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संभल में CM योगी के बुलडोजर एक्शन का खौफ, मुस्लिमों ने ही अवैध मस्जिद पर चलाया हथौड़ा, बाकी काम प्रशासन ने कर दिया

संभल में योगी राज का खौफ देखने को मिला है. इससे पहले कि प्रशासन अवैध मस्जिद पर बुलडोजर एक्शन लेता, उसे ढहाता, मुस्लिम समुदाय के लोगों ने खुद ही छेनी-हथौड़ी के माध्यम से ढांचे को ध्वस्त कर दिया. हालांकि बाकी के बचे काम को प्रशासन ने जाकर पूरा कर दिया.

Sambhal Mosque/ Screengrab
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योगी राज में अवैध कब्जे और निर्माण के खिलाफ कार्रवाई को लेकर कितना खौफ है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि असमोली के सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में ग्राम समाज की भूमि पर बनी अवैध मदीना मस्जिद को मुस्लिम समाज के लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही खुद तोड़ डाला.

आपको बता दें कि संभल के हाजीपुर गांव में 4 जनवरी 2026 को प्रशासन द्वारा अवैध मस्जिद पर बुलडोजर चलना था, लेकिन मस्जिद कमेटी ने प्रशासनिक कार्रवाई से पहले ही बीती रात 12 बजे के बाद 439 वर्ग मीटर में बनी मदीना मस्जिद को खुद ही ध्वस्त करना शुरू कर दिया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तहसीलदार धीरेंद्र प्रताप सिंह के नेतृत्व में 31 राजस्व अधिकारियों की टीम भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में सुबह 10 बजे यह कार्रवाई करने वाली थी, लेकिन उससे पहले ही ढांचा मलबे में तब्दील हो गया. 2018 से लगातार चल रही कानूनी प्रक्रिया और सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की पुष्टि के बाद यह बुलडोजर एक्शन होना था, लेकिन लोगों ने खुद ही अवैध निर्माण को तोड़ डाला. हालांकि लोग लोहे-लकड़ी के दरवाजे, खिड़कियां और अन्य उपयोगी सामान निकाल ले गए.

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'4 जनवरी को ध्वस्त होना था ढांचा, लेकिन...'

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जानकारी के मुताबिक प्रशासन ने ऐलान किया था कि 4 जनवरी को अवैध कब्जे को ढहा दिया जाएगा. हालांकि योगी सरकार की कार्रवाई से खौफजदा मस्जिद कमेटी और मुस्लिम समुदाय ने स्थानीय लोगों के साथ मिलकर हथौड़ा लेकर अवैध निर्माण गिराना शुरू कर दिया. लोगों ने बीती रात 12 बजे से यह ढांचा तोड़ना शुरू किया और सुबह होते-होते पूरी मस्जिद मलबे के ढेर में तब्दील हो गई. तहसीलदार ने भी इसकी तारीफ करते हुए कहा कि यदि लोग खुद कब्जा हटा रहे हैं, तो यह अच्छी बात है.

सरकारी जमीन पर बनी थी मस्जिद!

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सलेमपुर सलार उर्फ हाजीपुर में मदीना मस्जिद को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था. गांव की करीब 439 वर्ग मीटर जमीन पर करीब एक दशक पहले अवैध रूप से मदीना मस्जिद का निर्माण किया गया था. जांच के बाद 14 जून 2018 को लेखपाल ने इसे अवैध निर्माण बताते हुए रिपोर्ट दी थी. इसके बाद तहसीलदार न्यायालय में ग्राम सभा बनाम हाजी शमीम मुतवल्ली के नाम से विधिवत वाद दर्ज हुआ और सुनवाई शुरू की गई.

सुनवाई में साबित हुआ अवैध कब्जे का मामला!

राजस्व अभिलेखों के अनुसार गांव लेमपुर सालार उर्फ हाजीपुर में गाटा संख्या 641 ग्राम समाज की नवीन परती भूमि है. यह वह कृषि योग्य जमीन होती है, जिसे एक या कुछ मौसमों के लिए खेती से खाली छोड़ा जाता है, ताकि मिट्टी फिर से उपजाऊ बन सके.

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सुनवाई के दौरान प्रस्तुत तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट हुआ कि मस्जिद का निर्माण अवैध है. इसके बाद 28 दिसंबर को प्रशासन ने नायब तहसीलदार बबलू कुमार के नेतृत्व में लेखपाल अरविंद कुमार सिंह और दीपक कुमार जुरैल की टीम बनाकर दोबारा मौके का मुआयना कराया. जांच में अवैध कब्जा पाए जाने पर हाजी शमीम के खिलाफ बेदखली का आदेश जारी किया गया. साथ ही सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के आरोप में 8.78 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया. तहसीलदार धीरेंद्र सिंह ने बताया कि तथ्यों, दस्तावेजों और साक्ष्यों के आधार पर मस्जिद का निर्माण अवैध पाया गया है.

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प्रशासन की ओर से तय किया गया था कि 4 जनवरी को मस्जिद को ध्वस्त किया जाएगा. हालांकि, इससे एक दिन पहले ही शनिवार को मुस्लिम समाज के लोगों ने खुद ही मस्जिद का ढांचा हटाना शुरू कर दिया. हालांकि इसके बावजूद प्रशासन पूरे दल-बल के साथ बुलडोजर लेकर पहुंचा और बाकी का बचा ढांचा भी साफ कर दिया.

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