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बिहार में बढ़ी कांग्रेस की सक्रियता, बक्सर रैली में खड़गे ने कहा- अब पॉवरफुल इंजन की जरूरत; क्या हैं मायने?

बिहार में विपक्षी गठबंधन की पहली औपचारिक बैठक के बाद भले ही कांग्रेस ने तेजस्वी के कद को बढ़ाते हुए चुनाव के लिए बनी समन्वय समिति का नेतृत्व करने का मौक़ा दिया हो लेकिन राजनीति जिस तरह से संभावनाओं का खेल है उसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी इंडिया गठबंधन के समानांतर चुनाव के लिए अपनी अलग तैयारी भी कर रही है

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बिहार में इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज है. इस चुनाव में एनडीए और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजय रथ को रोकने के लिए विपक्ष की इंडिया गठबंधन में शामिल राजनीतिक दल अपनी-अपनी रणनीति के साथ चुनावी तैयारी में जुटे हुए है. गठबंधन में शामिल कांग्रेस और राजद के बीच मुख्यमंत्री के चेहरे को लेकर पहले तकरार की ख़बरें सामने आ रही थी लेकिन गठबंधन की पहली औपचारिक बैठक के बाद भले ही कांग्रेस ने तेजस्वी के कद को बढ़ाते हुए चुनाव के लिए बनी समन्वय समिति का नेतृत्व करने का मौक़ा दिया हो लेकिन राजनीति जिस तरह से संभावनाओं का खेल है उसी को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस पार्टी इंडिया गठबंधन के समानांतर चुनाव के लिए अपनी अलग तैयारी भी कर रही है. 

दरअसल, इंडिया गठबंधन में भले ही अभी सबकुछ सामान्य दिखाई दे रहा हो लेकिन जब तक मुख्यमंत्री का चेहरा फ़ाइनल नहीं हो जाता तब तक कुछ भी संभव है, कांग्रेस पार्टी ने राजद से अलग अपनी तैयारियों पर पूरा ज़ोर दिया हुआ है. पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश अध्यक्ष के साथ-साथ जिला के संगठनों में भी बदलाव किया है, युवा नेता के तौर पर पार्टी कन्हैया कुमार को आगे कर रही है. इसके अलावा बीते दो महीनों में कांग्रेस नेता राहुल गांधी तीन बार बिहार का दौरा कर चुके है. अब 24 अप्रैल को पटना में महागठबंधन की होने वाली दूसरी औपचारिक बैठक से पहले कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे रविवार को बिहार के बक्सर पहुंचे. इस दौरान उन्होंने बिहार में चल रही डबल इंजन की सरकार पर जमकर ज़ुबानी हमला किया. ऐसे में महागठबंधन की बैठक से ठीक पहले कांग्रेस अध्यक्ष का दौरा कई मायनों में अहम माना जा रहा है.

'मोदी-नीतीश का अवसरवादी गठबंधन'

बिहार में इस बार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी कोई कोर कसर नहीं छोड़ना चाहती है, लगातार कांग्रेस के बड़े नेता अपने कार्यकर्ताओं में जोश भरने एक के बाद एक आकर बिहार पहुंच रहे है, रविवार को बक्सर में जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने राज्य में सत्तारूढ़ भाजपा और जदयू को घेरते हुए भाजपा पर झूठ बोलने और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर बार-बार पाला बदलने का भी आरोप लगाया. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा और जदयू वाले 'डबल इंजन' की सरकार की बात करते हैं, लेकिन आज बिहार ह्यूमैन इंडेक्स के मामले में काफी नीचे है. उन्होंने कहा कि बिहार को 'डबल इंजन' नहीं, एक ही पावरफुल इंजन की जरूरत है, जो महागठबंधन का इंजन है. कांग्रेस नेता खड़गे ने बिहार की एनडीए सरकार पर हमला करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और नीतीश कुमार के बीच 'अवसरवादी' गठबंधन बिहार के लोगों के लिए अच्छा नहीं है.

कांग्रेस अध्यक्ष ने वक्फ (संशोधन) अधिनियम समुदायों के बीच विभाजन पैदा करने के लिए भाजपा-आरएसएस की साजिश है. उन्होंने नीतीश कुमार को निशाने पर लेते हुए कहा कि वह "इधर-उधर का खेल" खेलते रहते हैं. उन्होंने लोगों से आह्वान करते हुए कहा कि बिहार की प्रगति, उन्नति और यहां के शैक्षणिक स्तर में सुधार के लिए भाजपा को हटाएं, नीतीश कुमार को हटाएं.

संविधान बचाने के लिए एकजुटता जरूरी 

मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के नेता अब बिहार की जनता को बहका नहीं सकते हैं. बिहार के लोग इनके बहकावे में इस बार के चुनाव में नहीं आने वाले हैं. उन्होंने लोगों को एक ऑडियो सुनाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर झूठ बोलने का आरोप लगाया और कहा कि उन्होंने बिहार को एक लाख 25 हजार करोड़ का विशेष पैकेज देने का वादा किया था, लेकिन आज तक बिहार को कुछ भी नहीं मिला. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी को झुकाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कांग्रेस पार्टी झुकेगी नहीं. बिहार में महागठबंधन की सरकार बनाने का आह्वान करते हुए कांग्रेस नेता ने कहा कि हमें संविधान को बचाने के लिए एकजुट रहना होगा और लड़ाई लड़नी होगी.

राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष खड़गे ने कहा कि भाजपा झूठ बोलकर यहां तक पहुंच सकी है. आज बिहार ही नहीं, देश के लोग बेरोजगारी से त्रस्त हैं. कांग्रेस ने देश को आईआईएम, आईआईटी और एम्स दिए, लेकिन इन्होंने क्या बनाए? इन्होंने केवल झूठ की फैक्टरी बनाई. ये देश को गुमराह कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि किसी को एक बार झूठ बोलकर फंसा सकते हैं, लेकिन हमेशा के लिए गुमराह नहीं कर सकते. झूठ बोलकर सभी को मूर्ख नहीं बनाया जा सकता.

बताते चले कि बीते गुरुवार को बिहार की राजधानी पटना में  महागठबंधन की पहली औपचारिक बैठक हुई थी. जिसमें कांग्रेस, आरजेडी, भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) और विकासशील इंसान पार्टी के नेता शामिल हुए थे. इस दौरान गठबंधन ने चुनाव के लिए समन्वय समिति बनाकर तेजस्वी यादव को इसके नेतृत्व की जिम्मेदारी दी गई.
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