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नहीं किया मेडे कॉल... अजित पवार के प्लेन क्रैश के वक्त क्या थे कैप्टन शांभवी पाठक के आखिरी शब्द, जानें
अजित पवार के प्लेन की कैप्टन शांभवी पाठक के क्रैश से ठीक पहले क्या थे आखिरी शब्द, अजित के प्लेन के पायलट ने आख़िरी कॉल में क्या कहा? पवार के प्लेन क्रैश से ठीक पहले क्या-क्या हुआ था, खुलासा हो गया.
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महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार की एक दुखद विमान हादसे में मौत हो गई. प्लेन तड़के सुबह कोहरे के कारण डबल लैंडिंग अप्रोच के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुआ. इस हादसे में विमान में सवार सभी 5 लोगों की मौत हो गई. जानकारी के मुताबिक, बारामती में विमान हादसे के वक्त उनके साथ मौजूद पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर एचसी विदिप जाधव, पायलट कैप्टन सुमित कपूर, कैप्टन शांभवी पाठक और फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली मौजूद थीं, जिनकी इस हादसे में जान चली गई.
एविएशन सूत्रों के मुताबिक, प्लेन क्रैश से पहले विमान के मेन पायलट कैप्टन सुमित कपूर थे. वही फ्लाइट को लीड कर रहे थे, जबकि कैप्टन शांभवी पाठक उन्हें असिस्ट कर रही थीं. जानकारी के अनुसार, कैप्टन सुमित ने मेडे कॉल नहीं किया था, लेकिन उनके साथ मौजूद कैप्टन शांभवी पाठक के आखिरी शब्द थे- “ओह शिट... ओह शिट, शिट, शिट...”
क्या होता है मेडे कॉल?
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आपको बता दें कि ‘मेडे कॉल’ एक आपातकालीन संकेत होता है, जिसे पायलट उस समय देता है, जब विमान किसी इमरजेंसी सिचुएशन का सामना करता है और तत्काल मदद की आवश्यकता होती है. यह कॉल एयर ट्रैफिक कंट्रोल को तीन बार “मेडे” कहकर दी जाती है.
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अब इस विमान हादसे की जांच ब्लैक बॉक्स में रिकॉर्ड हुई कॉकपिट की बातचीत और सिचुएशन के आधार पर होगी. सूत्रों के मुताबिक, ‘फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर’ (FDR) और कॉकपिट ‘वॉयस रिकॉर्डर’ (CVR) की जांच की जाएगी. लैंडिंग से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों की भी पड़ताल होगी. लोकलाइज़र ‘इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम’ का एक हिस्सा होता है, जो विमान को रनवे की सेंटरलाइन का मार्गदर्शन प्रदान करता है.
बार-बार लैंडिंग की कोशिश फेल, फिर हो गया हादसा!
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सुबह के समय कोहरे के कारण विजिबिलिटी कम थी. पायलटों ने बारामती एयरपोर्ट के रनवे-11 पर लैंडिंग की पहली कोशिश की, लेकिन उन्हें रनवे साफ दिखाई नहीं दिया. इसके चलते यह प्रयास असफल रहा. इसके बाद पायलटों ने विमान को दोबारा ऊपर ले लिया और कुछ देर बाद फिर से लैंडिंग की कोशिश की. इस बार प्लेन रनवे की दिशा में बढ़ा, लेकिन जमीन को छूने से पहले ही संतुलन बिगड़ गया. विमान पलट गया और सीधे जमीन से टकरा गया.
क्या बोले चश्मदीद!
बारामती एयरपोर्ट के पास के गांवों के कई लोगों ने हादसे से पहले विमान को देखा था. एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि प्लेन रनवे तक पहुंचने से करीब 100 मीटर पहले ही क्रैश हो गया. जब विमान नीचे उतर रहा था, तभी उन्हें अंदेशा हो गया था कि कोई बड़ा हादसा होने वाला है, और वही हुआ.
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जमीन से टकराते ही हुआ जोरदार धमाका
इस दुर्घटना के प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जमीन से टकराते ही विमान में जोरदार धमाका हुआ और तुरंत भीषण आग लग गई. इसके बाद 4 से 5 बार और धमाके हुए, जिससे आसपास का इलाका दहल गया. एयरपोर्ट की दिशा से आग और धुएं का घना गुबार देखकर स्थानीय लोग तुरंत क्रैश साइट की ओर दौड़े. ग्रामीणों ने विमान में सवार लोगों को बाहर निकालने की कोशिश भी की, लेकिन आग इतनी भयानक थी कि किसी को बचाया नहीं जा सका.
अजित पवार ने किसे किया था आखिरी बार कॉल?
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बताया जा रहा है कि हादसे से पहले अजित पवार ने भाजपा विधायक और अपने भतीजे रणजित सिंह पाटिल से फोन पर बात की थी. रणजित सिंह पाटिल के अनुसार, विमान में चढ़ने से पहले अजित पवार ने उनसे कहा था कि वे लैंडिंग के बाद उनसे बात करेंगे. यही बातचीत उनकी आखिरी फोन कॉल साबित हुई.