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ममदानी-ट्रंप का Video शेयर कर शशि थरूर ने कांग्रेस को दिखाया आईना! BJP ने ली चुटकी, जानें पूरा मामला
शशि थरूर के पोस्ट को कांग्रेस के लिए इशारा माना जा रहा है. क्योंकि हाल ही में बिहार चुनाव में पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था.
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न्यू़यॉर्क (New York) के नवनिर्वाचित मेयर जोहरान ममदानी (Zohran Mamdani) और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) की मुलाकात की चर्चा भारत तक है. ममदानी को अपना विरोधी मानने वाले ट्रंप जिस अंदाज में उनसे मिले बातें तो होंगी ही. कांग्रेस के सांसद शशि थरूर (Shashi Tharoor) ने भी दोनों की मुलाकात को हाईलाइट करते हुए अपनी ही पार्टी को आईना दिखा दिया.
शशि थरूर ने जोहरान ममदानी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीच हुई मुलाकात की तारीफ की और इस मीटिंग को लोकतांत्रिक मूल्यों का उदाहरण बताया. दरअसल, इस बात से हर कोई वाकिफ है कि न्यूयॉर्क मेयर चुनाव के समय ट्रंप ने ममदानी की कितनी आलोचना की थी. यहां तक कि उनके करीबी और टेस्ला के CEO एलन मस्क ने भी जोहरान ममदानी का मजाक उड़ाया था, लेकिन जब मेयर चुनाव में ममदानी ने ट्रंप के उम्मीदवार को हराया तो हर कोई हैरान रह गया. मेयर बनने के बाद जोहरान ममदानी और ट्रंप के बीच व्हाइट हाउस में पहली बार मुलाकात हुई. जिसकी दुनियाभर में चर्चा हो रही है.
'लोकतंत्र को इसी तरह काम करना चाहिए'
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शशि थरूर ने कहा कि ममदानी और ट्रंप की मुलाकात से हमें जो संदेश लेना चाहिए वो ये कि चुनाव खत्म होने के बाद सहयोग करना सीखना चाहिए. थरूर ने ममदानी और ट्रंप का वीडियो शेयर करते हुए समझाया कि दोनों नेताओं ने विरोधी होने के बावजूद सहयोग का संदेश दिया है. उन्होंने कैप्शन में लिखा, वह भारत में ऐसी ही चीजें देखना चाहते हैं. लोकतंत्र को इसी तरह काम करना चाहिए. चुनावों में अपने विचारों के लिए पूरी लगन से लड़ें, बिना किसी बयानबाजी की रोक-टोक के, लेकिन एक बार जब चुनाव खत्म हो जाए और लोग अपनी बात कह दें, तो उस राष्ट्र के साझा हित में एक-दूसरे का सहयोग करना सीखें जिसकी सेवा करने का आप दोनों ने संकल्प लिया है. मैं भारत में ऐसा और भी देखना चाहूंगा और मैं अपनी भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा हूं.
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शशि थरूर ने ममदानी और ट्रंप का जो वीडियो शेयर किया है. उसमें देखा गया कि एक रिपोर्टर ममदानी से ट्रंप के सामने ही उनसे जुड़ा सवाल पूछ रहा है. रिपोर्टर कहता है, क्या वह अब भी ट्रंप को ‘फासीवादी’ मानते हैं. इससे पहले की ममदानी जवाब देते कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप खुद ही बोल पड़े, ‘कोई बात नहीं, हां कद दो. यह समझाने से ज्यादा आसान है. मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता.’ ये सुनकर ममदानी भी हंस पड़े.
थरूर के पोस्ट को BJP ने बनाया मुद्दा
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शशि थरूर के पोस्ट को कांग्रेस के लिए इशारा माना जा रहा है. क्योंकि हाल ही में बिहार चुनाव में पार्टी को बुरी तरह हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद कांग्रेस में फिर वोट चोरी और चुनाव में धांधली जैसे आरोपों को हवा मिलनी शुरू हो गई. थरूर के पोस्ट के बहाने BJP ने कांग्रेस को घेरा. BJP प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा, शशि थरूर ने अपनी पार्टी के नेताओं को गांधी परिवार के बजाय देश को पहले रखने की याद दिलाई है. एक बार फिर, डॉ. थरूर ने कांग्रेस को यह याद दिलाने के लिए चुना है कि उन्हें राष्ट्रीय हितों को पारिवारिक हितों से ऊपर रखना चाहिए और हारे हुए लोगों की तरह व्यवहार करने के बजाय लोकतांत्रिक तरीके से सेवा और व्यवहार करना चाहिए.
थरूर ने उन्हें याद दिलाया है कि चुनाव खत्म होने के बाद प्रतिद्वंद्वी पार्टियों को राष्ट्रीय हित की सेवा के लिए एक साथ आना चाहिए. लेकिन क्या राहुल गांधी को संदेश मिलेगा? नहीं, वह वास्तव में डॉ. थरूर के खिलाफ एक और फतवा जारी करवा सकते हैं. शायद यह कांग्रेस के लिए एक वास्तविक गुप्त संदेश है कि उसे अपनी आपातकालीन मानसिकता से बाहर निकलना चाहिए और एक परिपक्व विपक्ष की तरह व्यवहार करना चाहिए.
पार्टी लाइन से अलग थरूर के बयान
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शशि थरूर और कांग्रेस के बीच काफी समय से टकराव जारी है. हाल ही में उन्होंने BJP के दिग्गज नेता लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ की थी. इससे पहले वह कई मौकों पर PM मोदी और उनकी विदेश नीतियों की तारीफ भी कर चुके हैं. पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने पर उन्हें कांग्रेस से कई बार नोटिस भी मिल चुका है.
बिहार में हार पर थरूर ने जताई थी चिंता
बिहार चुनाव में कांग्रेस के प्रदर्शन पर निराशा जताते हुए शशि थरूर ने पार्टी को वैज्ञानिक समीक्षा की सलाह दी थी. उन्होंने कहा था, अब सिर्फ आत्ममंथन की बात काफी नहीं है. पार्टी को अपनी रणनीतिक और संगठनात्मक गलतियों की समीक्षा वैज्ञानिक ढंग से करनी होंगी.
उन्हें बिहार में प्रचार के लिए आमंत्रित नहीं किया गया था. ऐसे में वे जमीनी स्थिति का प्रत्यक्ष अनुभव नहीं कर पाए. थरूर के साथ-साथ कई नेताओं ने कांग्रेस को असलियत से रूबरू करवाने की कोशिश की थी.
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वंशवादी राजनीति पर बोला था हमला
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हाल ही में शशि थरूर ने वंशवादी राजनीति पर लिखे आर्टिकल में गांधी-नेहरू खानदान का जिक्र किया था. उन्होंने गांधी-नेहरू परिवार को परिवारवाद का उदाहरण बताया था जबकि BJP के लिए कोई संदर्भ नहीं दिया. जिससे माना गया कि थरूर कांग्रेस को ही आईना दिखा रहे हैं. हालांकि उन्होंने अपने लेख में नेहरू परिवार को राजनीतिक का सबसे मजबूत और लोकतांत्रिक उदाहरण माना था.