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अब नहीं चलेगी ठेकेदारों की मनमानी, हरियाणा में AI डिजिटल मैपिंग से होगी सड़क और नालियों की निगरानी, सरकारी धन के दुरुपयोग पर लगेगी रोक
Haryana: अगर नाले या सड़क के पास किसी जरूरी काम के लिए निर्माण करना होगा, तो टेंडर प्रक्रिया के दौरान जरूरी दस्तावेजों के साथ डिजिटल मैप भी लगाया जाएगा. इससे साफ रहेगा कि किस जगह क्या पहले से मौजूद है और किस तरह का काम किया जाना है.
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Haryana AI Digital Map: हरियाणा सरकार ने शहरी इलाकों की व्यवस्था को पारदर्शी और बेहतर बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. अब शहरों में मौजूद नाले-नालियों और सड़कों की डिजिटल मैपिंग कराई जाएगी. इस योजना की शुरुआत गुरुग्राम और फरीदाबाद से हो चुकी है और आने वाले समय में इसे प्रदेश के सभी शहरी निकायों में लागू किया जाएगा. सरकार का मकसद है कि शहरों के विकास कार्यों में गड़बड़ी और मनमानी पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके.
AI तकनीक से तैयार होंगे सटीक नक्शे
डिजिटल मैपिंग का काम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई तकनीक की मदद से किया जा रहा है. इसके जरिए हर सड़क और नाले का सटीक नक्शा तैयार होगा. इन नक्शों का मुख्य उद्देश्य यह है कि निर्माण कार्यों में होने वाली अनियमितताओं पर नजर रखी जा सके और निर्माण एजेंसियां अपनी जिम्मेदारी से बच न पाएं. एक बार नक्शा तैयार हो जाने के बाद हर चीज का रिकॉर्ड डिजिटल रूप में सुरक्षित रहेगा.
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एक क्लिक में मिलेगी पूरी जानकारी
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डिजिटल मैप में यह साफ तौर पर दर्ज रहेगा कि किस सड़क या नाले का निर्माण कब किया गया, उस पर कितना खर्च आया और किस एजेंसी ने काम किया. साथ ही यह भी पता चलेगा कि उसकी मरम्मत की समय-सीमा क्या तय है. अगर तय समय के अंदर सड़क टूटती है या नाले की दीवार खराब होती है, तो जिम्मेदार एजेंसी की सुरक्षा राशि जब्त की जा सकेगी. इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता अपने आप बेहतर होगी.
भविष्य की योजना बनाने में भी आएगा काम
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आने वाले समय में अगर किसी सड़क या नाले के आसपास नया निर्माण करना होगा, तो सबसे पहले संबंधित एजेंसी डिजिटल मैप को देखेगी. उसी आधार पर आगे की योजना तैयार की जाएगी. इससे बार-बार खुदाई और गलत प्लानिंग की समस्या खत्म होगी. पानी और सीवर लाइन डालने जैसे कामों में भी डिजिटल मैप काफी मददगार साबित होंगे.
नगर निगम के पास सुरक्षित रहेगा पूरा रिकॉर्ड
सभी डिजिटल मैप नगर निगम की बिल्डिंग निर्माण से जुड़ी आईटी विंग के पास सुरक्षित रखे जाएंगे. इससे किसी भी समय रिकॉर्ड की जांच की जा सकेगी. अभी तक कई बार ऐसा देखा गया है कि पहले से बने नाले या सड़कों को खराब दिखाकर अधिकारी और ठेकेदार सरकारी पैसा खर्च दिखा देते थे। अब ऐसा करना मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि हर निर्माण का पूरा इतिहास डिजिटल मैप में दर्ज रहेगा.
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टेंडर प्रक्रिया में भी होगा डिजिटल मैप का इस्तेमाल
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अगर नाले या सड़क के पास किसी जरूरी काम के लिए निर्माण करना होगा, तो टेंडर प्रक्रिया के दौरान जरूरी दस्तावेजों के साथ डिजिटल मैप भी लगाया जाएगा. इससे साफ रहेगा कि किस जगह क्या पहले से मौजूद है और किस तरह का काम किया जाना है. यह डिजिटल मैपिंग योजना हरियाणा के शहरों को ज्यादा व्यवस्थित, पारदर्शी और आधुनिक बनाने की दिशा में एक बड़ा और अहम कदम साबित होगी.