Advertisement

Loading Ad...

गांवों में आर्थिक उछाल, CM योगी ग्रामीण पर्यटन नीति से अयोध्या में महिलाओं, किसानों और कारीगरों की तरक्की जारी

CM Yogi: अयोध्या मंडल में 19 गांवों को विशेष रूप से होमस्टे विकास के लिए चयनित किया गया है. यह पहल न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दे रही है, बल्कि हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है.

Image Source: Social Media
Loading Ad...

CM Yogi Rural Tourism Policy: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ग्रामीण पर्यटन नीति से अयोध्या मंडल के गांवों में आर्थिक गतिविधियों की नई धारा बह रही है. प्रदेश सरकार ने धार्मिक पर्यटन को ग्रामीण जीवन व लोक संस्कृति से जोड़ते हुए ऐसा मॉडल तैयार किया है, जिससे गांवों की आमदनी के नए दरवाजे खुल गए हैं. अयोध्या मंडल में 19 गांवों को विशेष रूप से होमस्टे विकास के लिए चयनित किया गया है. यह पहल न केवल प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को मजबूती दे रही है, बल्कि हजारों ग्रामीण परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है.

गांवों में होमस्टे बनाने से रोजगार के नए अवसर

योगी सरकार ने अयोध्या धाम आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं को गांवों की जीवनशैली, संस्कृति और परंपरा से जोड़ने के लिए ग्रामीण पर्यटन की व्यापक योजना तैयार की है.रिपोर्ट के अनुसार पहले चरण में प्रदेश के 93 गांवों को होमस्टे विकास के लिए चयनित किया गया है. इसमें अकेले अयोध्या मंडल के 19 गांव शामिल हैं. अयोध्या जिले में अमौनी, शेरवाघाट, अबानपुर सरोहा, गौराघाट, रामपुरवा गांवों में 50 होम स्टे पर काम चल रहा है. इसमें से ज्यादातर होम स्टे ठहरने की सुविधा उपलब्ध करवा रहे हैं। जिले में 292 होटल और 1186 होम स्टे रजिस्टर्ड हैं जो पर्यटकों को ठहरने के लिए उचित रेट पर आवास उपलब्ध करा रहे हैं. इन गांवों में बुनियादी ढांचे, पर्यटक सुविधा केंद्रों, ग्रामीण आवास, सांस्कृतिक अनुभव और स्थानीय भोजन व्यवस्था को उन्नत किया गया है. इससे ग्रामीण युवाओं, महिलाओं और कारीगरों के लिए स्थानीय स्तर पर आजीविका के अवसर बने हैं.

Loading Ad...

होमस्टे पंजीकरण बढ़ने से आमदनी में वृद्धि

Loading Ad...

अयोध्या में प्रारंभ में होमस्टे की औसत मासिक आय 40,000 से 50,000 थी, जो अब बढ़कर 2 लाख तक पहुंच गई है. दिव्य अयोध्या ऐप के माध्यम से फरवरी 2025 तक 69 लाख से अधिक बुकिंग हो चुकी हैं. होमस्टे का किराया औसतन 1500 से 2500 प्रति कमरा प्रतिदिन है. योगी सरकार द्वारा लागू होमस्टे नीति 2025 के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में होमस्टे पंजीकरण की संख्या तेजी से बढ़ी है. इतनी बड़ी संख्या में पर्यटकों के आने से ग्रामीण क्षेत्रों में होमस्टे संचालकों की मासिक आय में 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है.ग्रामीण परिवार अब खेती के साथ-साथ पर्यटन आधारित सेवाएं देकर एक स्थिर आय अर्जित कर रहे हैं.

अयोध्या में गेस्ट हाउस चला रहे अंशुमान तिवारी का कहना है कि इससे अयोध्यावासियों को काफी फायदा हुआ है. राम मंदिर बनने के बाद स्थानीय निवासियों को होम स्टे बनाने की अनुमति मिलने से लोगों की आय में वृद्धि हुई है. लोग 2-3 कमरों का होम स्टे चलाकर धनार्जन कर रहे हैं. साधारण होम स्टे चलाने वाले भी महीने में 50000 से 100000 रुपये तक कमा रहे हैं. इन्होंने कहा कि योगी सरकार की नीतियों की वजह से अयोध्या का चहुंमुखी विकास हो रहा है.

Loading Ad...

हस्तशिल्प, लोककला और महिलाओं की भागीदारी में वृद्धि

राम मंदिर निर्माण के बाद स्थानीय हस्तशिल्पकारों की संख्या में 25% से अधिक की वृद्धि हुई है. होमस्टे मॉडल ने अयोध्या के पारंपरिक कारीगरों, हस्तशिल्पियों और लोक कलाकारों को भी नई पहचान दी है. पर्यटन विभाग द्वारा गठित ग्रामीण सांस्कृतिक अनुभव समूहों में अयोध्या मंडल की महिलाओं को भोजन व्यवस्था, लोक व्यंजन, घरेलू उत्पाद, साफ-सफाई और मेहमाननवाजी से जोड़कर रोजगार दिया गया है. महिलाओं की आय में औसतन 5,000-12,000 रुपये प्रति माह की वृद्धि हुई है.

योगी सरकार ने पर्यटन से गांवों को बनाया आत्मनिर्भर

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का मानना है कि अयोध्या केवल मंदिरों और धार्मिक स्थलों से नहीं, बल्कि गांवों की आत्मा, लोक संस्कृति और परंपरा से भी पहचानी जानी चाहिए. अयोध्या के गांवों में होमस्टे, सांस्कृतिक भ्रमण, ग्रामीण भोजन, खेती अनुभव, नदी किनारे गतिविधियां और हस्तशिल्प बाजार विकसित करके सरकार ने एक समग्र आर्थिक ढांचा तैयार किया है. यह मॉडल आने वाले वर्षों में लाखों ग्रामीण परिवारों की आय का स्थायी स्रोत बनेगा और उत्तर प्रदेश को ग्रामीण पर्यटन के राष्ट्रीय लीडर के रूप में स्थापित करेगा.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...