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यूपी में उद्यमिता का धमाका! सिर्फ 10 महीने में 1 लाख+ युवा बने बिज़नेस ओनर, योगी सरकार ने दिया 4500 करोड़ से अधिक का लोन
CM Yogi: हजारों युवा अब नौकरी ढूंढने की बजाय अपना बिज़नेस शुरू कर रहे हैं और दूसरे लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं. सरकार की यह पहल न सिर्फ युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है.
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UP Entrepreneurship Yuva: मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने उत्तर प्रदेश के युवाओं में अपना कारोबार शुरू करने की सोच को मजबूती दी है. इस योजना की शुरुआत से लेकर 3 दिसंबर 2025 तक राज्य सरकार ने 1,11,548 युवाओं को लोन दिया, जिसकी कुल रकम 4572.74 करोड़ रुपये से भी ज़्यादा है. यानी कि सिर्फ दस महीनों में ही एक लाख से अधिक युवा अपने खुद के बिज़नेस की शुरुआत की दिशा में आगे बढ़ चुके हैं. योजना के नोडल अफसर सर्वेश्वर शुक्ला ने बताया कि अब तक पोर्टल पर 4,31,871 आवेदन आए हैं. इनमें से 3,48,497 आवेदन बैंक को भेजे गए और 1,22,722 आवेदनों को बैंकों ने मंज़ूरी भी दे दी है. यह साफ दिखाता है कि यह योजना युवाओं में बहुत लोकप्रिय हो चुकी है और वे आत्मनिर्भर बनने की ओर तेज़ी से बढ़ रहे हैं.
ओबीसी और एससी-एसटी वर्ग की सबसे मज़बूत भागीदारी
इस योजना का एक बड़ा फायदा यह है कि यह समाज के उन वर्गों को भी आगे ला रही है जो आर्थिक रूप से पीछे माने जाते थे. डेटा के अनुसार-
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सामान्य वर्ग के लाभार्थी: 34.9%
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ओबीसी वर्ग के लाभार्थी: 49.1%
एससी वर्ग के लाभार्थी: 14.8%
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एसटी वर्ग के लाभार्थी: 0.3%
इस तरह ओबीसी + एससी + एसटी = लगभग 65% लाभार्थी.
यानी इस योजना ने सामाजिक संतुलन और प्रतिनिधित्व दोनों को बहुत मज़बूती दी है. पहले जिन युवाओं के लिए बिज़नेस शुरू करने के मौके कम होते थे, वे अब इस योजना की मदद से अपने सपनों को पूरा कर रहे हैं.
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सर्विस सेक्टर सबसे पसंदीदा- युवा चुन रहे हैं नए-नए काम
इस योजना में युवाओं ने सबसे ज़्यादा रुचि सर्विस सेक्टर में दिखाई है. यानी वे ऐसे काम करना चाहते हैं जिनमें सेवा दी जाती है जैसे कि आईटी सर्विस, दुकान चलाना, रिपेयरिंग यूनिट, रिटेल ट्रेड वगैरह.
62.80% युवाओं ने सर्विस सेक्टर के लिए लोन लिया
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37.20% युवाओं ने मैन्युफैक्चरिंग/निर्माण से जुड़े कारोबार के लिए लोन लिया यह बताता है कि आज के युवा कम लागत में जल्दी शुरू होने वाले और जल्दी बढ़ने वाले बिज़नेस को प्राथमिकता दे रहे हैं. सर्विस सेक्टर में नए प्रयोग की गुंजाइश भी ज़्यादा होती है, इसी वजह से यह युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है.
महिला उद्यमियों की अच्छी भागीदारी
योजना में पुरुषों की भागीदारी 71.2% रही है, जबकि महिलाओं की हिस्सेदारी 28% रही. हालांकि यह प्रतिशत धीरे-धीरे बढ़ रहा है, और सरकार भी अब महिलाओं को कारोबार शुरू करने के लिए और प्रोत्साहित कर रही ह.महिलाओं के लिए अलग सुविधाएँ और प्रोत्साहन दिए जा रहे हैं ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और समाज में आर्थिक रूप से और मजबूत हों.
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योजना के लिए कौन आवेदन कर सकता है?
यदि कोई युवा इस योजना के तहत लोन लेकर अपना बिज़नेस शुरू करना चाहता है, तो उसे कुछ शर्तें पूरी करनी होंगी -
- आवेदक उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना चाहिए मतलब आपका स्थायी पता यूपी का होना चाहिए.
- उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच हो इसी उम्र के युवा इस योजना के लिए योग्य माने जाते हैं.
- आवेदक किसी बैंक का बड़ा डिफ़ॉल्टर न हो अगर पहले किसी लोन को नहीं चुकाया है, तो आवेदन स्वीकार नहीं होगा.
- बिज़नेस आइडिया काम करने लायक हो प्रोजेक्ट ऐसा हो जिसे शुरू करके रोजगार और आय दोनों बन सकें.
- जरूरी दस्तावेज़ तैयार हों आधार कार्ड पैन कार्ड निवास प्रमाण पत्र शैक्षिक प्रमाण पत्र प्रोजेक्ट रिपोर्ट इन दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करने पर बैंक लोन की प्रक्रिया शुरू कर देता हैं
युवा अब ‘नौकरी पाने’ से आगे बढ़कर ‘नौकरी देने’ वाले बन रहे हैं
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मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान ने प्रदेश के युवाओं में नई ऊर्जा भर दी है. हजारों युवा अब नौकरी ढूंढने की बजाय अपना बिज़नेस शुरू कर रहे हैं और दूसरे लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं.
सरकार की यह पहल न सिर्फ युवाओं को आत्मनिर्भर बना रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी तेजी से आगे बढ़ा रही है.