Advertisement

Loading Ad...

सुरक्षा एजेंसियों की छापेमारी से घबराया था डॉ. उमर... लाल किले के पास हड़बड़ी में किया ब्लास्ट, जांच में हो रहे हैं अहम खुलासे

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके में 9 लोगों की मौत हुई थी. जांच में खुलासा हुआ है कि इस विस्फोट के तार फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल से जुड़ सकते हैं. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल हुआ, जो हाल ही में फरीदाबाद से बरामद 2,900 किलो विस्फोटक सामग्री में शामिल था. पुलवामा निवासी डॉ उमर मोहम्मद गिरफ़्तारी के डर से घटना को अंजाम दिया.

Dr. Omar Mohammad, Suspected Accused
Loading Ad...

दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए धमाके ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. सोमवार शाम करीब 6:52 बजे हुए इस विस्फोट में नौ लोगों की मौत हो गई थी और कई घायल हुए थे. अब जांच में जो तथ्य सामने आ रहे हैं, वे चौंकाने वाले हैं. सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि इस हमले के पीछे फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल का हाथ है, जो पिछले कुछ महीनों से हरियाणा, जम्मू-कश्मीर और उत्तर प्रदेश में सक्रिय था.

इस मामले में सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों का मानना है कि धमाके में अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था. यह वही रासायनिक पदार्थ है जो हाल ही में फरीदाबाद से बरामद 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री में पाया गया था. यह सामग्री बम बनाने में इस्तेमाल की जा सकती थी. यही कारण है कि दिल्ली ब्लास्ट की जांच अब फरीदाबाद मॉड्यूल से जोड़ी जा रही है.

सुरक्षा एजेंसियां जुटा रहीं साक्ष्य 

Loading Ad...

घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य बताते हैं कि धमाका बेहद योजनाबद्ध तरीके से किया गया था. जिस हुंडई i20 कार में विस्फोट हुआ, वह हरियाणा नंबर (HR 26 7624) की थी और गुरुग्राम आरटीओ में रजिस्टर्ड थी. पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस कार को पुलवामा निवासी उमर मोहम्मद चला रहा था, जो जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े मॉड्यूल का हिस्सा बताया जा रहा है. सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति काले मास्क में कार चलाते हुए दिखाई दे रहा है, जिसे उमर मोहम्मद बताया जा रहा है.

Loading Ad...

हड़बड़ी में कर दिया ब्लास्ट 

फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल में कई पढ़े-लिखे प्रोफेशनल्स शामिल थे, जिनमें डॉक्टर भी शामिल हैं. सूत्रों का कहना है कि डॉ. उमर मोहम्मद, जो इसी मॉड्यूल का हिस्सा था, पिछले कुछ दिनों से फरार चल रहा था और एजेंसियों को उसकी तलाश थी. जब उसके साथियों की लगातार गिरफ्तारियां होने लगीं, तो उमर को पकड़े जाने का डर सताने लगा. इसी घबराहट में उसने अपने साथियों के साथ एक आखिरी योजना बनाकर इस घटना को अंजाम दिया. जांच एजेंसियों का कहना है कि उमर ने अपने साथियों के साथ मिलकर कार में डेटोनेटर फिट किया था और घटना को अंजाम दिया. धमाके के समय वह कार में अकेला था. उसका उद्देश्य शायद किसी बड़े आतंकी संदेश को अंजाम देना था, लेकिन विस्फोट इतना तीव्र था कि खुद वह भी उसकी चपेट में आ गया. दिल्ली पुलिस आयुक्त सतीश गोलचा के मुताबिक, 'शाम करीब 6:52 बजे लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास सिग्नल पर धीमी गति से चल रही i20 कार में विस्फोट हुआ. धमाके की तीव्रता इतनी थी कि आसपास खड़ी कई गाड़ियों को नुकसान पहुंचा और इलाके में अफरातफरी मच गई.'

Loading Ad...

फरीदाबाद से बरामद हुआ बारूद का जखीरा

इससे पहले सोमवार को सुरक्षा एजेंसियों ने देश के कई हिस्सों से तीन डॉक्टरों समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया था. इनके पास से 2,900 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री, हथियार और गोला-बारूद बरामद किए गए थे. पुलिस ने दावा किया कि इससे जैश-ए-मोहम्मद और अंसार गजवात-उल-हिंद जैसे आतंकी संगठनों के नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है. जम्मू-कश्मीर पुलिस की रिपोर्ट में कहा गया है कि बरामद सामग्री में अमोनियम नाइट्रेट, पोटैशियम नाइट्रेट और सल्फर जैसी खतरनाक चीजें शामिल थीं. खास बात यह है कि फरीदाबाद में डॉ. गनी के किराए के मकान से 360 किलो ज्वलनशील पदार्थ भी मिला था, जो विस्फोटक मिश्रण का हिस्सा था.

अलर्ट पर एजेंसियां 

Loading Ad...

दिल्ली पुलिस, एनआईए और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीमें मिलकर इस मामले की हर कड़ी जोड़ने में जुटी हैं. शुरुआती रिपोर्ट्स बताती हैं कि दिल्ली ब्लास्ट कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि एक सुनियोजित आतंकी साजिश थी. अब जांच एजेंसियां फरीदाबाद मॉड्यूल और दिल्ली धमाके के बीच के हर लिंक को परख रही हैं. फिलहाल राजधानी में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. लाल किला और आसपास के इलाके को पूरी तरह घेर लिया गया है. विशेषज्ञ टीमें हर साक्ष्य का फॉरेंसिक विश्लेषण कर रही हैं ताकि यह स्पष्ट हो सके कि यह हमला अकेले उमर मोहम्मद ने किया या इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है.

यह भी पढ़ें

बताते चलें कि दिल्ली का यह धमाका सिर्फ एक विस्फोट नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गहरी चेतावनी है कि आतंक के नए चेहरे अब पढ़े-लिखे पेशेवरों के रूप में सामने आ रहे हैं. जांच का अगला कदम बताएगा कि इस साजिश की जड़ें कितनी गहरी हैं.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...