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CM योगी ने माफिया मुख्तार के अवैध कब्जे से मुक्त जमीन पर बने फ्लैटों की चाबी आवंटियों को सौंपी, कहा- अब माफिया प्रवृत्ति नहीं पनप पाएगी
लखनऊ में सीएम योगी आदित्यनाथ ने माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर बने 72 फ्लैटों की चाबियां गरीबों को सौंपीं. यह परियोजना सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना के तहत पूरी हुई है. सीएम ने बताया कि प्रदेश में अब तक 60 लाख से अधिक गरीबों को आवास मिल चुके हैं. मुख्तार की जमीन पर बने इन फ्लैटों के लिए 8 हजार से ज्यादा आवेदन आए, जिनमें 5,700 लोग योग्य पाए गए.
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उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने माफिया मुख्तार अंसारी के अवैध कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर बनाए गए 72 फ्लैटों की चाबियां खुद आवंटियों को सौंपीं. यह जमीन लखनऊ के डालीबाग इलाके में स्थित थी, जहां पहले मुख्तार अंसारी की बहुमंजिला कोठी बनी हुई थी. प्रशासन ने अवैध कब्जा हटाकर उस कोठी को ध्वस्त किया और अब उसी स्थान पर गरीब परिवारों के लिए मकान बनाए गए हैं. इस परियोजना को सरदार वल्लभभाई पटेल आवासीय योजना का नाम दिया गया है.
कार्यक्रम के दौरान सीएम योगी आदित्यनाथ ने आवासों का निरीक्षण किया और कहा कि सरकार गरीबों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है. इस योजना के तहत बनाए गए हर फ्लैट का क्षेत्रफल 36.65 वर्ग मीटर है, जिसकी कीमत 10.70 लाख रुपये तय की गई है. इन घरों के लिए 8 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया था. फ्लैटों में स्वच्छ पेयजल, बिजली, सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
60 लाख गरीबों को मिला आवास
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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दौरान कहा कि उनकी सरकार ने अबतक प्रदेश में 60 लाख से अधिक गरीबों को एक-एक आवास उपलब्ध करवाया है. गरीबों को अपना घर देने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत माफियाओं से मुक्त कराई गई जमीन पर आवास बनाकर उन्हें आवंटित किए गए हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जानकारी दी कि माफिया मुख्तार अंसारी के कब्जे से मुक्त कराई गई जमीन पर 72 आवास बनाए गए हैं, जबकि इसके लिए 8 हजार से अधिक लोगों ने आवेदन किया था. इनमें से 5,700 लोग योग्य पाए गए हैं. उन्होंने कहा कि मैंने लखनऊ विकास प्राधिकरण से भी अनुरोध किया है कि इन योग्य लोगों के लिए नई योजना निकालकर उन्हें सस्ते दरों पर आवास उपलब्ध कराए जाएं.
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यह एक संदेश है: सीएम योगी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह सिर्फ एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक संदेश है. अगर किसी गरीब, व्यापारी, सार्वजनिक संपत्ति या सरकारी भूमि पर किसी माफिया या अपराधी ने कब्जा किया, तो उसका वही हाल होगा जो यहां किया गया है. आज जिस जगह गरीबों को आशियाना मिला है, वह लखनऊ की सबसे प्राइम लोकेशन में से एक है. सीएम योगी ने कहा कि एक आवास, जिसे लखनऊ विकास प्राधिकरण ने 10 लाख 70 हजार रुपये में उपलब्ध कराया है, उसकी बाजार कीमत करीब 1 करोड़ रुपये तक होगी. यह मेरी इच्छा थी कि जब हम माफियाओं से अवैध कब्जे की जमीन खाली कराएंगे, तो उसी जगह पर गरीबों के लिए आवास बनाएंगे. मुख्यमंत्री ने आगे कहा, 'यह उन लोगों के लिए भी संदेश है, जो माफियाओं को अपना शागिर्द बनाते हैं, उनकी कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं और उन्हें गले लगाकर गरीबों का शोषण करते हैं.'
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अब नहीं पनप पाएगी माफिया वृत्ति
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर हमला करते हुए कहा कि 'याद कीजिए, वे लोग जिन्होंने उत्तर प्रदेश को बीमारू प्रदेश बना दिया, माफियाओं की गिरफ्त में पहुंचा दिया. वही लोग हैं जो जाति की राजनीति करते हैं, समाज को बांटते हैं और जातीय नरसंहार करवाते हैं. लेकिन जब ऐसे लोग सत्ता से बेदखल हो जाते हैं, तो माफियाओं की कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ते हैं.उनकी संवेदना कभी भी गरीबों के प्रति नहीं रही. लेकिन अब प्रदेश में माफिया वृत्ति कभी पनप नहीं पाएगी.'
महज 10.70 लाख रुपये कीमत में मिला एक करोड़ का फ़्लैट
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इन फ्लैटों का बाजार मूल्य करीब 35 लाख रुपये आंका गया है, लेकिन लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने इन्हें मात्र 10.70 लाख रुपये की किफायती दर पर उपलब्ध कराया है. यह पहल गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो रही है. एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि पंजीकरण से लेकर लॉटरी प्रक्रिया तक हर चरण को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया गया. उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों ने लगातार 36 घंटे तक काम करके यह सुनिश्चित किया कि पात्र लाभार्थियों को बिना किसी देरी के उनके घरों की चाबियां सौंपी जा सकें.