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सीएम नायब सिंह सैनी का सदन में जवाब: हाउस अरेस्ट आरोपों का खंडन, गुरुग्राम-फरीदाबाद-नोएडा RRTS कॉरिडोर को मंजूरी और छछरौली को मालिकाना हक की घोषणा

मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर संयुक्त सचिवालय बनाया गया है, ताकि अंतर्राज्यीय तस्करी पर रोक लगे.उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं और मानस पोर्टल के माध्यम से सूचना मिलने पर पुलिस गुप्त पहचान रखते हुए कार्रवाई करती है.

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हरियाणा विधानसभा बजट सत्र के चौथे दिन बुधवार को भी सदन में हंगामा देखने को मिला.प्रश्नकाल में सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों ने सरकार से 20 सवालों के जवाब मांगे. सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि लोकतंत्र में सभी को अपनी बात कहने का अधिकार है.

विपक्ष का हाउस अरेस्ट को लेकर आरोप

विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट कर सरकार तानाशाही का काम कर रही है, जिस पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जवाब दिया कि हमारी पुलिस ने किसी को हाउस अरेस्ट नहीं किया है और न ही हमारे पास कोई ऐसी जानकारी है.मैंने कल भी कहा था कि चंडीगढ़ प्रशासन ने सेक्टर 25 का मैदान तय किया है.आप वहां जाकर विरोध प्रदर्शन कर सकते हैं.

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गुरुग्राम–फरीदाबाद–नोएडा RRTS कॉरिडोर को मंजूरी

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इसके बाद मुख्यमंत्री नायब सैनी ने सदन में बताया कि 24 फरवरी को एक बैठक हुई थी, जिसमें गुरुग्राम से फरीदाबाद और नोएडा के बीच बनने वाले रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम कॉरिडोर के अंतिम एलाइनमेंट को स्वीकृति दी गई.इस कॉरिडोर का 52 किलोमीटर का भाग हरियाणा में होगा.ये गुरुग्राम के इफको चौक से शुरू होकर फरीदाबाद और नोएडा को जोड़ेगा, जिससे ट्रांसपोर्ट की सुविधा मिलेगी.ये गुरुग्राम की मेट्रो लाइन से भी जुड़ेगा और फरीदाबाद में 16 किलोमीटर का इंटीग्रेटेड सेक्शन जुड़ेगा.इसकी जल्द ही जानकारी प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर काम पूरा किया जाएगा.

मुख्यमंत्री ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के साथ मिलकर संयुक्त सचिवालय बनाया गया है, ताकि अंतर्राज्यीय तस्करी पर रोक लगे.उन्होंने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं और मानस पोर्टल के माध्यम से सूचना मिलने पर पुलिस गुप्त पहचान रखते हुए कार्रवाई करती है.संतों और खाप प्रतिनिधियों को भी नशा रोकने के अभियान में शामिल किया गया है, फिर भी कुछ मामलों में बाहर से नशा पहुंचने की घटनाएं सामने आ रही हैं.

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छछरौली गांव के निवासियों को मालिकाना हक

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उन्होंने कहा, "1887 से अब तक सरकार के पास मालिकाना हक रहा.पूरा शहर सरकारी भूमि पर बसा है, ये गैर-मुमकिन आबादी के रूप में विकसित है.यहां सैकड़ों परिवार कई पीढ़ियों से रह रहे हैं, 2020 तक इन संपत्तियों की रजिस्ट्री होती रही, इसमें लोगों का विश्वास और अधिकार जुड़े रहे.तकनीकी आधार पर इन लोगों को असुरक्षित नहीं रखा जा सकता.मैं आज छछरौली गांव की जमीन का विस्तृत सर्वे और रिकॉर्ड के जरिए उनको मालिकाना हक दिए जाने की घोषणा करता हूं..”

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