमें सभी पर NSA के तहत कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। बता दें कि हिंदू पक्ष द्वारा शाही जामा मस्जिद में पूर्व में भगवान विष्णु के मंदिर होने का दावा किया गया था। जिस पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए सर्वे का आदेश दिया था। पहला सर्वे 19 नवंबर को हुआ था। दूसरा 24 नवंबर को होना था। लेकिन सर्वे करने आई टीम और सुरक्षाकर्मियों पर 2000 से ज्यादा लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया। जिसके बाद यह पूरा बवाल बढ़ गया। 
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