Advertisement

Loading Ad...

अपराधियों के लिए काल, बच्चों के लिए ढाल- जानिए जापान से लेकर यूपी तक, बच्चों के ‘फेवरेट’ क्यों हैं योगी?

अपराध के ख़िलाफ़ ‘जीरो टॉलरेंस’ और बच्चों के प्रति संवेदनशीलता ने योगी आदित्यनाथ की ख्याति को ग्लोबल बना दिया है.

Loading Ad...

काबिले तारीफ है, अंदाज एक-एक काम का
गा रहा है गीत यूपी, योगी जी के नाम का

योगी के नाम का यह गीत न सिर्फ 25 करोड़ प्रदेशवासी, बल्कि निश्छल मन वाले बच्चे भी गा रहे हैं. कानपुर की खुशी की आवाज लौटाने से लेकर लखनऊ की अंजना के मकान को कब्जामुक्त कराने और गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस की चिंता करने से लेकर कानपुर की मायरा, मुरादाबाद की वाची, लखनऊ की अनाबी, लखीमपुर खीरी के शिवांशु-अजय कुमार समेत अनेक बच्चों के भविष्य को संवारने का जिम्मा संभालने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बच्चों से अद्भुत बॉन्डिंग है. बच्चे भी उनसे मिलने के लिए उत्सुक रहते हैं. जापान दौरे पर यामानाशी में भी सीएम योगी को देखने, उनसे मिलने और बाद करने के लिए बच्चों में भारी उत्साह देखा गया. एक छोटे बच्चे ने उनके सामने ‘कर्पूरगौरं करुणावतारं’ मंत्र का वाचन शुरू किया. एक लाइन भूल जाने पर मुख्यमंत्री ने स्वयं मंत्र को पूरा कर न सिर्फ बच्चे के आत्मविश्वास को बल दिया, बल्कि भारतीय संस्कृति व संस्कार को धारण करने के लिए बच्चे पर अपना स्नेह भी लुटाया. यहां सीएम ने बच्चों के साथ ‘गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुः’ मंत्र का उच्चारण भी किया. बच्चों ने मुख्यमंत्री के पैर छूकर आशीर्वाद लिया तो मुख्यमंत्री ने भी चॉकलेट देकर उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी. सीएम योगी ने विदेश में रहकर भी भारतीय संस्कारों को जीवित रखने वाले परिवारों की खुलकर सराहना भी की.

सुशासन के बीच जनसेवा और संवेदना की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं मुख्यमंत्री

Loading Ad...

25 करोड़ प्रदेशवासियों के मन-मस्तिष्क में सुशासन के प्रतीक योगी आदित्यनाथ जनसेवा और संवेदना की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करते हैं. जिन मुख्यमंत्री का नाम सुनकर अपराधी कांप उठते हैं, बच्चे सहजता से उनसे अपनी जिद मनवा लेते हैं. ‘मन के सच्चे’ बच्चे मुख्यमंत्री के सामने अपनी भावना को अत्यंत निश्छलता से प्रकट कर देते हैं. यह भाव कई मौकों पर सामने भी आया है, जनता दर्शन में एक बार छोटी बच्ची ने उन्हें सैल्यूट किया तो एक बच्ची ने ‘हम शेर बच्चे-शेर बच्चे’ कविता भी सुनाई. सीएम ने मुस्कुराते हुए बच्ची को मन लगाकर पढ़ने और उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया. योगी आदित्यनाथ का बाल प्रेम उनके कोमल हृदय व सर्वसुलभ होने के साथ-साथ जनसेवा, संवेदना और सुशासन की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता है.

Loading Ad...

भावनात्मक संवाद और बच्चों से जुड़ाव 

मुख्यमंत्री का बच्चों से जुड़ाव और उनके साथ भावनात्मक संवाद समय-समय पर सामने आता रहता है. विगत दिनों ‘जनता दर्शन’ में मां के साथ आई बच्ची अनाबी अली से सीएम का संवाद चर्चा में रहा. मकर संक्रांति पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का गोरखनाथ मंदिर में एक बच्चे से “और क्या चाहिए” पूछना और उसका मासूम जवाब- ‘चिप्स’ सुनकर खिलखिलाकर हंसना उनके बालप्रेम को प्रकट करता है. उत्तराखंड भ्रमण के दौरान मार्ग में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक बच्चे ने फूल भेंट किया तो उन्होंने मासूम को खाने का कुछ सामान दिया. बच्चे ने वह सामान अपने दादा को दे दिया. इस पर मुख्यमंत्री ने मुस्कुराते हुए प्यार भरे शब्दों में बच्चे से कहा, ‘हम भी तेरे दादा लगते हैं.’ 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस परेड में आए बच्चे सीधे सीएम योगी के पास पहुंच गए. सभी ने उनके साथ फोटो खिंचवाई. नन्ही बच्ची को गोद में लेकर सीएम ने वात्सल्य भाव प्रकट किया. गोरखपुर सर्किट हाउस परिसर में हेलिपैड से उतरते ही उनकी नजर पास के पार्क के गेट पर बच्चों के समूह पर गई तो सीएम उनसे मिलने पहुंच गए. उन्होंने बच्चों से आत्मीयता से बात की और चॉकलेट दीं. एक बार गोरखपुर में उन्होंने कुछ बच्चों को अपने हेलीकॉप्टर में भी बैठा लिया. बच्चों से आत्मीयता से संवाद और उनके भविष्य को लेकर त्वरित निर्णय मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता को प्रदर्शित करते हैं.

Loading Ad...

हृदय की पीड़ा हुई दूर, ‘खुशी’ की आई आवाज 

कानपुर की मूक-बधिर खुशी गुप्ता के हृदय की पीड़ा को यदि किसी ने समझा तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने. मुख्यमंत्री से मिलने की जिद और अकेले पैदल चलकर लखनऊ पहुंचने की जानकारी जब सीएम योगी को मिली तो उन्होंने उसे बुलाकर उसके बनाए चित्रों को स्वीकार किया और उसके शिक्षित-सुरक्षित भविष्य का आश्वासन दिया. सीएम योगी के निर्देश पर खुशी का इलाज हुआ और आज वह बोल-सुन भी रही है. अपनी ‘अनकही भावनाओं’ को अब वह शब्द दे पा रही है. 

अंजना को उसकी छांव लौटा योगी ने बता दिया ‘प्रदेश ही परिवार’ 

Loading Ad...

मेजर की बेटी अंजना भट्ट ने 2025 के आखिरी दिन 31 दिसंबर को मुख्यमंत्री से मुलाकात कर अपने मकान पर कब्जे की शिकायत की, जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल निर्देश देकर 24 घंटे के भीतर न सिर्फ मकान को कब्जा मुक्त कराया, बल्कि आरोपियों की गिरफ्तारी भी कराई. ‘जनता दर्शन’ के जरिए लखनऊ की अनाबी अली, कानपुर की मायरा और मुरादाबाद की वाची का स्कूल में एडमिशन कराना भी सीएम योगी की संवेदनशीलता का हिस्सा है. गोरखपुर की पंखुड़ी की फीस माफ कराने के साथ ही उसे पुनः विद्यालय भेजना भी सुनिश्चित कराने वाले योगी आदित्यनाथ ने संदेश दिया कि 25 करोड़ प्रदेशवासी ही उनका परिवार हैं. 

‘जनता दर्शन’ से सीधे अस्पताल भेज दिखाई संवेदनशीलता

‘जनता दर्शन’ में कानपुर की रायपुरवा निवासी एक वृद्ध मां कैंसर पीड़ित बेटे का दर्द लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहुंची थीं. उनकी तकलीफ देखकर द्रवित हुए सीएम ने कैंसर पीड़ित को एंबुलेंस से सीधे कल्याण सिंह सुपर स्पेशियिलिटी कैंसर इंस्टीट्यूट भिजवाकर उसका इलाज प्रारंभ कराया. 

Loading Ad...

घर पहुंचने से पहले बेसहारा भाइयों के पास पहुंचाई मदद 

यह भी पढ़ें

दादी-बाबा के साथ ‘जनता दर्शन’ में लखीमपुर खीरी से पहुंचे दो बच्चों ने मुख्यमंत्री को आपबीती सुनाई थी. इस पर सीएम की तरफ से तत्काल लखीमपुर खीरी जिला प्रशासन को दोनों बच्चों को हरसंभव मदद के निर्देश पहुंच गए. लखीमपुर प्रशासन ने दोनों बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया और 50 हजार नकद के साथ खाद्यान्न व सीएसआर किट सौंपी. धौरहरा के सरसवा गांव निवासी शिवांशु और अजय कुमार की माता की वर्ष 2018 में एक दुर्घटना में मृत्यु हो गयी थी जबकि पिता ने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया था. आर्थिक संसाधनों के अभाव में उनकी पढ़ाई बाधित हो गई. सीएम से मिलने के बाद फिर से उन बच्चों की पढ़ाई भी शुरू हो गई और उनका उज्ज्वल भविष्य भी सुनिश्चित हो गया.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...