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UP का फीडबैक, पंजाब के लिए अलग तैयारी... मिशन 2027 की तैयारी में जुटी BJP, संगठन को नए सिरे से गढ़ने की कवायद तेज
बीजेपी भले ही अप्रैल में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर फोकस कर रही है, लेकिन पार्टी ने 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी भी शुरू कर दी है. इसके तहत यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा और गुजरात समेत कई राज्यों से संगठनात्मक फीडबैक लिया जा रहा है
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भारतीय जनता पार्टी फिलहाल अप्रैल में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों पर पूरा ध्यान केंद्रित किए हुए है, लेकिन पार्टी की नजर इससे आगे वर्ष 2027 में होने वाले बड़े विधानसभा चुनावों पर भी टिकी हुई है. इसी को ध्यान में रखते हुए बीजेपी ने संगठनात्मक स्तर पर दीर्घकालिक रणनीति पर काम शुरू कर दिया है. पार्टी नेतृत्व विभिन्न राज्यों से फीडबैक जुटा रहा है, ताकि आने वाले वर्षों के लिए मजबूत और प्रभावी संगठनात्मक ढांचा तैयार किया जा सके.
इन राज्यों से लिया जा रहा फीडबैक
यह रणनीति इसलिए भी अहम मानी जा रही है, क्योंकि वर्ष 2027 में देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश समेत कई महत्वपूर्ण राज्यों में विधानसभा चुनाव होने हैं. बीजेपी की परंपरा रही है कि वह चुनावी तैयारी केवल नजदीकी मुकाबलों तक सीमित नहीं रखती, बल्कि लंबे समय की योजना बनाकर संगठन को मजबूत करती है. इसी सोच के तहत पार्टी ने अभी से यूपी, उत्तराखंड, पंजाब, मणिपुर, गोवा और गुजरात जैसे राज्यों से संगठन और सरकार के प्रदर्शन को लेकर फीडबैक लेना शुरू कर दिया है.
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अप्रैल में इन राज्यों में होंगे विधानसभा के चुनाव
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इससे पहले पार्टी के सामने पश्चिम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी के विधानसभा चुनाव बड़ी चुनौती बने हुए हैं. इन चुनावों में बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है और केंद्रीय नेतृत्व लगातार राज्यों के दौरे कर रहा है. हालांकि, संगठन के भीतर यह साफ कर दिया गया है कि अप्रैल के चुनावों के साथ-साथ भविष्य की तैयारियां भी समानांतर चलती रहेंगी. इसके साथ ही बीजेपी संगठन में इस महीने एक अहम बदलाव भी होने जा रहा है. पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष का विधिवत चुनाव इसी माह पूरा होने की संभावना है. कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन के ही नए अध्यक्ष बनने की चर्चा है. उनके नेतृत्व में चुनावी राज्यों की संगठनात्मक तैयारियों को और धार दी जाएगी. सूत्रों के मुताबिक, नितिन नबीन अपने दौरों में खासतौर पर उन राज्यों पर ज्यादा फोकस करेंगे, जहां आने वाले समय में चुनाव होने हैं.
नई टीम का हो रहा गठन
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चुनावी दृष्टि से नई टीम के गठन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. जिन राज्यों में संगठन में बदलाव किए जा रहे हैं, वहां यह देखा जा रहा है कि स्थानीय समीकरणों और चुनावी जरूरतों के हिसाब से ढांचा कैसा होना चाहिए. गुजरात में अगले साल दिसंबर में चुनाव होने हैं, लेकिन उससे पहले उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में फरवरी में होने वाले चुनाव बेहद अहम माने जा रहे हैं. उत्तर प्रदेश में नए प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के बाद संगठन की नई टीम और संभावित मंत्रिमंडल विस्तार भी पूरी तरह चुनावी रणनीति के तहत किया जाएगा.
पंजाब के लिए नई प्लानिंग
पंजाब को लेकर बीजेपी की तैयारी अन्य राज्यों से अलग बताई जा रही है. वहां पार्टी की सरकार नहीं होने के कारण संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है. वहीं, जिन राज्यों में बीजेपी की सरकार है, वहां सत्ता बरकरार रखने के लिए संगठन और सरकार के तालमेल को और बेहतर बनाने की रणनीति अपनाई जा रही है. कुल मिलाकर बीजेपी की यह कवायद साफ संकेत देती है कि पार्टी 2027 की लड़ाई को अभी से गंभीरता से ले रही है.
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बताते चलें कि बीजेपी की मौजूदा रणनीति यह दिखाती है कि पार्टी सिर्फ नजदीकी चुनावों तक सीमित नहीं रहना चाहती. संगठनात्मक मजबूती, फीडबैक आधारित फैसले और राज्यों के हिसाब से अलग-अलग रणनीति के जरिए बीजेपी आने वाले चुनावी दौर के लिए अभी से अपनी जमीन मजबूत करने में जुटी हुई है.