Advertisement
Loading Ad...
महाराष्ट्र चुनाव नज़दीक आने के बावजूद सीट बंटवारे को लेकर MVA की नहीं सुलझ रही गुत्थी
गातार चल रही बैठकों के दौर के बाद बुधवार को कांग्रेस, एनसीपी शरद पवार गुट और उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के लिए 85-85-85 सीट का फार्मूला तय हुआ था। जिसकी कुल संख्या 255 हुई, वही बची हुई सीटों को गठबंधन में शामिल अन्य दलों को देने पर सहमति बनी थी लेकिन एक बार फिर महाविकास अघाड़ी में सीट शेयरिंग का नया फार्मूला सामने आया है।
Advertisement
Loading Ad...
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के मतदान के लिए एक महीने से भी कम का समय बचा है। एक तरफ प्रत्याशियों के नामांकन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है वहीं दूसरी तरफ महाविकास अघाड़ी में सीट बंटवारे को लेकर मंथन अभी भी जारी है। लगातार चल रही बैठकों के दौर के बाद बुधवार को कांग्रेस, एनसीपी शरद पवार गुट और उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के लिए 85-85-85 सीट का फार्मूला तय हुआ था। जिसकी कुल संख्या 255 हुई, वही बची हुई सीटों को गठबंधन में शामिल अन्य दलों को देने पर सहमति बनी थी लेकिन एक बार फिर महाविकास अघाड़ी में सीट शेयरिंग का नया फार्मूला सामने आया है। नए फार्मूले के मुताबिक कांग्रेस 102 से 104, शिवसेना यूबीटी 90 से 95 और शरद पवार की सीपी 70 से 75 सीटों पर चुनाव लड़ेगी।
महाराष्ट्र विधानसभा की सभी 288 सीटों पर 20 नवंबर को मतदान होना है। इसको सत्ताधारी महायुती में सीट बंटवारे पर सहयोगी दलों के साथ सहमति बनने के बाद अब पार्टियों के प्रत्याशियों की सूची भी सामने आने लगी है तो वहीं दूसरी तरफ विपक्ष में बैठी महाविकास अघाड़ी में शामिल दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर रोज नई-नई बातें निकलकर सामने आ रही है। पहले 85-85 वाला फार्मूला सामने आया था जिस पर लगभग सभी की सहमति बन गई थी। इसके बाद महज 2 दिन के भीतर अब नया फार्मूला फिर से सामने आया है जिसमें कांग्रेस सबसे ज्यादा सीटों पर चुनाव लड़ते दिख सकती है। दरअसल, महाविकास अघाड़ी में शामिल दल के नेता शरद पवार के पास पहुंचे थे और बताया यही जा रहा है कि शरद पवार नही नए फार्मूले को बनाने में मदद की है। महाराष्ट्र के कई विधानसभा सीट ऐसी है, जिन पर कांग्रेस शुरू से नजर बनाई हुई थी लेकिन शिवसेना की चलते मामला फसता हुआ दिखाई दे रहा था क्योंकि इन सीटों को शिवसेना कांग्रेस को देने के लिए तैयार नहीं हो रही थी अब यह देखना है महायुती में जो नया फार्मूला निकाल के सामने आया है क्या गठबंधन में शामिल सभी दल इस फार्मूले से संतुष्ट होते हैं।
कांग्रेस-शिवसेना में कौन सी सीट की वजह से नहीं बन रही बात
महाराष्ट्र के कई ऐसी विधानसभा सीट है जिस पर कांग्रेस और शिवसेना दोनों ही पार्टियों अपना दावा कर रही हैं। इन दोनों दलों को लग रहा है कि अगर उसे सीट पर उनकी पार्टी के प्रत्याशी चुनावी मैदान में उतरते हैं तो जरूर जीत हासिल करेंगे। इनमें मुख्य रूप सेगढ़चिरौली,अरमोरी, गोंदिया, चिमूर, भंडारा, बल्लारपुर, रामटेक,चंद्रपुर, कामठी, अहेरी, दक्षिण नागपुर और भद्रावती वरोरा सीट पर पेच फंसा हुआ था. बीजेपी ने पिछले चुनाव में बल्लारपुर,चिमूर, कामठी और दक्षिण नागपुर सीट पर जीत हासिल की थी. वहीं चंद्रपुर,गोंदिया, रामटेक विधानसभा सीटें निर्दलीय उम्मीदवारों के पास गई थीं. सिर्फ भद्रावती सीट ही कांग्रेस के पास है.अब जब सीट बंटवारे की बारी आई तो शिवसेना (यूबीटी) और कांग्रेस, दोनों ही इन सीटों पर दावा ठोंकने लगे।
बताते चलें कि महाराष्ट्र हुए सियासी उठा-पटक के बाद यह पहला चुनाव होगा जब शिवसेना के दो और एनसीपी के दो गुट आमने-सामने चुनावी मैदान में होंगे। इससे पहले अगर लोकसभा चुनाव के नतीजे पर नजर डाले तो महाराष्ट्र में महाविकास अघाड़ी ने सत्ताधारी महायुती से बेहतर प्रदर्शन किया था। ऐसे में महायुति के लिए ये चुनाव जीतकर दुबारा सत्ता में आने की राह थोड़ी मुश्किल भी लग रही है हालांकि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि राज्य की जनता ने डबल इंजन की सरकार को पसंद किया है।
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...