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'खुद को पीड़ित जैसा महसूस न करें...', H1-B वीजा पर ट्रंप के फैसले पर शशि थरूर का बयान, कहा - यह आपदा में अवसर जैसा
शशि थरूर ने एक इंटरव्यू में कहा कि वीजा मामले पर हमें ज्यादा नकारात्मक नहीं होना चाहिए. थरूर ने मोदी सरकार के प्रति फिर से थोड़ी नरमी दिखाते हुए कहा कि 'यह अप्रत्याशित था.'
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H1-B वीजा के लिए बढ़ाई गई फीस का मामला गरमाता जा रहा है. भारत के लाखों आईटी प्रोफेशनल्स के नौकरी पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है. बता दें कि ट्रंप के इस फैसले से भारतीय राजनीति में उथल-पुथल देखने को मिल रही है. इसको लेकर विपक्ष सत्ता पक्ष पर लगातार निशाना साध रहा है. अभी दोनों देशों के बीच टैरिफ मसला खत्म नहीं हुआ कि ट्रंप के इस फैसले ने हर किसी को हैरान कर दिया. इस बीच हर मुद्दे पर अपनी राय रखने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद शशि थरूर ने भारतीयों के लिए इस मुश्किल घड़ी को 'आपदा में अवसर' बताया है. उन्होंने कहा है कि यह भारत के लिए तीसरा झटका है. अक्सर अपनी पार्टी से हटकर बयानों के लिए चर्चा में रहने वाले थरूर ने फिर से केंद्र की मोदी सरकार के प्रति नरम रुख अपनाया है.
'पीड़ित जैसा महसूस करने की जरूरत नहीं'
शशि थरूर ने एक इंटरव्यू में कहा कि वीजा मामले पर हमें ज्यादा नकारात्मक नहीं होना चाहिए. थरूर ने मोदी सरकार के प्रति फिर से थोड़ी नरमी दिखाते हुए कहा कि 'यह अप्रत्याशित था. इससे हमारे कुछ लोगों और कंपनियों को हालिया नुकसान उठाना पड़ेगा, लेकिन देखा जाए तो यह दीर्घकालिक रूप से हमारे लिए लाभदायक साबित होगा. इससे हमारे हाथ को मजबूत करने का एक बड़ा मौका मिलेगा, हमें खुद को पीड़ित जैसा महसूस करने की जरूरत नहीं है '
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'शुरुआत में वह हमारे साथ बेहतर थे'
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थरूर ने अमेरिकी राष्ट्रपति के अस्थिर स्वभाव पर भी टिप्पणी की. इस दौरान उन्होंने कहा कि 'अगर साल की शुरुआत में देखें, तो वह काफी बेहतर थे, लेकिन उसके बाद वह अचानक से हमारे लिए नकारात्मक हो गए. उनके विचार बदल गए हैं. आने वाले महीनों में भी हो सकता है कि वह हमारे लिए पूरी तरीके से सकारात्मक हो जाए.' उन्होंने आगे कहा कि 'अमेरिका में पर्याप्त मात्रा में इंजीनियर और सॉफ्टवेयर प्रोफेशनल्स नहीं है. ट्रंप के इस फैसले के कारण इसका परिणाम जल्द सामने आएगा, जो नौकरियां अभी अमेरिका में जा रही हैं. वह इंग्लैंड, आयरलैंड, फ्रांस जर्मनी या शायद भारत की तरफ अपना रुख अपना ले.'
'ट्रंप के फैसले से लाखों नौकरियां खतरे में'
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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले की वजह से लाखों भारतीयों की नौकरियों पर खतरा बना हुआ है. खासतौर से जो आईटी प्रोफेशनल से जुड़े हुए हैं. वह काफी चिंतित हैं.
यह 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' के अनुरूप - थरूर
थरूर ने ट्रंप पर सवाल उठाते हुए कहा कि 'यह कदम उनके दक्षिणपंथी नारे 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' के अनुरूप है. ट्रंप के ऊपर नस्लवाद का आरोप नहीं लगाएंगे, क्योंकि ट्रंप के सभी जातियों में दोस्त हैं, लेकिन जिस तरीके से वह इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं. वह निश्चित रूप से प्रवासियों के लिए यह जगह सही नहीं है.'
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ट्रंप के फैसले पर कांग्रेस ने मोदी सरकार को घेरा
बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा H1-B वीजा के लिए राशि बढ़ाए जाने को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर हमला बोला है. H1-B वीजा मामले पर राजनीति तेज हो गई है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने ट्रंप के इस फैसले पर नाराजगी जताते हुए केंद्र की मोदी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को एक कमजोर प्रधानमंत्री बताया. इसके अलावा पार्टी के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मोदी की विदेश नीति को गले लगाने तक सीमित करने का आरोप लगाया है.
ट्रंप का फैसला भारत के भविष्य के लिए सही - बीजेपी
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जहां एक तरफ विपक्ष सत्ता पक्ष यानी केंद्र सरकार पर ट्रंप के इस फैसले को लेकर लगातार हमला बोल रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ बीजेपी इसे भारत के भविष्य के लिए एक बड़ी संभावना के रूप में देख रही है.
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हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कर दिया है कि यह नई फीस केवल नए आवेदकों पर ही लागू होगी. इसका पुराने आवेदकों पर किसी भी तरह से कोई भी प्रभाव नहीं पड़ेगा.