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दिल्ली ब्लास्ट: यूरिया पीसकर विस्फोटक बनाता था डॉ. मुजम्मिल, टैक्सी ड्राइवर के घर में रखी थी आटा चक्की और मशीनें

इसी आटा चक्की में डॉ. मुजम्मिल यूरिया पीसता था, फिर मशीन से उसे रिफाइन करता था और उसमें केमिकल मिलाकर विस्फोटक बनाता था. जानकारी के मुताबिक मुजम्मिल ने केमिकल अल फलाह यूनिवर्सिटी की लैब से चुराया था.

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दिल्ली ब्लास्ट (Delhi Red Fort Blast) केस में आतंकियों का जैश-ए-मोहम्मद कनेक्शन सामने आया है. पाकिस्तान में बैठे आतंकी संगठन ने डॉ. मुजम्मिल शकील को बम बनाने के कई वीडियोज भेजे थे. जिसमें बम बनाने के अलग-अलग तरीकों और सामग्री के बारे मेें बताया गया था. ये भी खुलासा हुआ है कि मौलवियों और डॉक्टर्स ने व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल तैयार किया था. इसमें जम्मू कश्मीर के शोपियां का रहने वाला मौलवी इरफान शामिल था. 

आतंकियों ने दहलाने के लिए रसायनिक प्लान तैयार किया था. NIA ने फरीदाबाद के धौज गांव में रह रहे एक टैक्सी ड्राइवर के घर से आटा चक्की और कुछ इलेक्ट्रॉनिक मशीनें बरामद की हैं. सूत्रों के मुताबिक, मुजम्मिल इसी आटा चक्की में डॉ. मुजम्मिल यूरिया पीसता था, फिर मशीन से उसे रिफाइन करता था और उसमें केमिकल मिलाकर विस्फोटक बनाता था. जानकारी के मुताबिक मुजम्मिल ने केमिकल अल फलाह यूनिवर्सिटी की लैब से चुरा रहा था. 

2558 किलो यूरिया बरामद 

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जांच टीम को ड्राइवर के घर से मेटल पिघलाने वाली मशीन भी मिली है. जिसका इस्तेमाल मुजम्मिल आतंकी सामग्री बनाने के लिए करता था. जम्मू कश्मीर पुलिस ने धौज गांव से करीब 4 किलोमीटर दूर फतेहपुरतगा गांव में टैक्सी ड्राइवर के कमरे से 2558 किलो यूरिया की कई बोरियां जब्त की थीं. बताया जा रहा है मुजम्मिल की निशानदेही पर ही ड्राइवर को पकड़ा गया था. ड्राइवर से पूछताछ में सामने आया कि मुजम्मिल ने ही आटा चक्की उसके घर में रखी थी. फिर कुछ दिन बाद वह अपने साथ इसे धौज गांव ले गया. 
ड्राइवर के बारे में कहा जा रहा है कि वह 20 साल से धौज गांव में अपनी बहन के पास रहता है. वह एक स्कूल के लिए कैब चलाता है. मुजम्मिल और ड्राइवर की मुलाकात अल फलाह यूनिवर्सिटी में हुई थी. जहां उसके बेटे का इलाज मुजम्मिल ने किया था. 

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दिल्ली ब्लास्ट में किस-किस की हुई गिरफ्तारी? 

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10 नवंबर को दिल्ली में लाल किले के पास हुए कार ब्लास्ट में 15 लोगों की मौत हो गई. इससे पहले जम्मू कश्मीर पुलिस ने देशभर में ऑपरेशन चलाते हुए कई संदिग्धों को हिरासत में लिया था. फरीदाबाद समेत कई जगहों से भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद किया गया था. 
NIA ने अल फलाह यूनिवर्सिटी के डॉ. मुजम्मिल शकील, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. आदिल अहमद राथर और मौलवी इरफान को हिरासत में लिया है. मौलवी इरफान वही है जिसने डॉक्टरों को कट्टरपंथ की तरफ मोड़ा. इनके अलावा आमिर रशीद और जसीर बिलाल को भी अरेस्ट किया गया था. आमिर का नाम ब्लास्ट वाली कार की खरीद में सामने आया है तो वही जसीर बिलाल ने ब्लास्ट की साजिश में टेक्निकल सपोर्ट दिया था. 

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