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150 करोड़ की लागत, 8 साल का समय RSS की नए ऑफिस में ये खासियत

Delhi के झंडेवालान में RSS चीफ मोहन भागवत ने संघ के नए कार्यालय का उद्घाटन किया. 12 मंजिला इमारत में हॉस्पिटल, ऑडिटोरियम, लाइब्रेरी समेत तमाम आधुनिक सुविधाएं हैं.

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दिल्ली की एक इमारत में 63 सालों का लंबा समय तय करने के बाद राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने अपने नए कार्यालय में एंट्री कर ली। दिल्ली के झंडेवालान की केशव कुंज बिल्डिंग।ये नया नाम है RSS के नए आलीशान दफ्तर का। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख मोहन भागवत ने केशव कुंज का उद्घाटन किया। RSS का नया ऑफिस स्वयंसेवकों के लिए ही नहीं आम आदमी के लिए भी कई सुविधाओं से लैस है। 

RSS की भव्य बिल्डिंग के उद्घाटन के साथ मोहन भागवत ने कार्यकर्ताओं को भव्य कार्य करने का भी मंत्र दिया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा, जितनी भव्य बिल्डिंग है उतना ही भव्य कार्य भी करना है। ये मात्र बिल्डिंग है इसमें प्राण अपने कार्यों से डालना है।


इमारत नई एड्रेस वही ।

दिल्ली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ 1962 से झंडेवालान की अपनी पुरानी बिल्डिंग में काम कर रही था। अब 63 सालों बाद बिल्डिंग को नए कंस्ट्रक्शन की जरूरत महसूस हुई। इसके बाद गुजरात के आर्किटेक्ट अनूप दवे को इसका कॉन्ट्रैक्ट दिया गया। साल 2018 में इमारत का निर्माण शुरू किया गया था बिल्डिंग को बनने में पूरे 8 साल का समय लग गया। 

150 करोड़ की लागत से बना ‘केशव कुंज’


3.75 एकड़ में फैला RSS का नया ऑफिस । 12 मंजिला में तीन टावर, साधना, प्रेरणा और अर्चना।  300 कमरे और ऑफिस, बना हनुमान मंदिर।  150 करोड़ की लागत से बना केशव कुंज। लाइब्रेरी, 5 बेड का हॉस्पिटल और 500 कारों के लिए पार्किंग। हॉस्पिटल में गरीब जरूरतमंदों को मिलेगी इलाज की सुविधाएं।
आम लोगों को भी मिलेगा लाइब्रेरी का फायदा। लाइब्रेरी में 8500 से ज्यादा किताबें। सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, हाईटेक ऑडिटोरियम। 

दावा किया जा रहा है कि, बिल्डिंग के निर्माण में लगी 150 करोड़ की राशि 75 हजार लोगों ने दान की है। इस दौरान मोहन भागवत ने अपने कार्यकर्ताओं को भटकाव की राह पर ना चलकर अपने सिद्धांतों पर अडिग रहने का संदेश दिया। उन्होंने कहा, हालात बदलने में समय नहीं लगता. बदलते हालातों में दिशा नहीं बदलनी चाहिए. यानि RSS ने इशारों इशारों में यहां BJP की बात की। और अपने कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि, आज हालात आपके पक्ष में हैं तो गलतियों के चांस ज्यादा हैं। ऐसे में बदलती दशा में दिशा एक ही होनी चाहिए। सिद्धांतों से समझौता नहीं होना चाहिए।

RSS की नई बिल्डिंग को मॉडर्न और ओल्ड टच दोनों दिया गया है। साथ ही सूर्य के प्रकाश और वास्तुकला का भी पूरा ध्यान रखा गया है। इसके साथ ही एक बार फिर RSS ने साफ संदेश दिया कि संध देश की पंरपराओं से चलता आया है परंपराओं से ही चलता रहेगा। इन परंपराओं को साथ लेकर चलने से ही देश आगे बढ़ेगा। 
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