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Dhami सरकार ने किया ऐसा ऐलान, Uttarakhand से Delhi जाने वालों का Bus से सफर होगा आसान !
बसों की किल्लत से जूझ रहे Uttarakhand Transport Corporation के प्रस्ताव पर धामी सरकार ने लगाई मुहर, अब दिल्ली से उत्तराखंड बस से सफर करने वालों को मिलेगी बड़ी राहत !
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देवभूमि उत्तराखंड से राजधानी दिल्ली तक हर रोज बड़ी संख्या में लोग बस से सफर करते हैं। लेकिन राजधानी दिल्ली में बीएस फोर या इससे नीचे के मानकों की एंट्री बैन है। जिसकी वजह से उत्तराखंड परिवहन निगम के पास बसों की किल्लत हो गई है।जिसका सीधा असर यात्रियों पर पड़ रहा है। और लोगों को समय से बसें नहीं मिल पा रही हैं। देवभूमि के लोगों की इसी समस्या को देखते हुए उत्तराखंड की धामी सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है। जिससे जल्द ही बसों की किल्लत दूर हो जाएगी।
दरअसल प्रदूषण को ध्यान में रखते हुए राजधानी दिल्ली में पिछले कई सालों से बीएस फोर और इससे नीचे के मानकों वालीं बसों की एंट्री पूरी तरह से बैन हैं। जिससे उत्तराखंड नगर निगम को दिल्ली से उत्तराखंड तक बस संचालन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। क्योंकि यात्रियों की बढ़ती संख्या के हिसाब से बसों की संख्या कम पड़ जाती थी। जिसके लिए 175 नई बसें खरीदने के लिए धामी सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजी गई थी। जिनमें सौ डीजल और 75 सीएनजी बसें शामिल थीं।
परिवहन निगम के इस प्रस्ताव को धामी सरकार ने मंजूरी दे दी। जिसके तहत बीएस 6 मानक की सौ डीजल बसें तत्काल प्रभाव से खरीदने का आदेश दिया गया है। जिससे बसों की कमी काफी हद तक दूर की जा सके।और यात्रियों को सहूलियत हो सके।आपको बता दें। दिल्ली मार्ग उत्तराखंड परिवहन निगम के सबसे व्यस्त और लाभदायक मार्गों में से एक है। यह राज्य के कई शहरों को राष्ट्रीय राजधानी से जोड़ता है। दिल्ली की नई गाइडलाइन के चलते निगम की कई सेवाएं बाधित हो गई थीं। इससे न केवल निगम को आर्थिक नुकसान हो रहा था, बल्कि यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। ऐसे में नई बसों के शामिल होने से न केवल दिल्ली मार्ग पर सेवाएं बहाल होंगी, बल्कि यात्रियों को आधुनिक और आरामदायक यात्रा का अनुभव भी मिलेगा. बीएस-6 मानक की बसें पर्यावरण के अनुकूल होने के साथ-साथ ईंधन खपत में भी प्रभावी हैं।
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