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UP एक्सप्रेसवे पर तेज गाड़ी चलाना पड़ेगा महंगा, CM योगी ने घटाई स्पीड लिमिट, ज्यादा रफ्तार बनी तो ऑनलाइन चालान तय
CM Yogi: एक्सप्रेसवे पर हुए हादसों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने सख्त सुरक्षा कदम उठाए हैं.
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UP Expressway Speed Limit: उत्तर प्रदेश में सर्दियों के मौसम के साथ ही घना कोहरा छा गया है, जिसकी वजह से एक्सप्रेसवे पर चलना काफी जोखिम भरा हो गया है. सुबह और रात के समय कई जगहों पर दृश्यता बहुत कम हो जाती है, जिससे दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है. हाल ही में एक्सप्रेसवे पर हुए हादसों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (UPEIDA) ने सख्त सुरक्षा कदम उठाए हैं. आगरा - लखनऊ, बुंदेलखंड, पूर्वांचल और गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर वाहनों की गति कम कर दी गई है. यह नई व्यवस्था गुरुवार रात से लागू हो चुकी है और 15 फरवरी तक या जब तक कोहरा कम नहीं हो जाता, तब तक जारी रहेगी.
दिन और रात के लिए अलग-अलग स्पीड नियम
कोहरे की स्थिति को ध्यान में रखते हुए अब एक्सप्रेसवे पर दिन और रात के समय के लिए अलग-अलग गति सीमा तय की गई है. पहले जहां कारें 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकती थीं, अब उनकी स्पीड काफी कम कर दी गई है. 8 सीट तक वाले निजी वाहन (कार आदि) दिन में अधिकतम 80 किलोमीटर प्रति घंटा और रात में 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चल सकेंगे. 9 या उससे ज्यादा सीट वाले यात्री वाहन जैसे बसों के लिए दिन में 60 और रात में 50 किलोमीटर प्रति घंटा की सीमा तय की गई है. वहीं ट्रक जैसे मालवाहक वाहनों को दिन में 50 और रात में 40 किलोमीटर प्रति घंटा से ज्यादा चलाने की अनुमति नहीं होगी. ये नियम 19 दिसंबर 2025 से 15 फरवरी 2026 तक लागू रहेंगे. अगर कोई वाहन तय सीमा से तेज चलता पाया गया तो उसका ऑनलाइन चालान अपने आप कट जाएगा, क्योंकि ATMS सिस्टम को नई स्पीड लिमिट के अनुसार अपडेट कर दिया गया है.
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घने कोहरे में कन्वॉय में चलेंगे वाहन
अगर कोहरे की वजह से दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो जाती है, तो सुरक्षा के लिए वाहनों को आगे बढ़ने नहीं दिया जाएगा. ऐसे समय में वाहन चालकों को नजदीकी टोल प्लाजा, वे-साइड सुविधा केंद्र, पेट्रोल पंप या ढाबे पर रोक दिया जाएगा. जब हालात थोड़े बेहतर होंगे, तब पुलिस और सुरक्षा टीम की निगरानी में सभी वाहनों को एक साथ समूह यानी कन्वॉय में आगे भेजा जाएगा. इसका मकसद यह है कि कोई भी वाहन अकेले चलकर दुर्घटना का शिकार न हो.
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एक्सप्रेसवे पर बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था
UPEIDA ने कोहरे को देखते हुए एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा के कई खास इंतजाम किए हैं. सभी टोल प्लाजा पर पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए लगातार यात्रियों को सतर्क किया जा रहा है. रेडियो के माध्यम से भी सुरक्षित ड्राइविंग की अपील की जा रही है. रिफ्लेक्टर्स की नियमित जांच हो रही है और जहां रोशनी कम है, वहां सुधार किया जा रहा है. एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स पर फॉग लाइट लगाई जा रही हैं ताकि वाहन चालकों को रास्ता साफ दिखाई दे. इसके अलावा मोड़ों, पुलों, नदी-नालों के पास और निर्माण कार्य वाले इलाकों में अतिरिक्त रिफ्लेक्टर, ब्लिंकर और चेतावनी संकेत लगाए जा रहे हैं. सुरक्षा टीम 24 घंटे गश्त कर रही है और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त एंबुलेंस भी तैनात रखी गई हैं.
यात्रियों से की गई खास अपील
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UPEIDA ने यात्रियों से अपील की है कि वे कोहरे में जल्दबाजी न करें और पूरी सावधानी के साथ सफर करें. अगर दृश्यता बहुत कम हो जाए तो सुरक्षित जगह पर वाहन रोककर हालात सामान्य होने का इंतजार करें. थकान या नींद महसूस होने पर तुरंत रुककर आराम करें. तय की गई स्पीड लिमिट का सख्ती से पालन करें, क्योंकि नियम तोड़ने पर चालान कटेगा. यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे टोल प्लाजा या वे-साइड सुविधाओं पर रुककर कन्वॉय में यात्रा करने की कोशिश करें और सुरक्षा टीम का सहयोग लें. वाहन की इमरजेंसी लाइट चालू रखें और आगे-पीछे रिफ्लेक्टिव टेप जरूर लगवाएं. एक्सप्रेसवे के किनारे कहीं भी गलत जगह वाहन खड़ा न करें, क्योंकि इससे हादसे का खतरा बढ़ जाता है. किसी भी आपात स्थिति में तुरंत UPEIDA की हेल्पलाइन नंबर 14449 पर संपर्क करें.
सुरक्षित सफर ही सबसे जरूरी
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UPEIDA का साफ कहना है कि इन सभी नियमों और उपायों का मकसद सिर्फ एक है, सर्दियों के कोहरे में यात्रियों की जान की सुरक्षा. अगर सभी वाहन चालक नियमों का पालन करें और सावधानी से वाहन चलाएं, तो दुर्घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है और लोग सुरक्षित तरीके से अपने सफर का आनंद ले सकते हैं.