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मणिपुर सीएम बीरेन सिंह के माफीनामे पर कांग्रेस का हमला, बोला- "जब CM माफी मांग सकते हैं तो फिर PM क्यों नहीं"
कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए लिखा कि, "प्रधानमंत्री देश और दुनिया भर में यात्रा करते हैं। फिर भी वहां जाकर ऐसा क्यों नहीं कर सकते जो सीएम बीरेन सिंह ने किया है।" जयराम ने मणिपुर सीएम के बयान को रिपोस्ट करते हुए कहा कि, " प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर जाकर भी वहां यही बात क्यों नहीं कह सकते?"
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बीते कल के दिन मणिपुर के मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने बीते डेढ़ साल से प्रदेश में चल रही जातीय हिंसा पर माफी मांगी है। बीरेन ने प्रदेशवासियों से अतीत को भूलकर समृद्ध और शांतिपूर्ण राज्य में एक साथ रहने की अपील की है। इस बीच मुख्यमंत्री के बयान पर कांग्रेस पार्टी पीएम नरेंद्र मोदी पर हमलावर हो गई है। पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा है कि जब मुख्यमंत्री माफी मांग सकते हैं तो फिर प्रधानमंत्री क्यों नहीं ? इतने मासूमों की मौत के बाद पीएम वहां क्यों नहीं जा सकते? बता दें कि यह बयान कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने दिया है।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पीएम मोदी पर साधा निशान
कांग्रेस महासचिव और राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए लिखा कि, "प्रधानमंत्री देश और दुनिया भर में यात्रा करते हैं। फिर भी वह वहां जाकर ऐसा क्यों नहीं कर सकते। जो सीएम बीरेन सिंह ने किया है।" जयराम ने मणिपुर सीएम के बयान को रिपोस्ट करते हुए कहा कि, "प्रधानमंत्री मोदी मणिपुर जाकर भी वहां यही बात क्यों नहीं कह सकते? वह जानबूझकर 4 मई 2023 से मणिपुर का दौरा करने से परहेज कर रहे हैं। जबकि वह देश और दुनिया भर में यात्रा कर रहे हैं। मणिपुर के लोग इसकी उपेक्षा को समझ नहीं सकते।"
मणिपुर सीएम ने अपने माफीनामे में क्या कहा?
4 मई 2023 से मणिपुर में फैली जातीय हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री बीरेन सिंह ने इस संघर्ष पर विराम लगाने की अपील करते हुए प्रदेशवासियों से माफी मांगी है। सभी समुदायों से पिछली गलतियों को भूलने और शांतिपूर्ण व समृद्धि राज्य बनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि, "राज्य में जो कुछ हुआ उसके लिए मैं खेद व्यक्त करना चाहता हूं। कई लोगों ने अपने प्रियजनों को खो दिया। कई लोगों को अपना घर छोड़ना पड़ा। मैं खेद व्यक्त करता हूं और माफी मांगना चाहता हूं। लेकिन पिछले तीन-चार महीनों में अपेक्षाकृत शांति देखने के बाद, मुझे उम्मीद है कि आने वाले साल में सामान्य स्थिति बहाल हो जाएगी।"
मणिपुर हिंसा में अब तक कई सौ लोगों की गई जान
मणिपुर हिंसा में अब तक 250 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। इनमें हजारों लोग बेघर हो गए हैं। प्रदेश की सुरक्षा के लिए मणिपुर पुलिस के अलावा कई सुरक्षा एजेंसियां तैनात है। बता दें कि बीते डेढ़ साल से दो समुदायों के बीच आरक्षण को लेकर यह हिंसा चल रही है।
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