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उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने निभाया वादा, बुजुर्ग महिला से मिलकर दी 1.5 लाख रुपए की आर्थिक मदद, हर महीने 5,000 रुपए देंगे
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इंदला नागेश्वरम्मा के घर जाकर बुजुर्ग महिला का हालचाल पूछा. बुजुर्ग महिला ने जन सेना पार्टी के नेता को गले लगाया और उन्हें आशीर्वाद दिया. कल्याण ने महिला के लिए 50,000 रुपए और उनके पोते की शिक्षा के लिए 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की.
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आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने बुधवार को गुंटूर जिले के इप्पटम गांव का दौरा किया और वहां की एक बुजुर्ग महिला से मुलाकात की. पवन कल्याण ने तीन साल पहले इस बुजुर्ग महिला की मदद करने का वादा किया था, जिसको उन्होंने सरकार में आने के बाद पूरा किया है.
पवन कल्याण ने निभाया अपना वादा
उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने इंदला नागेश्वरम्मा के घर जाकर बुजुर्ग महिला का हालचाल पूछा. बुजुर्ग महिला ने जन सेना पार्टी के नेता को गले लगाया और उन्हें आशीर्वाद दिया. कल्याण ने महिला के लिए 50,000 रुपए और उनके पोते की शिक्षा के लिए 1 लाख रुपए की आर्थिक सहायता की घोषणा की.
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बुजुर्ग महिला को अपने वेतन से हर महीने देंगे 5,000 रुपए
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उपमुख्यमंत्री ने महिला को अपने वेतन से हर महीने 5,000 रुपए देने का भी वादा किया. बता दें कि नवंबर 2022 में अभिनेता-राजनेता ने गांव के उन लोगों से मुलाकात की थी, जिनके घर सड़क चौड़ीकरण के दौरान गिरा दिए गए थे.
आरोप था कि तत्कालीन वाईएसआर कांग्रेस पार्टी की सरकार ने उनके घरों को इसलिए ध्वस्त कर दिया था क्योंकि उन्होंने 14 मार्च, 2022 को जन सेना के स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित जनसभा के लिए अपनी जमीनें दे दी थीं.
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इस दौरान नागेश्वरम्मा ने उनसे मुलाकात की और चुनाव जीतने के बाद फिर से आने का अनुरोध किया. पवन कल्याण ने गांव आने का वादा किया था. 2024 में भाजपा और टीडीपी के साथ सत्ता हासिल करने के बाद पवन कल्याण ने बुधवार को गांव जाकर अपना वादा निभाया.
मैंने अपना सारा काम स्थगित कर दिया और आपके लिए आया हूं"
उन्होंने बुजुर्ग महिला से मिलकर कहा कि आज आपसे किया वादा निभाने के लिए, मैंने अपना सारा काम स्थगित कर दिया और आपके लिए आया हूं.
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पवन कल्याण ने स्नेहपूर्वक उन्हें गले लगाया और गर्मजोशी से बातें कीं.
उन्होंने बताया कि पिछली सरकार के कार्यकाल में नागेश्वरम्मा का घर इसलिए ध्वस्त कर दिया गया था क्योंकि उन्होंने और अन्य लोगों ने जन सेना की जनसभा के लिए अपनी जमीनें दे दी थीं.
उन्होंने याद दिलाया कि नागेश्वरम्मा ने तत्कालीन शासकों के अत्याचारों का डटकर विरोध किया और उनसे कहा कि उनका बेटा पवन कल्याण आएगा.
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पवन कल्याण ने याद दिलाया कि वे गांव आए थे और सभी को आश्वासन दिया था. नागेश्वरम्मा ने उनसे चुनाव जीतने के बाद अपने घर आने का अनुरोध किया था.