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निशिकांत दुबे के बयान पर भड़की कांग्रेस, अभिषेक मनु सिंघवी ने अटॉर्नी जनरल से कर दी बड़ी मांग
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने निशिकांत दुबे के बयान को अपमानजनक और अविश्वसनीय बताते हुए अटॉर्नी जनरल से बिना देरी किए दुबे पर अवनमनाना की कार्यवाही चलाई जाने की अनुमति देने की मांग की है.
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देश की सर्वोच्च न्यायालय को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे द्वारा की गई टिप्पणी के बाद देश की राजनीति गर्म आ गई है इसको लेकर कांग्रेस नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. कांग्रेस के राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने निशिकांत दुबे के बयान को अपमानजनक और अविश्वसनीय बताते हुए अटॉर्नी जनरल से बिना देरी किए दुबे पर अवनमनाना की कार्यवाही चलाई जाने की अनुमति देने की मांग की है.
दरअसल, शनिवार को वक्फ संशोधन कानून और पॉकेट वीटो को लेकर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया के एक पर पोस्ट करते हुए कहा था "अगर कानून बनाना सुप्रीम कोर्ट का ही काम रह गया है तो, फिर संसद भवन को बंद कर देना चाहिए." इसके साथ ही दुबे ने देश के अंदर गिरी युद्ध को लेकर सीजेआई संजीव खन्ना को जिम्मेदार ठहराया था. निशिकांत दुबे के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट के एक वकील ने अब मानना की कार्रवाई करते हुए अटॉर्नी जनरल को पत्र भी लिखा है.
'कोर्ट के खिलाफ मिसाइलें दागी जा रहीं'
कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा सांसद और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनोज सिंघवी ने निशिकांत दुबे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा "बीजेपी सांसद की यह टिप्पणी सीधे तौर पर सुप्रीम कोर्ट का अपमान है उनके मुताबिक अगर पक्ष में फैसला आए तो सही है, ऐसा प्रतीत हो रहा है कि जैसे सुप्रीम कोर्ट और मुख्य न्यायाधीश आप भाजपा नेताओं के लिए सिर्फ निशाना है." उन्होंने आगे कहा "सुप्रीम कोर्ट के खिलाफ मिसाइल दागी जा रही है, कोर्ट पर पक्षपात पूर्ण होने का आरोप लगाया जाना आश्चर्यजनक और अविश्वसनीय है. इसलिए उम्मीद करते हैं कि अटॉर्नी जनरल जल्द ही आपराधिक और मानना के लिए अपने अनुमति देंगे।"
दुबे के बयान पर कांग्रेस ने जताई नाराजगी
राज्यसभा सांसद अभिषेक मनु सिंघवी के अलावा कांग्रेस नेता कुंवर दानिश अली ने भी निशिकांत दुबे के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने कहा "बीजेपी सांसद को संविधान पर भरोसा नहीं है वह आदतन ऐसे बयान देते रहते हैं. इसलिए लोकसभा अध्यक्ष को खुद ऐसे बयानों का संज्ञान लेकर कार्रवाई करनी चाहिए. इस मामले को आचार समिति के पास भेजा जाना चाहिए, निशिकांत दुबे जैसे लोग देश में अपने बयानों से गृह युद्ध करना चाहते हैं. सुप्रीम कोर्ट का फैसला न्याय पर आधारित हो ना की ताकत पर यही हमारा लक्ष्य है."
गौरतलब है कि वक्फ संशोधन कानून आर देश के कई राज्य में विरोध प्रदर्शन के मामले सामने आ रहे है, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुई हिंसा के बाद इस कानून के विरोध में कई याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित है. जिस पर केंद्र सरकार से अदालत ने जवाब देने को कहा है, जिस पर बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे और बीजेपी के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने प्रतिक्रिया दी और देश में सियासी हंगामा बरपा.
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