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दिल्ली की आतिशी सरकार ने नए साल से पहले दिल्ली वालों को दिया बड़ा तोहफ़ा

शनिवार को नए साल के पहले दिल्ली सरकार ने दिल्लीवासियों को बड़ा तोहफ़ा दिया है। इसके तहत अब दिल्ली में बिजली बिलों पर लगे सरचार्ज को काफी कम कर दिया है। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और बिजली बिल भी कम आएगा।

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दिल्ली में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने है इसके लिए राजनीतिक दलों ने अभी से ही जनता को अपने पाले में लाने के लिए विशेष रणनीति के साथ क़दम बढ़ाना शुरू कर दिया है। इसी दिशा से सबसे पहला क़दम सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने बढ़ाया है। आप की तरफ़ से जनता के लिए लगातार वादों की बौछार की जा रही है। इसी कड़ी में शनिवार को नए साल के पहले दिल्ली सरकार ने दिल्लीवासियों को बड़ा तोहफ़ा दिया है। इसके तहत अब दिल्ली में बिजली बिलों पर लगे सरचार्ज को काफी कम कर दिया है। इससे लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और बिजली बिल भी कम आएगा। 


दरअसल,दिल्ली में पावर पर्चेज एडजस्टमेंट चार्ज (पीपीएसी) की दरें जो पहले बीआरपीएल के लिए 35.83 फीसद, बीवाईपीएल के लिए 38.12 फीसद और टीपीडीडीएल  के लिए 36.33 फीसद थीं उस पर कटौती की गई है। इसे घटाकर क्रमशः 18.19 फीसद, 13.63 फीसद और 20.52 फीसद कर दी गई हैं। सरकार के इस फ़ैसले से दिल्ली में बिजली के उपभोक्ताओं के बिल काम आएँगे। बताते चले कि दिल्ली सरकार में विधुत विभाग की ज़िम्मेदारी ख़ुद मुख्यमंत्री आतिशी संभालती है। यह एलान करते हुए मुख्यमंत्री आतिशी ने कहा कि यह सब ईमानदारी से चलाई जा रही सरकार की वजह से संभव हो पाया है। 


सीएम आतिशी ने कहा कि फ़ैसला केवल बिजली आपूर्ति श्रृंखला के सही प्रबंधन और पूर्व-योजना के जरिए ही सरकार हासिल की है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री आतिशी ने राजधानी से यूपी के नोएडा और हरियाणा के गुरुग्राम से दिल्ली के बिजली बिल की तुलना की है। हरियाणा और यूपी में बीजेपी की सरकार है एलकिं बिजली के बिल ज़्यादा है, बल्कि गर्मी के मौसम में बार-बार बिजली कटौती भी होती है। वहै दिल्ली में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति होती है और सरकार की नीतियों के चलते बिजली के बिल भी शून्य होते है। 


ग़ौरतलब है कि दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए भले ही अभी चुनाव आयोग की तरफ़ से कोई एलान नहीं किया गया हो लेकिन फ़रवरी में संभावित चुनाव को देखते हुए सत्ताधारी आम आदमी पार्टी लगातार जनहित में कई फ़ैसले ले रही है। वही दूसरी तरफ़ आम आदमी पार्टी को सत्ता से हटाने की जुगत में लगी बीजेपी और कांग्रेस को तरफ़ से आप और केजरीवाल के तमाम एलान को चुनावी जुमला बताया जा रहा है।
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