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Congress MLA के RSS पर बिगड़े बोल, BJP ने ऐसा दिखाया आईना, हुई बोलती बंद !
RSS पर कांग्रेस नेता साहब सिंह गुर्जर की इस ओछी टिप्पणी ने ना केवल संघ का अपमान किया बल्कि थर्ड जेंडर और महिलाओं का भी अपमान किया है. कांग्रेस के इन बड़बोले नेता पर RSS तो नहीं लेकिन BJP का रिएक्शन आया. मध्य प्रदेश में मंत्री विश्वास सारंग ने साहब सिंह गुर्जर पर तीखा हमला बोला.
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मध्य प्रदेश के अशोकनगर में कांग्रेस ने BJP सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया. गांधी के सत्याग्रह आंदोलन पर चलते हुए कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को सत्याग्राह का नाम दिया. लेकिन गांधीजी के जिस सत्याग्रह को सत्य, न्याय और अहिंसा का प्रतीक माना जाता था उस सत्याग्रह आंदोलन में कांग्रेस विधायक ने भाषा की मर्यादा को पार कर दिया था…
दरअसल, मंच पर कांग्रेस नेता जोशीले भाषण दे रहे थे. इस दौरान कांग्रेस विधायक साहब सिंह गुर्जर ने RSS का ज़िक्र करते हुए विवादित टिप्पणी कर दी. उन्होंने RSS में जाने वालों की तुलना थर्ड जेंडर से करते हुए अभद्र टिप्पणी कर दी. साहब सिंह गुर्जर ने मंच से कहा, जो लोग मर्द थे वो जंग में आए, जो थर्ड जेंडर थे वह संघ में गए. समझ गए न इशारा ही काफी है. थर्ड जेंडर बोलते हुए उन्होंने जिस शब्द का इस्तेमाल किया वो हम आपको नहीं बता सकते. विधायक साहब सिंह गुर्जर का पूरा बयान आप ख़ुद सुन लीजिए.
RSS पर कांग्रेस नेता साहब सिंह गुर्जर की इस ओछी टिप्पणी ने ना केवल संघ का अपमान किया बल्कि थर्ड जेंडर और महिलाओं का भी अपमान किया है. कांग्रेस के इन बड़बोले नेता पर RSS तो नहीं लेकिन BJP का रिएक्शन आया. मध्य प्रदेश में मंत्री विश्वास सारंग ने साहब सिंह गुर्जर पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा, क्या साहब सिंह कमलनाथ को ऐसा बोल रहे हैं. क्या जीतू पटवारी को ऐसा बोल रहे हैं क्या दिग्विजय सिंह को ऐसा बोल रहे हैं जो मंच पर उनके साथ सत्याग्रह प्रदर्शन में शामिल नहीं हुए.
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दरअसल, कांग्रेस का ये सत्याग्रह प्रदर्शन PCC चीफ जीतू पटवारी पर दर्ज हुए केस के विरोध में किया गया था. मामला अशोकनगर के एक OBC समाज के शख़्स की पिटाई से जुड़ा है. BJP कार्यकर्ता पर मारपीट और मैला खिलाने का आरोप लगाया था. कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने पीड़ित से मुलाक़ात की. इसके बाद पीड़ित ने जीतू पटवारी के साथ मिलकर थाने में कार्यकर्ता के ख़िलाफ़ शिकायत की. बाद में शिकायतकर्ता पलट गया और जीतू पटवारी पर बहकाकर BJP कार्यकर्ता के ख़िलाफ़ शिकायत कराने का आरोप लगाया. इसके बाद मुंगावली पुलिस ने जीतू पटवारी के ख़िलाफ FIR दर्ज की. विरोध में कांग्रेस ने BJP सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया. और ऐलान किया कि अगर FIR वापस नहीं ली गई तो कांग्रेस नेता अपनी गिरफ़्तारी देंगे. तो वहीं, दूसरी ओर कांग्रेस सत्याग्रह प्रदर्शन के ज़रिए सरकार के ख़िलाफ़ हल्ला बोलेगी. ऐसे में एक तरह जीतू पटवारी समेत कई बड़े नेता अपनी गिरफ़्तारी दे रहे थे…तो दूसरी ओर मंच पर साहब सिंह गुर्जर ज़ुबानी वार कर रहे थे. लेकिन ये ज़ुबानी वार मर्यादा को कब पार कर गए उन्हें पता ही नहीं चला.
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एक तरफ कांग्रेस मर्यादा का पाठ पढ़ाती हैं दूसरी ओर उनके ख़ुद के नेता ही अभद्र वचनों से पार्टी की फ़ज़ीहत कराते है. कांग्रेस अक्सर RSS पर हमलावर रहती है लेकिन असहमति और अभद्रता में अंतर होता है ये बात शायद विधायक जी को नहीं मालूम था. कांग्रेस विधायक से कोई पूछे कि किसी को नीचा दिखाने के लिए थर्ड जेंडर समुदाय का सहारा क्यों लिया गया ? क्या थर्ड जेंडर समुदाय गाली है? इस समाज का नाम इतनी नफ़रत से लिया गया. ? गांधी जी का सत्याग्रह सिखाता था कि जब तुम किसी से असहमत हो, तब भी उसे सम्मान दो. लेकिन कांग्रेस के सत्याग्रह में अपमान हुआ है.