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नौकरी में आरक्षण को लेकर CM योगी का अधिकारियों को सख्त निर्देश, लेखपाल भर्ती में गड़बड़ी हुई तो होगा कड़ा एक्शन

CM Yogi: सीएम योगी ने अधिकारियों को यह भी चेताया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए. किसी भी स्तर पर अगर नियमों की अनदेखी हुई या कोई शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

Image Source: Social Media
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Lekhpal Recruitment: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण को लेकर अधिकारियों को साफ और कड़े निर्देश दिए हैं. देर रात हुई एक उच्चस्तरीय बैठक में उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि संविधान में दिए गए आरक्षण के नियमों और तय रोस्टर का पूरी ईमानदारी से पालन होना चाहिए. किसी भी स्तर पर लापरवाही, ढिलाई या नियमों से हटकर काम बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. मुख्यमंत्री ने साफ कर दिया कि आरक्षण से जुड़ा हर नियम अक्षरशः लागू होना चाहिए.

हर वर्ग को उसका हक देना सरकार की प्राथमिकता

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरी तरह से इस बात के लिए प्रतिबद्ध है कि समाज के हर वर्ग को सरकारी नौकरी में उसका संवैधानिक अधिकार मिले. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए. आरक्षण व्यवस्था का मकसद समान अवसर देना है और इसे कमजोर करने की कोई भी कोशिश स्वीकार नहीं की जाएगी.

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लेखपाल भर्ती की शिकायतों पर नाराजगी

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बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लेखपाल भर्ती से जुड़ी शिकायतों का भी संज्ञान लिया. इस मुद्दे पर उन्होंने राजस्व परिषद के चेयरमैन को कड़ी चेतावनी दी और साफ कहा कि भर्ती प्रक्रिया में किसी भी तरह की गड़बड़ी गंभीर मामला है. मुख्यमंत्री ने संकेत दिए कि अगर आगे भी ऐसी शिकायतें सामने आईं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी.
खाली पदों की संख्या की तुरंत जांच के निर्देश
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को जानकारी दी कि प्रदेश में इस समय 7,994 लेखपाल पद खाली हैं. इस पर सीएम योगी ने तुरंत इन पदों की संख्या की जांच कराने और नियमानुसार आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया शुरू करते समय किसी भी तरह की भ्रम या गलती की गुंजाइश नहीं होनी चाहिए.

आरक्षण के सभी नियमों का पूरा पालन जरूरी

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मुख्यमंत्री ने साफ निर्देश दिए कि भर्ती के दौरान वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल दोनों तरह के आरक्षण का पूरी तरह पालन किया जाए. वर्टिकल आरक्षण के तहत 27 प्रतिशत ओबीसी, 21 प्रतिशत एससी और 2 प्रतिशत एसटी के आरक्षण को सही तरीके से लागू किया जाना चाहिए. इसके साथ ही दिव्यांगजन, महिलाओं और पूर्व सैनिकों के लिए तय हॉरिजॉन्टल आरक्षण भी किसी हाल में प्रभावित नहीं होना चाहिए.

पारदर्शिता और निष्पक्षता पर खास जोर

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सीएम योगी ने अधिकारियों को यह भी चेताया कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए. किसी भी स्तर पर अगर नियमों की अनदेखी हुई या कोई शिकायत मिली, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. मुख्यमंत्री ने दोहराया कि सरकार की मंशा साफ है और उसे जमीन पर भी उसी तरह दिखना चाहिए.

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