Advertisement
CM योगी का बड़ा फैसला, अब गन्ना किसानों से नहीं लिया जाएगा लोडिंग-अनलोडिंग चार्ज
UP Sugarcane Farmers: पिछले आठ सालों में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गन्ना किसानों के हित में कई बड़े कदम उठाए हैं. प्रदेश में 4 नई चीनी मिलें खोली गईं और 6 बंद मिलों को फिर से चालू किया गया.
Advertisement
CM Yogi: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार किसानों के लिए राहत भरे फैसले ले रहे हैं. इसी कड़ी में उन्होंने गन्ना किसानों के लिए एक बेहद बड़ी राहत की घोषणा की है. राज्य सरकार ने यह साफ कर दिया है कि अब गन्ना क्रय केंद्रों पर किसानों से लोडिंग और अनलोडिंग का कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा. यह फैसला इसलिए और महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि कई जगहों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि किसानों से जबरन पैसे वसूल किए जा रहे हैं. ऐसे में यह कदम किसानों के आर्थिक बोझ को कम करेगा और सरकार की उनकी समस्याओं को लेकर संवेदनशीलता भी दिखाता है.
शिकायतें बढ़ीं तो तुरंत हुई कार्रवाई
प्रदेश के कई जिलों में 2025–26 का गन्ना पेराई सत्र शुरू हो चुका है. इसी दौरान कई किसानों ने बताया कि चीनी मिलों और गन्ना क्रय केंद्रों पर उनसे लोडिंग और अनलोडिंग के नाम पर पैसे मांगे जा रहे थे. इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गन्ना आयुक्त मिनिस्ती एस. ने तुरंत सख्त कदम उठाए. उन्होंने सभी अधिकारियों को आदेश दिया कि किसानों से किसी भी तरह का शुल्क लेना पूरी तरह बंद किया जाए. साथ ही यह भी साफ कर दिया गया कि अगर कोई कर्मचारी या कोई मिल ऐसा करती मिली, तो उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी.
Advertisement
गन्ना केंद्रों पर अब होगी कड़ी निगरानी
Advertisement
गन्ना आयुक्त ने यह भी कहा कि सभी गन्ना क्रय केंद्रों की निगरानी और जांच बढ़ाई जाएगी. अधिकारियों को आदेश दिया गया है कि वे समय-समय पर केंद्रों का औचक निरीक्षण करें. अगर निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि किसानों से वसूली की जा रही है, तो संबंधित कर्मचारियों और ट्रांसपोर्टरों पर उत्तर प्रदेश गन्ना विनियमन अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई होगी. सरकार यह भी सुनिश्चित कर रही है कि गन्ना डायवर्जन जैसी समस्याओं पर रोक लगे, ताकि किसानों को किसी नुकसान का सामना न करना पड़े.
दोषियों पर होगी सख्त कार्रवाई
Advertisement
सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अगर कोई तौल लिपिक, मिल प्रबंधन या ट्रांसपोर्टर किसानों से अवैध शुल्क वसूलता मिला, तो उसका दायित्व तय किया जाएगा और उस पर कार्रवाई भी की जाएगी. इस कदम का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि किसान बिना डर और बिना अतिरिक्त खर्च के अपना गन्ना बेच सकेंगे. सरकार का उद्देश्य यह है कि किसानों की कमाई में कटौती न हो और पूरा लाभ उन्हें मिले, न कि बीच में अवैध वसूली करने वालों को.
योगी सरकार ने गन्ना क्षेत्र में किए बड़े सुधार
यह भी पढ़ें
पिछले आठ सालों में योगी आदित्यनाथ की सरकार ने गन्ना किसानों के हित में कई बड़े कदम उठाए हैं. प्रदेश में 4 नई चीनी मिलें खोली गईं और 6 बंद मिलों को फिर से चालू किया गया. इसके अलावा 42 मिलों की क्षमता भी बढ़ाई गई है, जिसकी वजह से उत्पादन इतना बढ़ गया है कि यह लगभग 8 नई मिलों के बराबर है. इतना ही नहीं, दो चीनी मिलों में सीबीजी (कंप्रेस्ड बायो गैस) प्लांट भी लगाए गए हैं, जो गन्ने से वैकल्पिक ऊर्जा बनाने में मदद करेंगे. इससे न केवल किसानों को फायदा होगा बल्कि ऊर्जा क्षेत्र में भी नई संभावनाएं खुलेंगी.