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सिवनी लूट कांड पर सीएम मोहन यादव का सख्त रुख, एसडीओपी सहित 11 पुलिसकर्मी निलंबित, पांच हिरासत में

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना, अपराध मुक्त वातावरण बनाना और नागरिकों की सुरक्षा पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों का मुख्य दायित्व है. अपने कर्तव्यों से हटकर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी.

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मध्य प्रदेश के सिवनी जिले में हवाला के लगभग तीन करोड़ रुपए की रकम लूट मामले में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कार्रवाई के निर्देश दिए, जिस पर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (एसडीओपी) पूजा पांडे समेत पांच पुलिस कर्मियों को हिरासत में लिया गया है. सीएम मोहन यादव ने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर नहीं बख्शा जाएगा. 

सिवनी लूट कांड में एसडीओपी सहित पांच हिरासत में

दरअसल, बीते दिनों सिवनी में वाहन चेकिंग के दौरान एक वाहन से हवाला के दो करोड़ 96 लाख रुपए बरामद किए गए थे. इस रकम को एसडीओपी पांडे सहित पुलिस कर्मियों ने हजम कर लिया. यह बात तब सामने आई, जब व्यापारी ने सिवनी पुलिस कोतवाली में शिकायत की. पुलिस ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीओपी पांडे सहित 11 पुलिस कर्मियों को निलंबित कर दिया.

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मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिवनी लूट मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. सिवनी एसडीओपी पूजा पांडे सहित 11 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है, जिनमें से पांच आरोपियों को हिरासत में ले लिया गया है. इसमें एसडीओपी सिवनी पूजा पांडे, एसआई अर्पित भैरम, कॉन्स्टेबल योगेंद्र, नीरज और जगदीश शामिल हैं.

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मुख्यमंत्री यादव ने अधिकारियों को दी चेतावनी

मुख्यमंत्री यादव ने कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था बनाए रखना, अपराध मुक्त वातावरण बनाना और नागरिकों की सुरक्षा पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारियों का मुख्य दायित्व है. अपने कर्तव्यों से हटकर कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को राज्य सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी.

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कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा

उन्होंने सिवनी प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि सिवनी प्रकरण में जो भी दोषी पाए गए हैं, उनके खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ कानूनी कार्रवाई भी होगी. प्रदेश में कानून सबके लिए बराबर है. कानून का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह कोई भी हो. राज्य सरकार प्रदेश में सुशासन स्थापित करने के लिए सतत रूप से कार्य कर रही है. इस दिशा में किसी का हस्तक्षेप सहन नहीं होगा.

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बताया गया है कि सिवनी मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 310(2) डकैती, 126(2) गलत तरीके से रोकना, 140(3) अपहरण और 61(2) आपराधिक षडयंत्र के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया है. हिरासत में लिए गए 5 अधिकारी एवं कर्मचारियों के अलावा जिनके विरूद्ध एफआईआर दर्ज की गई, उनमें प्रधान आरक्षक माखन, प्रधान आरक्षक राजेश जंघेला, प्रधान आरक्षक रविंद्र उईके, आरक्षक रितेश वर्मा, एसएएफ आरक्षक केदार और एसएएफ आरक्षक सुभाष सदाफल शामिल हैं.

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