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CM योगी की बड़ी पहल, माघ मेला में श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए दस योजनाएं लागू, आपात स्थिति में होगी तुरंत कार्रवाई

CM Yogi: माघ मेला में सुरक्षा, सुगम यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए ये दस योजनाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं. संगम नोज, घाट और आसपास के मुख्य क्षेत्रों में निरंतर निगरानी और समन्वय से श्रद्धालु सुरक्षित रहेंगे.

Image Source: Social Media
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Magh Mela 2026: माघ मेला में हर साल लाखों श्रद्धालु संगम स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं. इस दौरान सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण एक बड़ी चुनौती बन जाती है. इस वर्ष मेला प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुगम यातायात और आपात स्थिति में त्वरित कार्यवाही के लिए दस विशेष योजनाएं बनाई हैं. ये योजनाएं मेला क्षेत्र, संगम नोज और शहर के आसपास के मुख्य स्थानों पर लागू की जाएंगी, ताकि किसी भी स्थिति में तुरंत कदम उठाया जा सके.
 
दिशा निर्देश और पूर्वाभ्यास

मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल और पुलिस आयुक्त जोगेंद्र कुमार ने तीर्थराज सभागार में इन दस योजनाओं पर दिशा निर्देश जारी किए. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का पूर्वाभ्यास किया जाए, ताकि मेला के दौरान किसी भी आपात स्थिति में त्वरित और सही कदम उठाया जा सके। प्रवेश मार्गों और घाटों पर निरंतर गश्त एवं चेकिंग सुनिश्चित की जाएगी. इसका उद्देश्य अतिक्रमण और अव्यवस्था को रोकना, श्रद्धालुओं को घाटों पर रुकने या सोने से रोकना और उन्हें जरूरत पड़ने पर निर्धारित विश्राम स्थलों और शिविरों की ओर भेजना है.
 
आपातकालीन सूचना और समन्वय

अपर पुलिस आयुक्त डॉ. अजय पाल शर्मा ने सभी अधिकारियों को सलाह दी कि अगर किसी स्तर पर भी कोई कठिनाई उत्पन्न होती है, तो तुरंत उच्चाधिकारियों को सूचित किया जाए. जिला मजिस्ट्रेट मनीष कुमार वर्मा ने जोनल और सेक्टर प्रभारियों को पुलिस टीम के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया. इसका लक्ष्य पार्किंग, होल्डिंग एरिया और घाट क्षेत्रों पर सतत निगरानी रखना और किसी भी भीड़-भाड़ वाली स्थिति को नियंत्रित करना है.
 
दस योजनाओं का कार्यान्वयन

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मेल प्रशासन की दस योजनाओं के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में सुरक्षा और यातायात प्रबंधन सुनिश्चित किया जाएगा. योजना 1 से 4 तक संगम नोज और मुख्य मेला क्षेत्र में लागू होंगी। टिकरमाफी में दो योजनाएं लागू की जाएंगी. झूंसी, अरैल, बड़े हनुमान मंदिर और अक्षयवट क्षेत्र में प्रत्येक क्षेत्र में एक-एक योजना का पालन किया जाएगा. वहीं, नावों के संचालन और नाविकों को गाइडलाइन देने के लिए योजना संख्या 10 पर काम किया जाएगा.
 
भीड़ नियंत्रण और रूट डायवर्जन

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मेला एसपी नीरज पांडेय ने बताया कि अलग-अलग योजनाओं के तहत अत्यधिक भीड़ वाले स्थानों पर रूट डायवर्जन किया जाएगा. इसके जरिए श्रद्धालुओं को अलग-अलग मार्गों से भेजा जाएगा, ताकि किसी एक स्थान पर भीड़ की संख्या नियंत्रण से अधिक न हो। यह कदम भीड़ को व्यवस्थित करने और आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है.

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माघ मेला में सुरक्षा, सुगम यातायात और भीड़ नियंत्रण के लिए ये दस योजनाएं बेहद महत्वपूर्ण हैं. संगम नोज, घाट और आसपास के मुख्य क्षेत्रों में निरंतर निगरानी और समन्वय से श्रद्धालु सुरक्षित रहेंगे. प्रशासन का उद्देश्य है कि सभी श्रद्धालु अपने धार्मिक कर्तव्यों का पालन शांति और सुरक्षा के साथ कर सकें. इन तैयारियों से मेला 2026 एक व्यवस्थित, सुरक्षित और सफल आयोजन साबित होगा.

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