Advertisement

Loading Ad...

धरना दे रहे युवाओं से मिले CM धामी, पेपर लीक की CBI जांच की सिफारिश का ऐलान, छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस होंगे

सीएम धामी ने यह भी कहा कि हमारा सभी का परिवेश एक जैसा है. सभी छात्र छात्राओं के मन में यही रहता है कि हमें पढ़ाई के बाद नौकरी में जाना है. हमारे यहां फौज में जाने का भी कल्चर रहा है. उत्तराखंड में हर परिवार से कोई न कोई फौज में जरूरत होता है.

Dhami_Twitter
Loading Ad...

देहरादून के परेड ग्राउंड में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धरना प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की. उन्होंने छात्रों से कहा कि अगर मन की किसी तरह का संदेश है तो उसे निश्चित तौर पर दूर किया जाएगा. इसी बीच, मुख्यमंत्री धामी ने छात्रों को पेपर लीक मामले में सीबीआई से जांच कराने का भरोसा दिया.

बता दें कि इससे पहले जिलाधिकारी सविन बंसल और एसएसपी अजय सिंह ने युवाओं से बात की थी. इसके बाद आला अधिकारी भी युवाओं से बात करने पहुंचे थे. लेकिन युवा CBI जांच की मांग पर अड़े थे. आठवें दिन आखिरकार सीएम धामी मौके पर पहुंचे और परीक्षा मामले में चल रही हर कार्रवाई के बारे में युवाओं को बताया है.

CM धामी ने की प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात 

Loading Ad...

उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएसटी) का पेपर लीक मामले में छात्र कई दिन से धरने पर बैठे थे. मुख्यमंत्री ने छात्रों से कहा, "मैं आपकी तकलीफ समझ सकता हूं. आपके प्रदर्शन के दौरान मुझे एक-एक दिन भारी लग रहा था. गर्मी में आंदोलन करना कठिन है, मैंने इस परेशानी को महसूस किया. इसलिए मैं खुद आप लोगों के पास आया हूं."

Loading Ad...

उन्होंने कहा, "मैंने पहले भी आश्वस्त किया कि जो भी शंका-समाधान है, वह किया जाएगा. मेरा संकल्प है कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शिता के साथ पूर्ण हो. मैंने इस संकल्प के साथ लगातार काम किया है."

छात्रों से मिलकर क्या बोले CM धामी!

Loading Ad...

इस संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने अपने छात्र जीवन का वाकया बताया. उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि छात्र जब पढ़ाई पूरी करके भर्ती परीक्षाओं की तैयारियां करते हैं तो उनके कई तरह के सपने होते हैं. उनके सामने भविष्य को लेकर एक विजन होता है. अगर वह विजन आशा के अनुरूप आगे नहीं बढ़ता है तो निश्चित रूप से युवाओं में जोश होता है. मैंने आप सभी की तरह बचपन से ही बहुत सामान्य परिस्थितियां देखी हैं. छात्र जीवन में मैंने सहयोगियों के साथ काम किया है. नौजवानों के बीच काम किया है."

उत्तराखंड में हर परिवार से कोई न कोई फौज में है

सीएम धामी ने यह भी कहा कि हमारा सभी का परिवेश एक जैसा है. सभी छात्र छात्राओं के मन में यही रहता है कि हमें पढ़ाई के बाद नौकरी में जाना है. हमारे यहां फौज में जाने का भी कल्चर रहा है. उत्तराखंड में हर परिवार से कोई न कोई फौज में जरूरत होता है.

Loading Ad...

इस बीच, प्रदर्शनकारी छात्रों की तरफ से मुख्यमंत्री के सामने अपनी मांगें रखी गईं और एक भी ज्ञापन दिया. मौके पर ही मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों को माना और सीबीआई जांच का आश्वासन दिया.

कैसे लीक हुआ था प्रश्नपत्र?

इस मामले में मुख्य आरोपी खालिद ने गिरफ्तारी के बाद हरिद्वार सीआईयू कार्यालय में चली पूछताछ में पूरा घटनाक्रम पुलिस को बताया. खालिद ने बताया कि उसने मेहनत की जगह शॉर्टकर्ट अपनाया और अपने जाल में न खुद फंसा बल्कि बहन को भी सलाखों के पीछे पहुंचवा दिया. पता चला कि परीक्षा वाले दिन खालिद मुख्य गेट पर चेकिंग से बचने के लिए पीछे खेतों की तरफ बने छोटे दरवाजे से जुराब में आईफोन 12 मिनी मोबाइल लेकर अंदर पहुंचा. पेपर के दिन वह शौचालय गया.

Loading Ad...

यह भी पढ़ें

वहां से फोन लाया और कक्ष में पेपर के तीन पन्नों में 12 प्रश्नों फोटो खींचने में सफल हो गया और उसने जैमर की रेंज से बच रहे शौचालय में जाकर फोटो घर वाले मोबाइल पर भेजे. जहां से उसकी बहन ने आगे प्रोफेसर को भेजे और फिर मामला यहां से खुल गया.

अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...