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Maha Kumbh के पानी में Dead Body, जया बच्चन के बिगड़े बोल

महाकुंभ में आखिरी अमृत स्नान में करोड़ों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई. इस बीच समाजवादी पार्टी की सांसद जया बच्चन ने महाकुंभ पर कुछ ऐसा बोल दिया कि विवाद खड़ा हो गया.

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मौनी अमावस्या के दिन महाकुंभ में मची भगदड़ के बाद हालात बिल्कुल सामान्य हो गए। बसंत पंचमी पर अमृत स्नान का मौका आया तो करोड़ों श्रद्धालुओं ने संगम में आस्था की डुबकी लगाई। महाकुंभ अपने उसी दिव्य और भव्य स्वरूप में जारी है।गंगा की निर्मलता का अहसास करने देश विदेश से श्रद्धालु आ रहे हैं।लेकिन इस निर्मलता पर अपने ही सवाल उठा रहे हैं। और कुछ ऐसा बोल रहे है कि विवाद खड़ा हो गया।

कुंभ को लेकर पहले संसद के अंदर हंगामा। फिर संसद के बाहर असंवेदनशील बयान। महाकुंभ पर जया बच्चन के बिगड़े बोल। महाकुंभ में भगदड़ को लेकर विपक्षी दलों ने जमकर हंगामा किया। सरकार पर मौतों के आंकड़े छुपाने का आरोप लगाया। लेकिन इस बीच एसपी सांसद जया बच्चन की टिप्पणी से लोग अवाक हो गए। जया बच्चन ने महाकुंभ के पानी को प्रदूषित करार दिया। और आरोप लगाया कि भगदड़ में जो लोग मारे गए हैं उनके शव गंगा में बहाए गए हैं।


जया बच्चन यहीं नहीं रुकी उन्होंने कुंभ में करोड़ों लोगों के आने के दावों को भी झुठला दिया. 

जया बच्चन ने तो ये तक दावा कर डाला कि कुंभ में 30 नहीं बल्कि हजार लोगों की मौत हुई है। वे सरकार को घेरते घेरते ये भूल गई कि लोगों की मौत पर ऐसे गुमराह करने वाली टिप्पणियां नहीं करनी चाहिए। अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या जया बच्चन तथ्यों के आधार पर टिप्पणी कर रही हैं। या ये महज ओछी राजनीति है ?

जिस सनातन के उत्सव की धूम देश विदेश में है। उसी उत्सव पर जया बच्चन ने ऐसी ओछी टिप्पणी कर दी कि लोगों के निशानें पर आ गईं। सोशल मीडिया पर लोगों ने लिखा कि जया बच्चन का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है। किसी ने उनको इलाज की सलाह दे डाली। तो किसी ने लिखा कि महाकुंभ की धार्मिकता पर ये घटिया टिप्पणी गंदी सोच को दिखाती है। ये गंदी सोच आपको ही डुबो देगी। कुछ लोग अमिताभ बच्चन को भी बीच में ले आए और लिखा कि जया बच्चन ने एक बयान से अमिताभ बच्चन की लेगेसी को बर्बाद कर दिया।किसी ने लिखा, दलगत राजनीति में इतना नहीं गिरना चाहिए। अब तो अमिताभ बच्चन भी माफी मांगे तो भी पाप कम नहीं होंगे। 

जिस गंगा की निर्मलता और जिस महाकुंभ की दिव्यता पर जया बच्चन सवाल उठा रही हैं उस पर कोई दाग ना लगे. इसके लिए सफाई कर्मी, स्वास्थ्य कर्मी, सुरक्षा कर्मी, पुलिसकर्मी दिन रात जुटे हुए हैं। उनके त्याग के बारे में बताते हुए तो संतों के भी आंसू छलक पड़े। 

जहां लोग और हिंदू संगठन जया बच्चन की इस ओछी टिप्पणी पर उन्हें कोस रहे हैं। वहीं शिवसेना UBT की नेता प्रियंका चतुर्वेदी उनके बचाव में उतर आईं। 

महाकुंभ में भगदड़ को लेकर सरकार की आलोचना करना विपक्ष को शोभा दे सकता है। लेकिन मौतों पर राजनीति गिरे हुए स्तर को दर्शाता है। भगदड़ से पहले भी विपक्ष महाकुंभ लगातार सवाल उठाता रहा। सरकार को घेरते घेरते विपक्ष ने कुंभ के महत्व, गंगा की निर्मलता को भी नहीं छोड़ा।

इससे पहले मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि, गंगा में डुबकी लगाने से गरीबी नहीं दूर होगी। BJP नेताओं में गंगा में डुबकी लगाने की होड़ मची हुई है।

वहीं खड़गे से पहले कांग्रेस के ही हुसैन दलवई ने भी संगम में स्नान पर सवाल उठाए थे। इस बीच अखिलेश यादव भी महाकुंभ के इंतजामों पर सवाल खड़े करते रहे। हालांकि वे खुदको महाकुंभ आने से रोक भी नहीं पाए। अखिलेश यादव ने बेटे अर्जुन के साथ संगम में डुबकी लगाई। ऐसे में जया बच्चन को समझना चाहिए जब उनकी पार्टी के मुखिया को सनातनी ताकत का अंदाजा है तो वे ऐसे बयान कैसे दे सकती हैं? गंगा की पवित्रता और महाकुंभ की दिव्यता से तो अखिलेश भी इंकार नहीं कर सकते। जया बच्चन का ऐसा बयान करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंचा सकता है। 
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