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नए साल पर दिल्ली मेट्रो का होगा विस्तार, बनेंगे 13 नए स्टेशन, मोदी कैबिनेट ने 12 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा किए मंजूर
दिल्ली मेट्रो रोजाना करीब 65 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है और इसका मौजूदा नेटवर्क लगभग 395 किलोमीटर का है. अब 16 किलोमीटर के इस नए विस्तार के बाद मेट्रो न सिर्फ दिल्ली बल्कि एनसीआर के संपर्क को भी और बेहतर बनाएगी.
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Delhi Metro: नए साल से ठीक पहले केंद्र की मोदी सरकार ने दिल्ली-एनसीआर के लोगों को बड़ी राहत दी है. खासतौर पर सरकारी कर्मचारियों और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह फैसला बेहद फायदेमंद माना जा रहा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट बैठक में दिल्ली मेट्रो के चरण-V (Phase-VA) के विस्तार को मंजूरी दे दी गई है. इस फैसले से दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिलेगी और लोगों का सफर पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा.
12 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की बड़ी परियोजना
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट बैठक के बाद इस फैसले की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस मेट्रो विस्तार परियोजना पर करीब 12,015 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. यह एक बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजना है, जिसका मकसद दिल्ली के प्रमुख इलाकों को बेहतर कनेक्टिविटी देना है. सरकार का लक्ष्य है कि इस प्रोजेक्ट को तीन साल के भीतर पूरा कर लिया जाए.
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400 किलोमीटर से ज्यादा होगा दिल्ली मेट्रो नेटवर्क
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इस नए विस्तार के साथ ही दिल्ली मेट्रो का कुल नेटवर्क 400 किलोमीटर के आंकड़े को पार कर जाएगा. अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब भारत के पास चीन और अमेरिका के बाद दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क है. यह विस्तार दिल्ली मेट्रो को और मजबूत बनाएगा, जिसे राजधानी की लाइफलाइन भी कहा जाता है.
परियोजना की मुख्य खासियतें
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इस चरण में दिल्ली मेट्रो का 16 किलोमीटर लंबा नया कॉरिडोर बनाया जाएगा. इसमें कुल 13 नए स्टेशन होंगे, जिनमें 10 भूमिगत और 3 एलिवेटेड स्टेशन शामिल हैं. यह कॉरिडोर राजधानी के बेहद महत्वपूर्ण और व्यस्त इलाकों से होकर गुजरेगा, जिससे यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा.
पर्यावरण और यात्रियों दोनों को फायदा
सरकार के मुताबिक इस परियोजना से पर्यावरण को भी बड़ा लाभ होगा. अनुमान है कि इससे हर साल करीब 33,000 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन कम होगा. मेट्रो के बेहतर विकल्प मिलने से लोग निजी वाहनों का कम इस्तेमाल करेंगे, जिससे प्रदूषण में कमी आएगी और ट्रैफिक का दबाव भी घटेगा. साथ ही लोगों का समय और पैसा दोनों बचेगा.
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कर्तव्य भवन और केंद्रीय कर्मचारियों को सीधा लाभ
इस फेज की सबसे खास बात यह है कि यह कॉरिडोर कर्तव्य भवन (सेंट्रल विस्टा क्षेत्र) को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ेगा. इससे केंद्र सरकार के लगभग 60 हजार कर्मचारी और रोजाना आने वाले करीब 2 लाख आगंतुकों को सीधा फायदा मिलेगा. अब सरकारी दफ्तरों तक पहुंचना पहले से कहीं ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा.
यह नया कॉरिडोर मैजेंटा
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लाइन के विस्तार के रूप में तैयार किया जाएगा, जो आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ तक जाएगा. इस विस्तार में जिन प्रमुख स्टेशनों को शामिल किया गया है, उनमें आरके आश्रम, शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, कर्तव्य भवन, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल/हाई कोर्ट-बरौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ शामिल हैं. इससे दिल्ली के सबसे अहम इलाकों की कनेक्टिविटी और मजबूत होगी.
65 लाख यात्रियों की पहली पसंद बनी दिल्ली मेट्रो
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फिलहाल दिल्ली मेट्रो रोजाना करीब 65 लाख यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाती है और इसका मौजूदा नेटवर्क लगभग 395 किलोमीटर का है। अब 16 किलोमीटर के इस नए विस्तार के बाद मेट्रो न सिर्फ दिल्ली बल्कि एनसीआर के संपर्क को भी और बेहतर बनाएगी. सरकार का मानना है कि यह फैसला राजधानी के विकास में एक बड़ा कदम साबित होगा.