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काशी विश्वनाथ के दरबार में श्रद्धालुओं को नहीं करना पड़ेगा भीषण गर्मी का सामना, मंदिर प्रशासन ने किए ख़ास इंतजाम
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन यहां आने वाले बाबा के भक्तों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए और उन्हें भीषण गर्मी से राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की है।
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उत्तर भारत में मार्च के अंतिम सप्ताह में ही प्रचंड गर्मी पढ़ने लगी है। सुबह 9:00 के बाद कड़ाके की धूप ने देर शाम तक लोगों को गर्मी से बेहाल करके रखा है। ऐसे में बात अगर धर्म नगरी वाराणसी की करें तो यहां भी भीषण गर्मी के चलते गंगा के घाट जो कभी श्रद्धालु और पर्यटकों से गुलजार रहा करते थे, वहां पर भी अब सन्नाटा देखने को मिल रहा है। इस बीच वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन यहां आने वाले बाबा के भक्तों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए और उन्हें भीषण गर्मी से राहत देने के लिए कई महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की है।
श्रद्धालुओं को मिलेगी राहत
काशी विश्वनाथ मंदिर प्रशासन यहां आने वाले श्रद्धालुओं को एक सुरक्षित स सुखद अनुभव प्रदान करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है। जानकारी के अनुसार मौसम में बदलाव और बढ़ती चिलचिलाती गर्मी मंदिर प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती थी क्योंकि बड़ी संख्या में प्रतिदिन श्रद्धालु बाबा के दर्शन को पहुंचते है। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में मंदिर प्रशासन ने कॉरिडोर में धूप से बचाव के लिए जर्मन हैंगर पंडाल और जमीन पर मैट लगाए गए है, वही श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शुद्ध पेयजल और ORS घोल भी वितरित किया जा रहा है। इसको लेकर एसडीएम शंभू शरण ने बताया कि वर्तमान समय में धूप काफी तेज हो रही है ऐसे में मंदिर में लगे पत्थर पर मत बिछाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को चलने में दिक्कत ना आए। इसके साथ ही जर्मन हैंगर और कूलर फैन लगाए जा रहे है। ताकि वातावरण में शीतलता बनी रहें। आपको बता दे की हर रोज बड़ी संख्या में श्रद्धा ल काशी विश्वनाथ दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
बीते कुछ दिनों से वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल में प्रचंड गर्मी का प्रभाव देखा जा रहा है बात अगर 26 मार्च को करें तो यहां पर तापमान 39 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रिकॉर्ड किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान भी 20 डिग्री रहा। ऐसे में अगर मौसम वैज्ञानिकों की माने तो आने वाले कुछ दिनों में वाराणसी सहित पूरे पूर्वांचल में लोगों को चिल्लाती गर्मी का सामना करना पड़ेगा।
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