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UP STF ने मुख्तार-जीवा गैंग के शार्प शूटर शाहरुख पठान को एनकाउंटर में किया ढेर, 50 हजार का था इनामी

संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी गैंग का शार्प शूटर और 50 हजार का इनामी बदमाश शाहरुख पठान मेरठ STF के साथ मुठभेड़ में मारा गया. मुजफ्फरनगर के बिजोपुरा चौराहे के पास हुई इस कार्रवाई में उसके पास से हथियार और कार बरामद हुई. शाहरुख पर लूट और हत्या के कई मुकदमे दर्ज थे और वह लंबे समय से फरार था.

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में रविवार देर रात एक ऐसा एनकाउंटर हुआ जिसने पूरे पश्चिमी यूपी की पुलिस व्यवस्था को राहत की सांस दी. छपार थाना क्षेत्र के बिजोपुरा चौराहे के पास जंगल में एसटीएफ मेरठ की टीम और कुख्यात अपराधी शाहरुख पठान के बीच आमने-सामने की भिड़ंत हुई. यह मुठभेड़ संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी के खतरनाक नेटवर्क से जुड़ा था, जिसमें 50 हजार का इनामी बदमाश शाहरुख पठान पुलिस एनकाउंटर में मार गिराया. 

पहले भी दे चुका था चकमा
एसटीएफ की टीम लंबे समय से शाहरुख पठान की तलाश में थी. पुलिस को मुखबिरों से उसकी लोकेशन पहले भी कई बार मिली थी, लेकिन हर बार वह पुलिस को चकमा देकर भाग निकलता था. लेकिन रविवार की रात पुलिस के लिए निर्णायक साबित हुई. जैसे ही बिजोपुरा चौराहे के पास जंगल में उसकी मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिली, वैसे ही एसटीएफ टीम हरकत में आ गई. चारों ओर से घेराबंदी की गई, ताकि इस बार कोई गलती न हो. पुलिस जैसे ही मौके पर पहुंची, शाहरुख पठान ने टीम पर फायरिंग शुरू कर दी. लेकिन एसटीएफ की जवाबी कार्रवाई इतनी तेज़ और सटीक थी कि कुछ ही मिनटों में वह ढेर हो गया. मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने उसकी पहचान की पुष्टि की और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया. मुठभेड़ की जगह से पुलिस ने एक ब्रेजा कार, एक पिस्टल, दो रिवाल्वर, कई जिंदा कारतूस और तीन खोखा कारतूस भी बरामद किए हैं.

कौन था शाहरुख पठान?
शाहरुख पठान मुजफ्फरनगर के खालापार का रहने वाला था और यूपी के दो सबसे खतरनाक गैंग संजीव जीवा और मुख्तार अंसारी से सीधा जुड़ा हुआ था. वह दोनों के लिए एक भरोसेमंद शार्प शूटर की भूमिका निभाता था. उसके खिलाफ हत्या, लूट, रंगदारी और हथियारों से जुड़े एक दर्जन से ज्यादा मुकदमे दर्ज थे. वह हाल ही में जेल से जमानत पर छूटा था, लेकिन जेल से बाहर आने के बाद भी कई वारदात में उसका सीधा नाम आया था. पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, करीब छह महीने पहले जमानत पर आने के बाद शाहरुख ने पुराने हत्या मामलों में गवाही देने वाले लोगों को जान से मारने की धमकी दी थी. इस बात को लेकर भी एक मुकदमा दर्ज किया गया था. उसके व्यवहार और बढ़ते अपराधों को देखते हुए उसे दोबारा गिरफ्तार करने के लिए विशेष टीमें बनाई गई थीं.

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एसटीएफ की सफल योजना
एसटीएफ मेरठ की टीम इस मुठभेड़ को लेकर पूरी तरह तैयार थी. हर कदम सोच-समझकर रखा गया. मुठभेड़ के दौरान जिस तरह से शाहरुख ने पुलिस पर फायरिंग की, उससे यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं कि वह आखिरी दम तक हार मानने को तैयार नहीं था. लेकिन एसटीएफ ने न केवल उसे रोकने में सफलता पाई, बल्कि उसकी वर्षों पुरानी आपराधिक यात्रा का अंत भी कर दिया. घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है. जहां एक ओर लोग इस बात से संतुष्ट हैं कि एक कुख्यात अपराधी अब खत्म हो गया, वहीं दूसरी ओर यह चिंता भी जताई जा रही है कि आखिर इन जैसे अपराधियों को संरक्षण और हथियार कहां से मिलते हैं. 

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सीएम योगी की नीति पर एक और मुहर
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ वाला रुख अब ज़मीन पर साफ दिखाई देने लगा है. पिछले कुछ वर्षों में एनकाउंटर की संख्या और अपराधियों की गिरफ्तारी में बड़ा इजाफा हुआ है. शाहरुख पठान जैसे गैंगस्टर का खात्मा इसी नीति का हिस्सा है, जिसमें कानून से खिलवाड़ करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है. बता दें कि शाहरुख पठान का एनकाउंटर सिर्फ एक व्यक्ति की समाप्ति नहीं, बल्कि उस आपराधिक मानसिकता को जवाब है जो समाज को डर और हिंसा के जरिए कंट्रोल करना चाहती है. इस मुठभेड़ से पुलिस को न सिर्फ बड़ी सफलता मिली है, बल्कि आने वाले समय में अपराधियों को एक कड़ा संदेश भी गया है कि कानून के हाथ लंबे हैं, और उसका पलड़ा हमेशा न्याय की तरफ झुका रहेगा.

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