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"दो दिन में फसलें काट लें किसान" BSF का सख्त आदेश, क्या सीमा पर होने वाला है कुछ बड़ा

भारत-पाकिस्तान सीमा पर बढ़ते तनाव के बीच अमृतसर के सीमावर्ती गांवों में गुरुद्वारों से किसानों को चेतावनी दी गई है कि वे अपनी फसलें दो दिन के भीतर काट लें। बीएसएफ के आदेश पर सरपंचों और ग्रंथियों ने गांवों में एलान कर किसानों से तेजी से फसल कटाई की अपील की है।

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अमृतसर के सीमावर्ती गांवों में इन दिनों माहौल कुछ अलग सा है. खेतों में हलचल तेज है. किसान अपने हल, ट्रैक्टर और दरांती लेकर फसल काटने में जुट गए हैं. लेकिन इस बार वजह केवल अच्छी फसल या मौसम नहीं है. वजह है एक गंभीर चेतावनी, जो गुरुद्वारों के लाउडस्पीकर से गूंज रही है. चेतावनी यह है कि दो दिन के भीतर फसलें काट लो, नहीं तो मौका हाथ से निकल जाएगा.

यह चेतावनी भारतीय सीमा सुरक्षा बल यानी BSF के निर्देश पर दी जा रही है. हाल ही में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और बढ़ गया है. इसी को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे इलाकों में सुरक्षा के लिहाज से कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं.

गुरुद्वारों से दी जा रही अपील

रोड़ावाला गांव के गुरुद्वारा साहिब से हुई घोषणा ने इलाके के हर व्यक्ति को चौंका दिया. सरपंच तरसेम सिंह ने खुद गुरुद्वारे में खड़े होकर लोगों से कहा कि जिन किसानों की जमीन सीमा के पार तारों के दूसरी ओर है, वे तुरंत अपनी फसल काट लें. दो दिन के भीतर हर हाल में फसल हटानी होगी. इसके बाद सीमा पर लगे गेट्स पूरी तरह सील कर दिए जाएंगे और फिर किसी भी किसान को उस पार जाने की अनुमति नहीं मिलेगी.

यह आदेश सीधे BSF अधिकारियों की ओर से दिया गया था. गांव के ग्रंथी ने भी अपने संबोधन में इस आदेश की गंभीरता को समझाते हुए लोगों से सहयोग करने की अपील की. पूरे गांव में एक तरह की बेचैनी का माहौल बन गया. 

रोड़ावाला गांव के सरपंच तरसेम सिंह ने मीडिया से बातचीत में बताया कि यह समय बेहद संवेदनशील है. बीएसएफ ने हमें सख्त निर्देश दिए हैं. सुरक्षा व्यवस्था सर्वोच्च प्राथमिकता है. हम अपने देश के साथ हैं और अपने किसानों से भी अनुरोध किया गया है कि वे बिना किसी देरी के अपनी फसलें समेट लें. उन्होंने कहा, "देश पहले है, बाकी सब बाद में. चाहे जितनी भी मुश्किल हो, हम अपने सैनिकों के साथ हैं."

पहलगाम आतंकी हमले के बाद बढ़ा तनाव

इस पूरे घटनाक्रम की जड़ पहलगाम में हुआ हालिया आतंकी हमला है. इस हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है. सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हो गई हैं. सीमा पर गतिविधियां तेज हो गई हैं. BSF और भारतीय सेना ने हर मोर्चे पर अपनी तैयारियां बढ़ा दी हैं. इसी कड़ी में किसानों को दी गई यह चेतावनी एक बड़ा कदम है, ताकि भविष्य में किसी भी तरह की परेशानी से बचा जा सके.

बीएसएफ की सख्त तैयारी

बीएसएफ ने भी अपने स्तर पर पूरी तैयारी कर ली है. सीमा पर पेट्रोलिंग बढ़ा दी गई है. गांव के पास के सभी रास्तों पर चौकसी बढ़ा दी गई है. हर गेट पर अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए गए हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सेना और सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं. बीएसएफ के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि इस कदम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीमा पार से किसी भी तरह की घुसपैठ या अन्य गतिविधियों पर लगाम लगाई जा सके. किसान सहयोग कर रहे हैं, जो बहुत सराहनीय है.

इन मुश्किल हालातों में भी भारत का हर किसान, हर जवान, हर नागरिक एक सुर में यही कह रहा है "देश रहेगा तो हम रहेंगे. हमारी फसलें फिर लहलहाएंगी. लेकिन सबसे पहले है भारत मां की रक्षा.
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