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'आस्था पर नहीं पड़ता असर' ‘आई लव मोहम्मद’ पोस्टर पर सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क का समर्थन

आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद पर उन्होंने कहा कि हम अपने मजहब से मोहब्बत करते हैं, जैसे हम देश से मोहब्बत करते हैं. 'आई लव मोहम्मद' लिखने या पोस्टर लगाने से कोई गलत संदेश नहीं जाता है. सपा सांसद ने यह भी कहा कि हम लोग संविधान पर विश्वास रखने वाले लोग हैं.

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उत्तर प्रदेश के संभल से समाजवादी पार्टी के सांसद जिया उर रहमान बर्क ने विवाद के बीच 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि 'आई लव मोहम्मद' जैसे शब्दों में कुछ भी गलत नहीं है. इस पोस्टर से किसी की आस्था प्रभावित नहीं होती है और न ही इससे कोई गलत संदेश जाता है.

बरेली विवाद पर बोले संभल से सपा सांसद

सांसद जिया उर रहमान बर्क ने बरेली हंगामे की घटना पर कहा, "पैगंबर मोहम्मद का संदेश यही था कि कहीं भी शांति व्यवस्था भंग नहीं होनी चाहिए. सभी को सुकून के साथ अपने मजहब और समाज के लिए काम करना चाहिए. बरेली की घटना को लेकर मैंने अपील की थी कि शांति व्यवस्था कायम रहे. प्रशासन से भी अपील की थी कि दबाव में आकर कोई ऐसी कार्रवाई न हो, जिससे मासूम लोगों की गिरफ्तारी न हो."

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सपा सांसद ने किया 'आई लव मोहम्मद' पोस्टर पर समर्थन

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'आई लव मोहम्मद' पोस्टर विवाद पर उन्होंने कहा कि हम अपने मजहब से मोहब्बत करते हैं, जैसे हम देश से मोहब्बत करते हैं. 'आई लव मोहम्मद' लिखने या पोस्टर लगाने से कोई गलत संदेश नहीं जाता है. सपा सांसद ने यह भी कहा कि हम लोग संविधान पर विश्वास रखने वाले लोग हैं.

इस दौरान, बुलडोजर एक्शन पर जिया उर रहमान बर्क ने कहा कि इस तरह की कार्रवाई बिल्कुल ठीक नहीं है. सुप्रीम कोर्ट भी ऐसे मामलों में टिप्पणी कर चुका है, लेकिन उत्तर प्रदेश में सरकार के आदेश पर बुलडोजर कार्रवाई हो रही है, जो गलत है. वर्क ने सवाल उठाया कि जिन लोगों ने मकबरे पर पुलिस के सामने हंगामा किया, उनके खिलाफ समान कार्रवाई क्यों नहीं हुई? अगर बुलडोजर चलना है, तो सबके खिलाफ चले. कानून एक है तो कार्रवाई भी समान होनी चाहिए.

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सर्व धर्म के साथ-साथ देश के लिए काम करेंगे: सपा सांसद

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दशहरा के पर्व को लेकर सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क ने कहा, "जिस तरह हर साल रावण दहन करके दशहरा मनाया जाता है, यह सिर्फ बाहरी नहीं है, सभी को अपने दिलों के भीतर के रावण को भी जलाना चाहिए. कुछ लोग हैं, जिनकी मानसिकता बिल्कुल अलग है. अगर वे सही रास्ते चलें, वाकई उनके अंदर देशभक्ति की भावना है और अपने धर्म के प्रति वफादार हैं तो यह चीजें तभी लागू होंगी, जब वे सर्व धर्म के साथ-साथ देश के लिए काम करेंगे."

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