Advertisement
Loading Ad...
प्रशांत किशोर के सामने कोर्ट ने रखी शर्त, जमानत लेंगे या जाएंगे जेल ?
प्रशांत किशोर को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पटना पुलिस ने जब उन्हें कोर्ट में पेश किया तब, उन्हें ज़िला न्यायालय ने सशर्त ज़मानत दे दी है। इस शर्त के मुताबिक़ पीके भविष्य में कोई धरना या प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते। ख़बरों के मुताबिक़ प्रशांत किशोर ने कोर्ट की इस शर्त को मानने से इंकार कर दिया है।
Advertisement
Loading Ad...
बिहार की राजधानी पटना के एतिहासिक गांधी मैदान में BPSC की 70वीं प्रारंभिक परीक्षा को रद्द करने की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर को सोमवार तड़के पुलिस ने हिरासत में लिया था। इसके बाद गांधी मैदान से प्रदर्शन कर रहे छात्र को पीके के समर्थकों से गांधी मैदान को ख़ाली कराया गया था। पीके को हिरासत में लेने के बाद पुलिस उन्हें एम्स अस्पताल लेकर गई थी। पुलिस की इस कारवाई के बाद पीके के समर्थकों ने आरोप लगाया था कि विरोध प्रदर्शन में शामिल लोग सो रहे थे अभी पुलिस ने हल्का बाल प्रयोग कर पीके को हिरासत में लिया।
प्रशांत किशोर को हिरासत में लिए जाने के बाद अब पटना पुलिस ने जब उन्हें कोर्ट में पेश किया तब, उन्हें ज़िला न्यायालय ने सशर्त ज़मानत दे दी है। इस शर्त के मुताबिक़ पीके भविष्य में कोई धरना या प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते। ख़बरों के मुताबिक़ प्रशांत किशोर ने कोर्ट की इस शर्त को मानने से इंकार कर दिया है। इसके बाद पुलिस अभी उन्हें कोर्ट में परिसर में ही रखी है। अगर पीके कोर्ट की इस शर्त को नहीं मानते है तो उन्हें जेल जाना पड़ सकता है। पीके इ टीम से बयान जारी कर बताया गया है कि अगर युवाओं के साथ हो रहे अन्याय के ख़िलाफ़ आवाज़ उठाना अपराध है तो उन्हें जेल जाने से कोई गुरेज नहीं है। उर गर पीके जेल जाते है तो जेल में भी उनका आमरण अनशन जारी रहेगा।
ग़ौरतलब है कि बिहार में पिछले साल 13 दिसंबर को आयोजित संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में प्रदेश की राजधानी पटना के बापू भवन परीक्षा केंद्र पर प्रश्न पत्र लीक होने की अफवाह फैल गई थी। जिसके बाद से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए परीक्षा का बहिष्कार किया था। इसके बाद छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी रहा। इस मामले को लेकर विपक्ष की पार्टियों ने नीतीश सरकार पर जमकर ज़ुबानी हमला बोला था। वही इस मुद्दे पर शुरू से जन सुराज पार्टी के संस्थापक शुरू से ही इस पर छात्रों का समर्थन कर रहे है। वही आरजेडी के नेता और पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने पीके पर छात्रों के आंदोलन को हाईजैक करने का आरोप लगाया है।
Advertisement
Loading Ad...
यह भी पढ़ें
Loading Ad...
Loading Ad...