Advertisement

Loading Ad...

'क्रूज मिसाइल से सत्ता परिवर्तन...', वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले पर शशि थरूर का दो टूक संदेश, कहा- यूएन चार्टर को तोड़ा गया

अमेरिका के वेनेजुएला पर सैन्य हमले और राष्ट्रपति मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल मच गई. इस कार्रवाई पर शशि थरूर ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और यूएन चार्टर को नजरअंदाज किया जा रहा है और अब दुनिया में जंगल का कानून चल रहा है.

Shashi Tharoor/ Mudaro (File Photo)
Loading Ad...

दुनिया की राजनीति में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है. अमेरिका ने देर रात वेनेजुएला की राजधानी काराकास पर सैन्य हमला कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को अपने कब्जे में ले लिया. इस कार्रवाई के बाद अमेरिका ने साफ कर दिया है कि अब दोनों पर मुकदमा अमेरिका में ही चलाया जाएगा. इतना ही नहीं, पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी संकेत दिया है कि फिलहाल वेनेजुएला का प्रशासन अमेरिका के नियंत्रण में रहेगा. इस कदम के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तीखी प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है.

शशि थरूर ने शेयर किया पोस्ट 

अमेरिका की इस सैन्य कार्रवाई को लेकर दुनियाभर के नेताओं ने सवाल उठाए हैं. भारत में भी इस मुद्दे पर राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और लोकसभा सांसद शशि थरूर ने अंतरराष्ट्रीय कानून के भविष्य पर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए थरूर ने लिखा कि अब दुनिया में जंगल का कानून चल रहा है. उनके अनुसार, ‘जिसकी लाठी उसकी भैंस’ ही आज का नया वैश्विक नियम बनता जा रहा है.

Loading Ad...

क्रूज मिसाइल से सत्ता परिवर्तन: मनु सिंघवी 

Loading Ad...

वहीं, राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने भी अमेरिकी कार्रवाई की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने इसे 21वीं सदी में 19वीं सदी के साम्राज्यवाद की वापसी बताया. सिंघवी ने एक्स पर लिखा कि क्रूज मिसाइल से सत्ता परिवर्तन, युद्धपोत से लोकतंत्र और मनमाने सिद्धांतों के जरिए संप्रभुता को दोबारा परिभाषित करना किसी भी तरह से नेतृत्व नहीं कहा जा सकता. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर अंतरराष्ट्रीय कानून केवल कमजोर देशों पर लागू होता है, तो संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं का अस्तित्व ही बेकार हो जाता है. उनके अनुसार, दुनिया को नियमों की जरूरत है, न कि सनकी शासकों की.

कई बड़े देशों ने अमेरिकी कार्रवाई पर जताई आपत्ति 

Loading Ad...

अमेरिका की इस कार्रवाई पर सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि कई बड़े देशों ने भी कड़ी प्रतिक्रिया दी है. चीन, रूस, फ्रांस और ईरान सहित कई देशों ने वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की आलोचना और निंदा की है. इन देशों का कहना है कि किसी भी संप्रभु राष्ट्र के आंतरिक मामलों में इस तरह का दखल वैश्विक शांति के लिए खतरा है. भारत ने भी वेनेजुएला में तेजी से बदल रही स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त की है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि वेनेजुएला में हालिया घटनाक्रम गंभीर चिंता का विषय हैं और भारत पूरी स्थिति पर करीबी नजर बनाए हुए है. मंत्रालय ने क्षेत्र में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.

यह भी पढ़ें

बता दें कि भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह वेनेजुएला के लोगों की सुरक्षा और कुशल-क्षेम के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है. विदेश मंत्रालय ने बातचीत और शांतिपूर्ण समाधान पर जोर देते हुए कहा कि सभी संबंधित पक्षों को आपसी संवाद के जरिए मुद्दों को सुलझाना चाहिए. अमेरिका की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वैश्विक व्यवस्था नियमों से चलेगी या ताकत के दम पर.

LIVE
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...
Loading Ad...
Loading Ad...
अधिक →

Advertisement

Loading Ad...