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CM योगी की पहल, बंजर जमीन पर उगेगा सोना, नागफनी की खेती से किसान होंगे मालामाल

CM Yogi: इस खेती में किसानों को न तो ज्यादा मेहनत करनी होगी और न ही ज्यादा खर्च. जैसे ही नागफनी की फसल तैयार होगी, सरकार खुद ही किसानों के खेत से इसकी पत्तियां खरीदवाएगी.

Image Source: Social Media
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Cacti Farming Yojana: उत्तर प्रदेश में अब किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए एक नई और बेहद आसान खेती की शुरुआत होने जा रही है, जिसका नाम है नागफनी (कैक्टस) की खेती. उद्यान विभाग प्रदेश के किसानों को बड़े पैमाने पर नागफनी की व्यावसायिक खेती से जोड़ने जा रहा है. खास बात यह है कि इस खेती में किसानों को न तो ज्यादा मेहनत करनी होगी और न ही ज्यादा खर्च. जैसे ही नागफनी की फसल तैयार होगी, सरकार खुद ही किसानों के खेत से इसकी पत्तियां खरीदवाएगी. इन पत्तियों से दवाइयां और सौंदर्य प्रसाधन बनाए जाएंगे, जिससे किसानों को सीधा फायदा मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी.

37 जिलों में होगी शुरुआत, बेकार जमीन भी बनेगी कमाई का जरिया


पहले चरण में उत्तर प्रदेश के 37 जिलों में नागफनी की खेती कराई जाएगी. इसके लिए केवल खेती वाली जमीन ही नहीं, बल्कि खेतों की मेड़, खाली पड़ी जमीन, ऊसर, बंजर और बीहड़ भूमि को भी चुना जाएगा. खासकर बुंदेलखंड और विंध्य क्षेत्र जैसे सूखा प्रभावित इलाकों में यह खेती बहुत फायदेमंद साबित हो सकती है. नागफनी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसे बहुत कम पानी की जरूरत होती है और यह कठिन जमीन पर भी आसानी से उग जाती है.

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किसानों को मिलेगा पूरा सहयोग, वो भी बिल्कुल मुफ्त


उद्यान विभाग इस योजना के तहत किसानों को पौधे, खाद और जरूरी सामग्री बिल्कुल मुफ्त देगा. अगर किसी कारण से फसल खराब हो जाती है या नष्ट हो जाती है, तो विभाग अनुदानित दर पर दोबारा पौधे भी उपलब्ध कराएगा. इसके अलावा किसानों को यह भी बताया जाएगा कि कब सिंचाई करनी है, कब निराई-गुड़ाई करनी है और कैसे जैव उर्वरकों का सही इस्तेमाल करना है. विभाग की तरफ से किसानों को मिनी किट भी दी जाएगी, ताकि फसल अच्छी और सुरक्षित रहे.

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फसल बिकवाने की जिम्मेदारी भी सरकार की


किसानों को बाजार ढूंढने की चिंता करने की जरूरत नहीं होगी. जैसे ही नागफनी की पत्तियां तैयार होंगी, उद्यान विभाग उनकी हार्वेस्टिंग कराएगा और उन्हें सीधे औद्योगिक इकाइयों को मुनाफे के साथ बिक्री कराएगा. यानी किसान सिर्फ खेती पर ध्यान दें, बाकी सारा काम सरकार संभालेगी.

ड्रैगन फ्रूट की खेती पहले से चल रही है


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नागफनी की एक खास प्रजाति ड्रैगन फ्रूट की खेती पहले से ही उत्तर प्रदेश के 18 जिलों में कराई जा रही है. इन जिलों के 90 ग्राम पंचायतों में किसान इसकी खेती कर रहे हैं और अच्छा मुनाफा कमा रहे हैं. इनमें गोरखपुर, प्रयागराज, वाराणसी, जौनपुर, बाराबंकी, सहारनपुर, बरेली, अलीगढ़ जैसे जिले शामिल हैं. इससे साफ है कि नागफनी की खेती प्रदेश में पहले ही सफल साबित हो रही है.

सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद है नागफनी


नागफनी सिर्फ खेती के लिए ही नहीं, बल्कि सेहत के लिए भी बहुत उपयोगी है. इसमें फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट (जैसे विटालिन), विटामिन C और मिनरल्स भरपूर मात्रा में होते हैं. कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार, इसका फाइबर कब्ज दूर करता है और पेट को स्वस्थ रखता है. यह शरीर की सूजन को कम करता है, जिससे गठिया और हृदय रोग का खतरा घटता है. यह ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने में भी मदद करता है, जो मधुमेह के मरीजों के लिए बहुत फायदेमंद है.

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त्वचा और इम्यूनिटी के लिए भी वरदान


नागफनी इम्यूनिटी बढ़ाने में भी सहायक है. इसमें मौजूद विटामिन C शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है. इसके अलावा यह त्वचा के लिए भी बहुत अच्छा माना जाता है. यह स्किन को नमी देता है, झुर्रियों और पिंपल्स को कम करता है और सूरज की हानिकारक किरणों से बचाव करता है. इसी वजह से इसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स में भी तेजी से बढ़ रहा है.

किसानों की आमदनी और प्रदेश की तरक्की का मजबूत जरिया

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नागफनी की खेती उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए कम लागत, ज्यादा मुनाफे वाला विकल्प बन सकती है. इससे न सिर्फ किसानों की आमदनी बढ़ेगी, बल्कि यह प्रदेश को वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी बनाने के लक्ष्य में भी बड़ा योगदान देगी.  आसान खेती, सरकारी सहयोग और तय बाजार के साथ नागफनी भविष्य की खेती साबित हो सकती है

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