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खून से लेटर लिखकर फरहारी बाबा ने योगी से की अविमुक्तेश्वरानंद की शिकायत, कुंभ से शंकराचार्य को हटाने की मांग!

महाकुंभ को लेकर एक तरफ़ जहां साधु संत ख़ुशी ज़ाहिर कर रहे है योगी आदित्यनाथ की तारीफ़ कर रहे हैं वहीं दूसरी तरफ़ अविमुक्तेश्वरानंद कुंभ को लेकर योगी सरकार पर टिप्पणी कर बुरे फँस गए हैं. अब संत दिनेश फलहारी ने उनके ख़िलाफ़ खून से लेटर लिखकर योगी आदित्यनाथ के पास भेजा है. और अविमुक्तेश्वरानंद को कुंभ से हटाने की मांग कर दी है

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महाकुंभ भगदड़ में 30 श्रद्धालुओं की मौत के बाद योगी आदित्यनाथ का इस्तीफ़ा माँगने वाले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद बुरे फंस गए हैं। क्योंकि उनके ख़िलाफ़ ना सिर्फ़ कुंभ के बाक़ी साधु संत खड़े हो गए हैं। बल्कि अविमुक्तेश्वानंद को कुंभ के हटाने की तैयारी संतों ने शुरू कर दिया है। इसके लिए बक़ायदा योगी आदित्यनाथ से शिकायत की गई है।खून से लेटर लिखकर योगी आदित्यनाथ के पास भेजा गया है।और जो माँग उठाईं गई है। उससे शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के ख़ेमे में हड़कंप की मच जाएगा। दरअसल संत दिनेश फलहारी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से लेटर लिखा है। अपने लेटर में अपील की है कि अविमुक्तेश्वरानंद को कुंभ से तुरंत बाहर कर देना चाहिए। क्योंकि कुंभ में सनातन के ख़िलाफ़ ही काम करने वालों के लिए जगह नहीं है।


शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर दिनेश फलहारी के आरोप यहीं ख़त्म नहीं हुई। आगे उन्होंने कुंभ को बदनाम करने वालों को और सख़्त लहजे में आईना दिखाया और आरोप लगाया कि बड़े लेवल पर कुछ लोग कुंभ के ज़रिए योगी आदित्यनाथ की इमेज ख़राब करने के लिए कुछ भी कर सकते हैं। इसलिए योगी को आगे आकर ऐसे लोगों के ख़िलाफ़ तेज़ी से एक्शन लेने की ज़रूरत है।

दरअसल अब ये आरोप क्यों शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर लगाए जा रहे हैं।चलिए पन्ने पलटते हैं। और विस्तार से मामला बताते हैं।दरअसल जब महाकुंभ में भगदड़ मची। हादसे में 30 लोगों की मौत हुई।तो छूटते ही घात लगाए बैठे योगी विरोधी मैदान में आए। योगी आदित्यनाथ सरकार की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।और तो और अखिलेश यादव से राहुल गांधी तक कुंभ में भगदड़ में ऐसे बवाल काटते दिखे। जैसे मानों कुंभ में किसी भी अनहोनी का ये लोग इंतज़ार कर रहे थे। सबसे बड़ी बात तो ये है कि जैसे ही अखिलेश यादव ने माहौल बनाया। तुरंत शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद भी मोर्चा संभालकर बैठ गए। माइक पकड़ा और छूटते ही मांग कर डाली कि कुंभ में मौतों पर उनसे झूठ बोला गया। योगी आदित्यनाथ को पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।और तो और जिस कुंभ की व्यवस्थाओं की दुनिया भर में चर्चा हो रही है। दूर दराज़ से आ रहे श्रद्धालु तारीफ़ कर रहे हैं। उस कुंभ ही व्यवस्थाओं को विपक्ष के सुर में सुर मिलाकर अविमुक्तेश्वरानंद कटघरे में खड़ा कर रहे हैं।लेकिन अब अखाड़े उनके खिलाफ ही उतर आए हैं।

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