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ब्रह्मोस मिसाइल से लैस, रडार की पकड़ से बहार, भारतीय सेना को मिलने जा रहा "तमाल" जंगी जहाज

रूस द्वारा निर्मित "तमल" जंगी जहाज भारतीय नौसेना का हिस्सा बनने जा रहा है. यह जहाज भारतीय नौसेना को 28 मई को सौंपा जाएगा. यह खतरनाक जंगी जहाज ब्रह्मोस मिसाइल से लैस है. जो अपने दुश्मन की रडार की पकड़ से बाहर रहेगा.

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भारतीय नौसेना को एक खतरनाक जंगी जहाज मिलने जा रहा है. रूस मई महीने के अंत तक "तमाल" जहाज भारत को सौंप देगा. भारत के सबसे खास दोस्त रूस की तरफ से यह दूसरा सबसे खतरनाक युद्धपोत है. जो भारत को मिलने जा रहा है. भारत ने यह जंगी जहाज ऐसे समय पर मंगाया है. जब भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव जारी है. यह भारतीय नौसेना को मजबूती प्रदान करेगा. 
भारतीय नौसेना में शामिल होगा "तमाल"
खबरों के मुताबिक, रूस द्वारा निर्मित "तमाल" जंगी जहाज भारतीय नौसेना का हिस्सा बनने जा रहा है. यह जहाज भारतीय नौसेना को 28  मई को सौंपा जाएगा. यह खतरनाक जंगी जहाज "ब्रह्मोस" मिसाइल से लैस है. जो अपने दुश्मन की रडार की पकड़ से बाहर रहेगा. जानकारी के लिए बता दें कि यह जहाज भारत और रूस के बीच साल 2016 में हुए रक्षा समझौते के तहत मिला है. इस समझौते के तहत 4 जहाज बनाए जा रहे हैं. जिसे चलाने के लिए 200 सैनिकों को ट्रेनिंग दी गई है. 
"तमाल" रूसी जंगी जहाज की ताकत 
INS तमाल इसी महीने के अंत तक 28 मई को भारतीय सेना को सौंप दिया जाएगा. इस जहाज से भारत की समुद्री ताकत में बड़ा इजाफा होगा. यह मल्टी रोल वाला जहाज है. जो एक मॉडर्न गाइडेड मिसाइल स्टील्थ फ्रिगेट है और एक साथ पानी, हवा और सतह पर हमला कर सकता है. यह युद्धपोत ब्रह्मोस एंटीशिप मिसाइल से लैस होगा. इसकी निगरानी और लड़ाकू मिशनों के लिए मल्टी रोल हेलीकॉप्टर की तैनाती की जाएगी. यह एक बार में 3000 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है. इसका वजन 3900 टन और स्पीड 55 किलोमीटर प्रति घंटे की है. इसमें  एंटी शिप मिसाइल ब्रह्मोस भी फायर की जा सकती है. किसी भी हमले से निपटने के लिए टाॅरपीडो और एंटी सबमरीन रॉकेटस मौजूद हैं. 
भारत अब कोई युद्धपोत नहीं खरीदेगा - भारतीय नेवी 
खबरों के मुताबिक, यह जहाज भारत का आखिरी इंपोर्ट किए जाने वाला युद्धपोत बताया जा रहा है. दरअसल, भारत खुद अपनी तरफ से स्वदेशी युद्धपोतों को निर्मित करने पर जोर दे रहा है. "तमाल" तलवार  डिजाइन का वाॅरशिप है. यह "तमाल" जंगी जहाज INS बैच का तीसरा जहाज है. भारतीय नेवी ने कहा है कि "भारत भविष्य में कोई भी युद्धपोत खरीदने वाला नहीं है. तलवार डिजाइन के यह युद्धपोत साल 2003 से ही भारत में शामिल होने लगे थे. भारतीय नेवी में इस डिजाइन के अब तक 6 युद्धपोत समुद्र की सुरक्षा में तैनात हैं." 
"तमाल" के लिए 200 सैनिक ट्रेंड किए गए
28 मई को मिलने जा रहे "तमाल" जंगी जहाज के संचालन और तकनीकी प्रक्रिया के तहत 200 भारतीय नौसैनिकों को ट्रेंड किया गया है. यह सभी सैनिक समुद्र में इसका ट्रायल्स ले चुके हैं. भारत सरकार के समझौते के तहत दो अन्य तलवार-क्लास स्टील्थ जहाज फ्रिगेट गोवा शिपयार्ड में बन रहे हैं. इसके लिए जरूरी इंजन और पार्ट्स पहले ही मंगवा लिए गए हैं. यह भारत की आत्मनिर्भरता में एक बड़ा कदम माना जा रहा है. 

दिसंबर में आ चुका है "तुशील" जंगी जहाज
इससे पहले दिसंबर 2024 में INS "तुशील" जंगी जहाज रूस से करीब साढ़े 12 हजार किलोमीटर की नॉटिकल दूरी तय कर भारत पहुंचा था. यह जहाज करीब आठ देशों से गुजरते हुए भारत पहुंचा था. 9 दिसंबर को इसे भारतीय नौसेना को सौंप दिया गया था. 
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