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दिल्ली सरकार की नई पहल, इंजीनियर-डॉक्टर-वकील बनने का सपना होगा Free में पूरा
शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह मिशन योग्यता आधारित शिक्षा को बढ़ावा देगा, ताकि हर बच्चा अपनी क्षमता के हिसाब से आगे बढ़ सके.
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JEE, NEET, CLAT, CA और CUET Free Classes: दिल्ली सरकार ने राजधानी के हजारों छात्रों के लिए एक बड़ी राहत देने वाली घोषणा की है. अब दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले मेधावी और मेहनती छात्रों को बड़े-बड़े एग्ज़ाम की तैयारी के लिए किसी तरह की फीस नहीं देनी पड़ेगी. सरकार ने स्पष्ट किया है कि JEE, NEET, CLAT, CA और CUET जैसे कठिन और प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं की कोचिंग पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी. यह सुविधा महामना पंडित मदन मोहन मालवीय विद्या शक्ति मिशन के तहत शुरू की गई है. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली के लगभग 2,200 सरकारी स्कूलों के होनहार बच्चों को प्रोफेशनल कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे वे देश की टॉप परीक्षाओं के लिए बिना आर्थिक चिंता के तैयारी कर सकें.
छात्रों के सपनों को पूरा करने में मदद करेगा यह मिशन
दिल्ली सरकार का कहना है कि इस मिशन का असली मकसद सिर्फ बच्चों को पढ़ाना नहीं है, बल्कि उनके सपनों को नई उड़ान देना है. सरकार चाहती है कि आर्थिक तंगी किसी भी बच्चे की प्रगति में रुकावट न बने. इस मिशन के तहत छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ-साथ उनका भावनात्मक स्वास्थ्य, आत्मविश्वास और मानसिक मजबूती बढ़ाने पर भी ध्यान दिया जाएगा. शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह पहल दिल्ली के स्कूलों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से मजबूत बनाने और बच्चों को सही दिशा दिखाने के लिए शुरू की गई है. इस अभियान से उन हजारों छात्रों को बड़ी मदद मिलेगी जिनके पास टॉप कोचिंग सेंटरों की भारी फीस देने की क्षमता नहीं होती, लेकिन सपने डॉक्टर, इंजीनियर, वकील या सीए बनने के होते हैं.
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आर्थिक स्थिति नहीं बनेगी - अब छात्रों की सफलता की रुकावट
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सरकार का मानना है कि दिल्ली में बहुत से ऐसे बच्चे हैं जिन्हें प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन उनके परिवार की आर्थिक हालत उन्हें महंगी कोचिंग तक पहुंच नहींने देती. इसी वजह से सरकार ने फैसला लिया कि मेधावी छात्रों को विशेष ट्रेनिंग, स्टडी मटीरियल, doubt-clearing सत्र और काउंसलिंग बिल्कुल मुफ्त उपलब्ध कराई जाएगी. शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह योजना दिल्ली की सरकारी शिक्षा व्यवस्था में एक बड़ा बदलाव लाएगी. अब हर बच्चा, चाहे उसका परिवार किसी भी स्थिति में हो, बड़ी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेगा और अपने करियर को बेहतर दिशा दे सकेगा.
CET-2025 से शुरू हुआ बदलाव, क्लासें भी शुरू हो चुकी हैं
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मंत्री ने यह भी बताया कि 30 अक्टूबर को CET–2025 की परीक्षा आयोजित की गई थी जिसमें करीब 62,000 छात्र शामिल हुए.परीक्षा की काउंसलिंग प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और 26 नवंबर से ऑफलाइन कोचिंग क्लासेस भी शुरू हो चुकी हैं. उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ मार्क्स तक सीमित नहीं होनी चाहिए. छात्रों को भावनात्मक मजबूती, सम्मान और मानवता भी सीखनी चाहिए. इसी सोच के तहत सरकार स्कूलों में AI तकनीक से लैस स्मार्ट क्लासरूम और इमोशनल वेल-बीइंग आधारित शिक्षा मॉडल भी विकसित कर रही है.
हर बच्चे को समान अवसर देने की दिशा में बड़ा कदम
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शिक्षा मंत्री आशीष सूद ने कहा कि यह मिशन योग्यता आधारित शिक्षा को बढ़ावा देगा, ताकि हर बच्चा अपनी क्षमता के हिसाब से आगे बढ़ सके. चाहे बच्चा किसी भी परिवार से आता हो, उसे अपनी मंज़िल हासिल करने का बराबर का मौका मिलना चाहिए. दिल्ली सरकार का यह प्रयास हजारों बच्चों के भविष्य को सुरक्षित बनाने वाला है. इससे न केवल छात्रों को प्रोत्साहन मिलेगा, बल्कि सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता भी और मजबूत होगी.