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अवैध धर्मांतरण रैकेट के मास्टरमाइंड छांगुर बाबा को ED का झटका, 13.02 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त
जांच में सामने आया है कि छांगुर बाबा ने बलरामपुर स्थित चांद औलिया दरगाह को अपना मुख्य केंद्र बनाया था, जहां वह नियमित रूप से भारतीय और विदेशी नागरिकों की बड़ी-बड़ी धार्मिक सभाएं आयोजित करता था. आरोप है कि उसने विशेष रूप से अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू समुदायों के लोगों को बहलाकर, डराकर और धोखे से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया.
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प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कार्रवाई करते हुए नीतू नवीन रोहरा के नाम पर खरीदी गई 13 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त किया है.
छांगुर बाबा की 13.02 करोड़ की संपत्ति जब्त
इन संपत्तियों की कुल कीमत लगभग 13.02 करोड़ रुपए आंकी गई है और सभी उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले के उतरौला क्षेत्र में स्थित हैं. यह कार्रवाई धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई है.
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एफआईआर के आधार पर ईडी ने की काईवाई
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ईडी ने यह जांच एटीएस लखनऊ द्वारा दर्ज एक एफआईआर के आधार पर शुरू की थी. एफआईआर में भारतीय दंड संहिता 1860 की विभिन्न धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए गए थे. आरोपों में धार्मिक रूपांतरण की साजिश, विदेशी फंडिंग का दुरुपयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए संभावित खतरा जैसी बातें शामिल थीं.
औलिया दरगाह को छांगुर बाबा ने बनाया अपना मुख्य केंद्र
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जांच में सामने आया है कि छांगुर बाबा ने बलरामपुर स्थित चांद औलिया दरगाह को अपना मुख्य केंद्र बनाया था, जहां वह नियमित रूप से भारतीय और विदेशी नागरिकों की बड़ी-बड़ी धार्मिक सभाएं आयोजित करता था. आरोप है कि उसने विशेष रूप से अनुसूचित जाति और आर्थिक रूप से कमजोर हिंदू समुदायों के लोगों को बहलाकर, डराकर और धोखे से धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित किया.
ईडी की जांच में हुए चौकाने वाले खुलासे
ईडी की जांच में यह भी सामने आया कि छांगुर बाबा ने नवीन रोहरा के साथ मिलकर एक सुनियोजित साजिश रची थी. इसमें नवीन रोहरा की दुबई स्थित कंपनी यूनाइटेड मरीन एफजेडई के बैंक खाते का इस्तेमाल करते हुए 21.08 करोड़ रुपए की संदिग्ध विदेशी फंडिंग भारत में भेजी गई. ये रकम एनआरई/एनआरओ अकाउंट्स के जरिए भारत लाकर, नीतू रोहरा (नवीन रोहरा की पत्नी) के नाम पर उतरौला में कई अचल संपत्तियां खरीदी गईं.
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इस केस में प्रवर्तन निदेशालय ने छांगुर बाबा को 28 जुलाई और नवीन रोहरा को 4 अगस्त को गिरफ्तार किया था. वर्तमान में दोनों न्यायिक हिरासत में हैं. ईडी ने साफ किया है कि इस मामले की जांच अभी जारी है.